2 HGST और किसी जन ने यीशु और उसके चेलों को भी उस विवाह में आमंत्रित किया हुआ था। BSB BSB: and Jesus and His disciples had also been invited to the wedding.
3 HGST { मेजबानों ने विवाह में आए हुए लोगों को दाखरस परोसा और} वे उनका सारा दाखरस पी गए।{ इसलिए} यीशु की माता ने उससे कहा,“उनके पास दाखरस समाप्त हो गया है।{ कृपया इस बारे में कुछ कर।}” BSB BSB: When the wine ran out, Jesus’ mother said to Him, “They have no more wine.”
4 HGST तब यीशु ने उससे कहा,“हे महोदया, इसका मुझ से या तुझ से क्या लेना- देना है? मेरा{ वह चुना हुआ} समय कि अपनी{ सेवा}{ को आरम्भ करूँ} अभी नहीं आया है।” BSB BSB: “Woman, what is that to you and to Me?” Jesus replied. “My hour has not yet come.”
6 HGST (वहाँ पत्थर के छः{ खाली} मर्तबान रखे हुए थे। उनमें पानी रखा जाता था{ ताकि लोग} यहूदियों के धार्मिक शुद्धिकरण के नियमों{ के अनुसार स्वयं को शुद्ध कर सकें}। प्रत्येक मर्तबान में 80 से लेकर 120 लीटर तक{ पानी} समा सकता था।) BSB BSB: Now six stone water jars had been set there for the Jewish rites of purification. Each could hold from twenty to thirty gallons.
7 HGST यीशु सेवकों से बोला,“मर्तबानों को पानी से भर दो।” अतः उन्होंने मर्तबानों को ऊपर तक पूरी तरह से भर दिया। BSB BSB: Jesus told the servants, “Fill the jars with water.” So they filled them to the brim.
8 HGST फिर उसने उनसे कहा,“अब, किसी मर्तबान में से थोड़ा पानी निकालो और उसे विवाह भोज के प्रधान के पास लेकर जाओ।” अतः सेवकों ने वैसा ही किया। BSB BSB: “Now draw some out,” He said, “and take it to the master of the banquet.” They did so,
9 HGST तब विवाह भोज के प्रधान ने उस पानी को चखा, जो कि अब दाखरस बन गया था।(वह नहीं जानता था कि वह दाखरस कहाँ से आया था, यद्यपि वे सेवक जानते थे जिन्होंने पानी निकाला था।) और उसने दुल्हे को{ अपने पास} बुलाया। BSB BSB: and the master of the banquet tasted the water that had been turned into wine. He did not know where it was from, but the servants who had drawn the water knew. Then he called the bridegroom aside
10 HGST फिर वह दुल्हे से बोला,“हर कोई पहले उत्तम दाखरस परोसता है और बाद में ओछा दाखरस परोसता है, जब मेहमान नशे में बहुत चूर हो जाते हैं{ और भिन्नता नहीं बता पाते}। हालाँकि, तूने अब तक उत्तम दाखरस को बचाया हुआ है।” BSB BSB: and said, “Everyone serves the fine wine first, and then the cheap wine after the guests are drunk. But you have saved the fine wine until now!”
11 HGST वह उन चमत्कारिक चिन्हों में से प्रथम चिन्ह था जो यीशु ने किया था। यह उसने काना नगर में किया था, जो गलील प्रान्त में स्थित है। वहाँ उसने प्रदर्शित किया कि वह कितना महान है। अतः उसके चेलों ने उस पर विश्वास किया। BSB BSB: Jesus performed this, the first of His signs, at Cana in Galilee. He thus revealed His glory, and His disciples believed in Him.
12 HGST इस चमत्कार को करने के कुछ समय बाद, यीशु और उसकी माता और उसके भाई, उसके चेलों के साथ, कफरनहूम नगर को नीचे गए। और वे कुछ दिन के लिए वहाँ ठहरे रहे। BSB BSB: After this, He went down to Capernaum with His mother and brothers and His disciples, and they stayed there a few days.
13 HGST अब यह यहूदी फसह का पर्व मनाने का समय आ ही गया था, इसलिए यीशु यरूशलेम नगर को गया। BSB BSB: When the Jewish Passover was near, Jesus went up to Jerusalem.
14 HGST वहाँ मंदिर{ के आँगन} में उसने{ वहाँ बलिदान चढ़ाने वालों को} पशु, भेड़, और कबूतर बेचने वाले मनुष्यों को देखा। उसने{ मंदिर की मुद्रा से} मुद्रा बदलने वाले मनुष्यों को मेज़ लगाए बैठे{ हुए भी देखा}। BSB BSB: In the temple courts He found men selling cattle, sheep, and doves, and money changers seated at their tables.
15 HGST इसलिए यीशु ने लट वाली कुछ चमड़े की पट्टियों से एक कोड़ा बनाया, और उसने उन सब लोगों को पशुओं और भेड़ों{ समेत} मंदिर से बाहर निकालने के लिए उसका उपयोग किया। उसने मुद्रा बदलने वालों के सिक्कों को भी भूमि पर बिखेर दिया और उनकी मेजों को पलट दिया। BSB BSB: So He made a whip out of cords and drove all from the temple courts, both sheep and cattle. He poured out the coins of the money changers and overturned their tables.
16 HGST जो कबूतर बेच रहे थे उनसे वह बोला,“इन कबूतरों को यहाँ से बाहर ले जाओ! मेरे पिता के घर को बाजार में परिवर्तित मत करो!” BSB BSB: To those selling doves He said, “Get these out of here! How dare you turn My Father’s house into a marketplace!”
17 HGST { इस घटना ने} उसके चेलों को उस विषय में स्मरण दिलाया जो किसी ने{ बहुत समय पहले पवित्रशास्त्र में} लिखा था,“{ हे परमेश्वर,} मैं तेरे मंदिर से इतना प्रेम करता हूँ, कि मैं इसके लिए मिट भी जाऊँगा।” BSB BSB: His disciples remembered that it is written: “Zeal for Your house will consume Me.”
18 HGST तब यहूदी अगुवों ने यीशु से प्रश्न करते हुए प्रतिक्रिया दी,“तू हमारे लिए कौन सा चमत्कार कर सकता है{ कि साबित हो कि तेरे पास इन कामों को करने का परमेश्वर की ओर से अधिकार है} जिनको तू कर रहा है?” BSB BSB: On account of this, the Jews demanded, “What sign can You show us to prove Your authority to do these things?”
19 HGST यीशु ने उनको प्रतिउत्तर दिया,“यदि तुम इस मंदिर को नष्ट कर दो, तब मैं तीन दिन में इसे पुनर्निर्मित कर दूँगा।” BSB BSB: Jesus answered, “Destroy this temple, and in three days I will raise it up again.”
20 HGST तो यहूदी अगुवों ने कहा,“इस मंदिर का निर्माण होने में 46 वर्ष लगे।{ क्या तू यह कह रहा है कि} तू इस सम्पूर्ण मंदिर को केवल तीन दिन में पुनर्निर्मित करने जा रहा है?” BSB BSB: “This temple took forty-six years to build,” the Jews replied, “and You are going to raise it up in three days?”
21 HGST हालाँकि, जिस मंदिर के बारे में यीशु कह रहा था वह उसकी अपनी देह थी,{ न कि मंदिर का भवन}। BSB BSB: But Jesus was speaking about the temple of His body.
22 HGST { इस कथन के} परिणामस्वरूप, उसके चेलों ने इन बातों को स्मरण किया जो उसने परमेश्वर द्वारा यीशु को मृतकों में से जीवित करने के बाद कही थीं। तब उन्होंने जो पवित्रशास्त्र कहता था और जो स्वयं यीशु ने कहा था दोनों पर विश्वास किया। BSB BSB: After He was raised from the dead, His disciples remembered that He had said this. Then they believed the Scripture and the word that Jesus had spoken.
23 HGST बाद में, जब फसह का पर्व मनाने के समय यीशु यरूशलेम में था, तो पर्व के{ दिनों के} दौरान, बहुत से लोगों ने उस पर विश्वास किया क्योंकि उन्होंने उन चमत्कारों को देखा था जो वह लगातार कर रहा था। BSB BSB: While He was in Jerusalem at the Passover Feast, many people saw the signs He was doing and believed in His name.
24 HGST फिर भी, क्योंकि यीशु जानता था कि सब लोग किसके समान थे, इसलिए उसने उन पर भरोसा नहीं किया। BSB BSB: But Jesus did not entrust Himself to them, for He knew them all.
25 HGST यीशु{ ने इसलिए भी उन पर भरोसा नहीं किया} क्योंकि उसे किसी जन की आवश्यकता नहीं थी कि उसे मनुष्यों के विषय में बताए।{ ऐसा इसलिए है} क्योंकि वह जानता था कि लोग क्या{ सोचते हैं और क्या चाहते हैं}। BSB BSB: He did not need any testimony about man, for He knew what was in a man.