2 HGST फरीसियों ने देखा कि यीशु के चेले उनकी विशेष परम्परा के पालन में अक्सर हाथ धोए बिना ही भोजन कर लेते थे। BSB BSB: and they saw some of His disciples eating with hands that were defiled—that is, unwashed.
3 HGST फरीसी और बाकी के सब यहूदी अपने पूर्वजों द्वारा सिखाई गई उनकी परम्पराओं को सख्ती से पालन करते थे। उदाहरण के लिए, जब तक वे अपने हाथों को एक विशेष रीति से धो नहीं लेते थे तब तक भोजन नहीं करते थे, BSB BSB: Now in holding to the tradition of the elders, the Pharisees and all the Jews do not eat until they wash their hands ceremonially.
4 HGST विशेष रूप से उस समय जब वे बाजारों से सामान खरीदकर लौटते थे। वे सोचते थे कि यदि उन्होंने ऐसा नहीं किया तो परमेश्वर उनसे क्रोधित हो जाएगा, क्योंकि क्या मालूम उन्हें या जो सामान उन्होंने खरीदा हो उसे किसी ऐसे व्यक्ति या वस्तु ने छुआ हो जो परमेश्वर को अस्वीकार्य हो। BSB BSB: And on returning from the market, they do not eat unless they wash. And there are many other traditions for them to observe, including the washing of cups, pitchers, kettles, and couches for dining.
5 HGST उसी दिन, फरीसियों और यहूदी व्यवस्था का अध्ययन करने वाले मनुष्यों ने देखा कि उसके कुछ चेले अपने हाथों को विशेष रीति से धोए बिना भोजन कर रहे थे। इसलिए उन्होंने यीशु से प्रश्न करते हुए कहा,“तेरे चेले हमारे पूर्वजों की परम्पराओं की अवज्ञा करते हैं! यदि उन्होंने हमारी रीति से अपने हाथों को नहीं धोया तो वे भोजन क्यों खा लेते हैं!” BSB BSB: So the Pharisees and scribes questioned Jesus: “Why do Your disciples not walk according to the tradition of the elders? Instead, they eat with defiled hands.”
6 HGST यीशु ने उनसे कहा,“यशायाह ने तुम्हारे पूर्वजों को डांटा था, और उसके वचन तुम लोगों का वर्णन बड़े अच्छे से करते हैं जो भले होने का ढोंग करते हैं! उसने इन शब्दों को लिखा जो परमेश्वर ने कहे थे:‘ये लोग ऐसे बात करते हैं जैसे कि वे मेरा सम्मान करते हैं, परन्तु वास्तव में वे मेरा सम्मान करने के विषय में बिलकुल भी नहीं सोचते। BSB BSB: Jesus answered them, “Isaiah prophesied correctly about you hypocrites, as it is written: ‘These people honor Me with their lips, but their hearts are far from Me.
7 HGST उनके लिए मेरी आराधना करना बेकार है, क्योंकि वे केवल उन्हीं बातों को सिखाते हैं जो लोग कहते हैं, जैसे कि मानो मैंने उन बातों की आज्ञा दी हो।’ BSB BSB: They worship Me in vain; they teach as doctrine the precepts of men.’
8 HGST अपने पूर्वजों के समान, तुम भी उन बातों का पालन करने से इन्कार करते हो जिनकी आज्ञा परमेश्वर ने दी है। बजाए इसके, तुम केवल उन्हीं परम्पराओं का पालन करते हो जो दूसरों ने सिखाई हैं।” BSB BSB: You have disregarded the commandment of God to keep the tradition of men.”
10 HGST उदाहरण के लिए, तुम्हारे पूर्वज मूसा ने परमेश्वर की आज्ञा को लिखा था कि‘अपने पिता और अपनी माता का आदर करना।’ उसने यह भी लिखा था कि‘जो व्यक्ति अपने पिता और अपनी माता के विषय में बुरी बातें बोले ऐसे मनुष्य को अधिकारी लोग मृत्युदंड दें।’ BSB BSB: For Moses said, ‘Honor your father and your mother’ and ‘Anyone who curses his father or mother must be put to death.’
11 HGST परन्तु तुम लोगों को सिखाते हो कि यदि तुम अपने माता- पिता को अपनी वस्तुएँ देने के बजाए उन्हें परमेश्वर को देते हो तो यह सही बात है। तुम उन्हें अपने माता- पिता से ऐसा कहने की अनुमति प्रदान करते हो कि‘जो मैं तुम्हें उपबल्ध करवाने के लिए तुम्हें देने वाला था, अब वह मैंने परमेश्वर को देने की प्रतिज्ञा की है। इसलिए अब मैं तुम्हारी सहायता नहीं कर सकता!’ BSB BSB: But you say that if a man says to his father or mother, ‘Whatever you would have received from me is Corban’ (that is, a gift devoted to God),
12 HGST इसके परिणामस्वरूप, तुम वास्तव में लोगों से कह रहे हो कि अब उन्हें अपने माता- पिता की सहायता करने की आवश्यकता नहीं है। BSB BSB: he is no longer permitted to do anything for his father or mother.
13 HGST इस रीति से तुम परमेश्वर की आज्ञा की अवहेलना करते हो! तुम दूसरों को अपनी बातें सिखाते हो और उनसे कहते हो कि उन्हें उनका पालन करना चाहिए। और तुम ऐसे ही और भी बहुत से काम करते हो।” BSB BSB: Thus you nullify the word of God by the tradition you have handed down. And you do so in many such matters.”
15 HGST जो कुछ भी लोग खाते हैं उसके कारण परमेश्वर उनको अशुद्ध नहीं समझता। इसके विपरीत, यह वही बात है जो लोगों को अंतर्मन से निकलती है जो परमेश्वर के द्वारा उन्हें अशुद्ध समझने का कारण बनती है।” BSB BSB: Nothing that enters a man from the outside can defile him; but the things that come out of a man, these are what defile him.”
16 HGST जो कुछ तुमने मुझे कहते हुए सुना है उसके विषय में तुम सब को ध्यानपूर्वक विचार करना चाहिए। BSB BSB: Not in the BSB
17 HGST इसके बाद भीड़ को छोड़कर यीशु अपने चेलों के साथ एक घर में गया। उन्होंने उससे उस दृष्टांत के विषय में उससे प्रश्न किया जो उसने अभी बोला था। BSB BSB: After Jesus had left the crowd and gone into the house, His disciples inquired about the parable.
19 HGST हमारे मनों में प्रवेश करके उसे बिगाड़ने के बजाए, यह हमारे पेट में चला जाता है, और बाद में हमारे शरीर से शौच में बाहर निकल जाता है।” ऐसा कहने के द्वारा, यीशु यह घोषणा कर रहा था कि परमेश्वर के लिए उनके अस्वीकार्य होने का कारण हुए बिना लोग कोई भी भोजन खा सकते हैं। BSB BSB: because it does not enter his heart, but it goes into the stomach and then is eliminated.” (Thus all foods are clean.)
20 HGST उसने यह भी कहा,“यह विचार और कार्य ही होते हैं जो लोगों के भीतर से निकलते हैं, जो परमेश्वर के लिए उनके अस्वीकार्य होने का कारण बनते हैं। BSB BSB: He continued: “What comes out of a man, that is what defiles him.
21 HGST विशेष रूप से, यह किसी व्यक्ति का सबसे भीतरी अस्तित्व होता है जो उन्हें बुरी बातें सोचने के लिए प्रेरित करता है; वे अनैतिक कार्य करते हैं, वे वस्तुएँ चुराते हैं, वे हत्या करते हैं। BSB BSB: For from within the hearts of men come evil thoughts, sexual immorality, theft, murder, adultery,
22 HGST वे व्यभिचार करते हैं, वे लोभी होते हैं, वे दुर्भावना से कार्य करते हैं, वे लोगों को धोखा देते हैं। वे अशिष्टता से कार्य करते हैं, वे लोगों से ईर्ष्या करते हैं, वे दूसरों के बारे में बुरी बातें बोलते हैं, वे घमंड करते हैं, और वे मूर्खतापूर्ण कार्य करते हैं। BSB BSB: greed, wickedness, deceit, debauchery, envy, slander, arrogance, and foolishness.
23 HGST लोग इन विचारों को मन में लाते हैं, और फिर इन बुरे कार्यों को करते हैं, और परमेश्वर के लिए यही उनके अस्वीकार्य होने का कारण बनता है।” BSB BSB: All these evils come from within, and these are what defile a man.”
24 HGST यीशु और उसके चेले गलील से निकलकर, सोर और सीदोन के नगरों के आसपास के देश में गए। जिस समय वह एक घर में ठहरा हुआ था, तो वह नहीं चाहता था कि कोई इस बात को जाने, परन्तु लोगों को शीघ्र ही मालूम हो गया कि वह वहाँ था। BSB BSB: Jesus left that place and went to the region of Tyre. Not wanting anyone to know He was there, He entered a house, but was unable to escape their notice.
25 HGST एक स्त्री ने यीशु के विषय में सुना, जिसकी पुत्री में एक दुष्टात्मा समाई हुई थी। तुरन्त ही वह यीशु के पास आकर उसके पाँवों में गिरी। BSB BSB: Instead, a woman whose little daughter had an unclean spirit soon heard about Jesus, and she came and fell at His feet.
26 HGST अब वह स्त्री यहूदी नहीं थी। उसके पूर्वज भी यहूदी नहीं थे। वह स्वयं भी सीरिया जिले के फिनीके प्रांत में जन्मी थी। उसने यीशु से याचना की कि वह उसकी पुत्री में से दुष्टात्मा को निकाल दे। BSB BSB: Now she was a Greek woman of Syrophoenician origin, and she kept asking Jesus to drive the demon out of her daughter.
28 HGST उसने उसे प्रतिउत्तर दिया,“हे महोदय, जो तू कहता है वह सही है, परन्तु घर के कुत्ते भी तो मेज के नीचे पड़े- पड़े बच्चों के द्वारा गिराई हुई चूरचार को खाते हैं।” BSB BSB: “Yes, Lord,” she replied, “even the dogs under the table eat the children’s crumbs.”
30 HGST उस स्त्री ने अपने घर लौटकर देखा कि उसकी लड़की चुपचाप खाट पर लेटी हुई थी और वह दुष्टात्मा निकल गई थी। BSB BSB: And she went home and found her child lying on the bed, and the demon was gone.
31 HGST यीशु और उसके चेले सोर के आसपास के देश से निकलकर उत्तर की ओर सीदोन होते हुए, फिर पूर्व की ओर दस नगरों के क्षेत्र से होते हुए, और फिर दक्षिण की ओर गलील की झील के पास के नगरों में गए। BSB BSB: Then Jesus left the region of Tyre and went through Sidon to the Sea of Galilee and into the region of the Decapolis.
32 HGST वहाँ, लोग उसके पास एक व्यक्ति को लेकर आए जो बहरा था और बोल नहीं सकता था। उन्होंने यीशु से विनती की कि वह उसे चंगा करने के लिए उस पर अपने हाथ रखे। BSB BSB: Some people brought to Him a man who was deaf and hardly able to speak, and they begged Jesus to place His hand on him.
33 HGST अतः यीशु उसे भीड़ से दूर ले गया कि वे दोनों अकेले हो जाएँ। फिर उसने अपनी एक- एक उंगली उस व्यक्ति के कानों में डाली। अपनी उंगलियों पर थूकने के बाद, उसने अपनी उंगलियों से उस व्यक्ति की जीभ को छुआ। BSB BSB: So Jesus took him aside privately, away from the crowd, and put His fingers into the man’s ears. Then He spit and touched the man’s tongue.
34 HGST फिर उसने स्वर्ग की ओर देखकर आह भरी, और उसकी ही भाषा में उस व्यक्ति के कान में कहा,“इप्फत्तह,” जिसका अर्थ है,“खुल जा!” BSB BSB: And looking up to heaven, He sighed deeply and said to him, “Ephphatha!” (which means, “Be opened!”).
35 HGST उसी समय वह व्यक्ति साफ- साफ सुनने लगा। वह स्पष्ट रूप से बोलने भी लगा, क्योंकि जिस कारण से वह बोल नहीं पाता था, वह ठीक हो गया था। BSB BSB: Immediately the man’s ears were opened and his tongue was released, and he began to speak plainly.
36 HGST यीशु ने लोगों से कहा कि जो कुछ उसने किया है उसके विषय में किसी से कहना। यद्यपि उसने बार- बार उन्हें और दूसरों को इसके विषय में किसी को न बताने का आदेश दिया था, परन्तु वे इसके बारे में और भी बातें करते रहे। BSB BSB: Jesus ordered them not to tell anyone. But the more He ordered them, the more widely they proclaimed it.
37 HGST जिन लोगों ने इसके विषय में सुना वे बहुत चकित होकर कहने लगे,“जो कुछ उसने किया है वह अद्भुत है! दूसरे आश्चर्यजनक कार्यों के करने के अलावा, वह तो बहरों को भी सुनने में सक्षम करता है! और जो बोल नहीं सकते उनको वह बोलने में सक्षम करता है!” BSB BSB: The people were utterly astonished and said, “He has done all things well! He makes even the deaf hear and the mute speak!”