2 HGST उसने उन लोगों से प्रतिज्ञा की जिन्हें उसने काम पर रखा था कि वह उन्हें एक दिन काम करने के लिए मानक मजदूरी देगा। फिर उसने उन्हें अपनी दाख की बारियों में भेज दिया। BSB BSB: He agreed to pay them a denarius for the day and sent them into his vineyard.
3 HGST उसी सुबह नौ बजे वह बाजार में वापस गया। वहाँ उसने और भी लोगों को देखा जिनके पास काम नहीं था। BSB BSB: About the third hour he went out and saw others standing in the marketplace doing nothing.
4 HGST उसने उनसे कहा,‘मेरी दाख की बारी में जाओ जैसा दूसरे लोगों ने किया है, और वहाँ काम करो। जो मजदूरी उचित होगी वह मैं तुम्हें दूँगा।’ अत: वे भी उसकी दाख की बारी में जाकर काम करने लगे। BSB BSB: ‘You also go into my vineyard,’ he said, ‘and I will pay you whatever is right.’
5 HGST दोपहर में और तीन बजे वह फिर से बाजार में गया और उसे दूसरे मजदूर मिले जिनसे उसने उचित मजदूरी देने की प्रतिज्ञा की। BSB BSB: So they went. He went out again about the sixth hour and the ninth hour and did the same thing.
6 HGST पाँच बजे वह फिर से बाजार में गया और वहाँ दूसरे लोगों को खड़े देखा जो काम नहीं कर रहे थे। उसने उनसे कहा,‘तुम सारा दिन यहाँ क्यों खड़े रहे और काम नहीं करते?’ BSB BSB: About the eleventh hour he went out and found still others standing around. ‘Why have you been standing here all day long doing nothing?’ he asked.
7 HGST उन्होंने उससे कहा,‘क्योंकि किसी ने हमें काम पर नहीं रखा।’ उसने उनसे कहा,‘मैं तुम्हें काम पर रखूँगा। मेरी दाख की बारी में जाओ जैसा दूसरे लोगों ने किया है, और वहाँ काम करो।’ अत: वे चले गए। BSB BSB: ‘Because no one has hired us,’ they answered. So he told them, ‘You also go into my vineyard.’
8 HGST जब शाम हुई, तो दाख की बारी के स्वामी ने अपने भण्डारी से कहा,‘मजदूरों को आने के लिए कहो ताकि तुम उन्हें उनकी मजदूरी दे सको। उन लोगों को पहले भुगतान करना जिन्होंने आखिर में काम करना आरम्भ किया था, और उन लोगों को आखिर में भुगतान करना जिन्होंने पहले काम करना आरम्भ किया था।’ BSB BSB: When evening came, the owner of the vineyard said to his foreman, ‘Call the workers and pay them their wages, starting with the last ones hired and moving on to the first.’
9 HGST भण्डारी ने उन लोगों में से प्रत्येक को एक दिन की मानक मजदूरी दी जिन्होंने दोपहर को पाँच बजे के आसपास काम करना आरम्भ किया था। BSB BSB: The workers who were hired about the eleventh hour came and each received a denarius.
10 HGST जब वे लोग अपनी मजदूरी लेने गए जिन्होंने सुबह भोर में काम करना आरम्भ किया था, तो उन्होंने सोचा कि उन्हें मानक मजदूरी से अधिक मिलेगा। परन्तु उन्हें भी मानक मजदूरी ही मिली। BSB BSB: So when the original workers came, they assumed they would receive more. But each of them also received a denarius.
11 HGST अत: उन्होंने दाख की बारी के स्वामी से शिकायत की क्योंकि उन्होंने सोचा कि उनका भुगतान अनुचित था। BSB BSB: On receiving their pay, they began to grumble against the landowner.
12 HGST उन्होंने उससे कहा,‘इन लोगों ने केवल एक घंटा काम किया! फिर भी, तूने उन्हें वही मजदूरी दी जो तूने हमें दी, भले ही हमने पूरे दिन कठोर परिश्रम किया। यहाँ तक कि हमने सबसे गरम समय में भी काम किया!’ BSB BSB: ‘These men who were hired last worked only one hour,’ they said, ‘and you have made them equal to us who have borne the burden and the scorching heat of the day.’
13 HGST दाख की बारी के स्वामी ने शिकायत करने वालों में से एक से कहा,‘हे मित्र, मैंने तेरे साथ अनुचित बर्ताव नहीं किया। तू मेरे साथ पूरे दिन काम करने के निमित्त एक दिन की मानक मजदूरी पर सहमत हुआ था। BSB BSB: But he answered one of them, ‘Friend, I am not being unfair to you. Did you not agree with me on one denarius?
14 HGST मुझ से शिकायत करना बंद कर! अपनी मजदूरी लेकर चला जा! क्योंकि मैं उन लोगों को भी तेरे बराबर मजदूरी देने की इच्छा रखता हूँ जिन्होंने तेरे बाद काम करना आरम्भ किया था। BSB BSB: Take your pay and go. I want to give this last man the same as I gave you.
15 HGST निश्चय ही मेरे पास मेरा धन वैसे ही खर्च करने का अधिकार है जैसी मेरी इच्छा है! क्योंकि मैं उदार हूँ इसलिए तुझे डाह नहीं करनी चाहिए!’” BSB BSB: Do I not have the right to do as I please with what is mine? Or are you envious because I am generous?’
16 HGST “इसी रीति से, कुछ लोग जिन्हें लोग अभी महत्वहीन मानते हैं, वे उस समय महत्वपूर्ण हो जाएँगे जब वे परमेश्वर के साथ हमेशा के लिए रहेंगे। वैसे ही, जो लोग अभी इस जीवन में स्वयं को महत्वपूर्ण मानते हैं, वे परमेश्वर का न्याय प्राप्त करने के बाद महत्वहीन हो जाएँगे।” BSB BSB: So the last will be first, and the first will be last.”
17 HGST जब यीशु अपने 12 चेलों के साथ यरूशलेम के मार्ग पर जा रहा था, तो वह उन्हें एकान्त में ले गया ताकि उनसे नीजि रूप से में बात कर सके। फिर उसने उनसे कहा, BSB BSB: As Jesus was going up to Jerusalem, He took the twelve disciples aside and said,
18 HGST “ध्यान से सुनो! हम अब ऊपर यरूशलेम को जा रहे हैं। जिस समय हम वहाँ होंगे, तो कोई प्रधान याजकों और यहूदी व्यवस्था सिखाने वालों को मुझ मनुष्य के पुत्र को पकड़ने के लिए बाध्य करेगा। वे मुझ पर मुकदमा चलाएँगे और मुझे मृत्युदण्ड देंगे। BSB BSB: “Look, we are going up to Jerusalem, and the Son of Man will be delivered over to the chief priests and scribes. They will condemn Him to death
19 HGST तब वे मुझे गैर- यहूदी लोगों को सौंप देंगे ताकि वे मेरा मजाक उड़ाएँ, मुझे कोड़े मारें और मुझे क्रूस पर कीलों से ठोंककर मार डालें। परन्तु उसके बाद तीसरे दिन, परमेश्वर मुझे फिर से जीवित कर देगा।” BSB BSB: and will deliver Him over to the Gentiles to be mocked and flogged and crucified. And on the third day He will be raised to life.”
20 HGST इसके बाद, जब्दी के पुत्र याकूब और यूहन्ना की माता, अपने दोनों पुत्रों को लेकर यीशु के पास आई। उसने यीशु के सामने झुककर उससे एक उपकार करने के लिए विनती की। BSB BSB: Then the mother of Zebedee’s sons came to Jesus with her sons and knelt down to make a request of Him.
21 HGST यीशु ने उससे कहा,“तू क्या चाहती है कि मैं तेरे लिए करूँ?” उसने उससे कहा,“जब तू राजा बने, तो मेरे दोनों पुत्रों को, एक को तेरे दाहिने और दूसरे को तेरे बाएँ सबसे आदरणीय स्थानों पर बैठने की अनुमति देना।” BSB BSB: “What do you want?” He inquired. She answered, “Declare that in Your kingdom one of these two sons of mine may sit at Your right hand, and the other at Your left.”
22 HGST यीशु ने उससे और उसके पुत्रों से कहा,“तुम समझते नहीं कि तुम क्या माँग रहे हो। क्या तुम वैसा ही दु: ख उठाने के इच्छुक हो, जैसा दु: ख मैं उठाने वाला हूँ?” याकूब और यूहन्ना ने उसे उत्तर दिया,“हाँ, हम ऐसा करने के इच्छुक हैं।” BSB BSB: “You do not know what you are asking,” Jesus replied. “Can you drink the cup I am going to drink?” “We can,” the brothers answered.
23 HGST तब यीशु ने उनसे कहा,“हाँ, तुम वैसा ही दु: ख उठाओगे, जैसा दु: ख मैं उठाऊँगा। परन्तु वह मैं नहीं हूँ जो उन्हें चुनता है जो मेरे बगल में बैठेंगे और मेरे साथ शासन करेंगे। परमेश्वर, मेरा पिता, उन लोगों को ये स्थान देगा जिन्हें वह नियुक्त करता है।” BSB BSB: “You will indeed drink My cup,” Jesus said. “But to sit at My right or left is not Mine to grant. These seats belong to those for whom My Father has prepared them.”
24 HGST जब दस अन्य चेलों ने वह सुना जो याकूब और यूहन्ना ने माँग की थी, तो वे उन पर क्रोधित हुए। क्योंकि वे भी यीशु के साथ सबसे आदरणीय स्थान पर शासन करना चाहते थे। BSB BSB: When the ten heard about this, they were indignant with the two brothers.
25 HGST तब यीशु ने उन सब को एक साथ बुलाकर उनसे कहा,“तुम जानते हो कि जो गैर- यहूदी लोगों पर शासन करते हैं, वे यह दिखाने में आनन्द लेते हैं कि वे शक्तिशाली हैं। BSB BSB: But Jesus called them aside and said, “You know that the rulers of the Gentiles lord it over them, and their superiors exercise authority over them.
26 HGST तुम्हें अपने बीच में उन शासकों के समान नहीं बनना चाहिए। इसके विपरीत, यदि तुम में से कोई चाहता है कि परमेश्वर उसे बढ़कर समझे, तो उसे तुम बाकियों की सेवा करनी चाहिए। BSB BSB: It shall not be this way among you. Instead, whoever wants to become great among you must be your servant,
27 HGST वैसे ही, तुम में से हर कोई जो चाहता है कि परमेश्वर उसे सबसे महत्वपूर्ण समझे, तो उसे तुम बाकियों का सेवक बनना चाहिए। BSB BSB: and whoever wants to be first among you must be your slave—
28 HGST तुम्हें मेरा अनुकरण करना चाहिए। यद्यपि मैं मनुष्य का पुत्र हूँ, तौभी मैं इसलिए नहीं आया कि दूसरे मेरी सेवा करें। इसके विपरीत, मैं इसलिए आया ताकि दूसरों की सेवा करूँ। मैं इसलिए भी आया कि उन्हें मुझे मार डालने की अनुमति दूँ, ताकि जब मैं मरूँ, तो यह लोगों को उनके पापों के लिए दण्डित करने के निमित्त परमेश्वर की ओर से स्वतंत्र कर दिए जाने हेतु एक भुगतान के समान होगा।” BSB BSB: just as the Son of Man did not come to be served, but to serve, and to give His life as a ransom for many.”
29 HGST जब वे यरीहो नगर से निकल रहे थे, तो लोगों की एक बड़ी भीड़ उनके पीछे हो ली। BSB BSB: As they were leaving Jericho, a large crowd followed Him.
30 HGST जब यीशु और चेले जा रहे थे, तो सड़क के किनारे बैठे दो अंधे मनुष्यों ने सुना कि यीशु जा रहा है। अत: उन्होंने उससे पुकारकर कहा,“हे प्रभु, राजा दाऊद के वंशज, हम पर दया कर!” BSB BSB: And there were two blind men sitting beside the road. When they heard that Jesus was passing by, they cried out, “Lord, Son of David, have mercy on us!”
31 HGST भीड़ के लोगों ने उन्हें डाँटा और चुप रहने को कहा। परन्तु वे अंधे मनुष्य और भी ऊँचे स्वर से पुकारने लगे,“हे प्रभु, राजा दाऊद के वंशज, हम पर दया कर!” BSB BSB: The crowd admonished them to be silent, but they cried out all the louder, “Lord, Son of David, have mercy on us!”
32 HGST यीशु ने रुककर उन्हें अपने पास बुलाया। फिर उसने उनसे कहा,“तुम क्या चाहते हो कि मैं तुम्हारे लिए करूँ?” BSB BSB: Jesus stopped and called them. “What do you want Me to do for you?” He asked.
33 HGST उन्होंने उसे उत्तर दिया,“हे प्रभु, हमारी आँखें चंगी कर ताकि हम देख सकें!” BSB BSB: “Lord,” they answered, “let our eyes be opened.”
34 HGST यीशु ने उनके लिए खेदित महसूस किया और उनकी आँखों को छुआ। वे तुरन्त देखने में सक्षम हो गए, और यीशु के पीछे हो लिए। BSB BSB: Moved with compassion, Jesus touched their eyes, and at once they received their sight and followed Him.