1 IEV अय्यूब ने बिल्दद को उत्तर दिया: BSB BSB: Then Job answered:
2 IEV “मैं बहुत दुर्बल और असहाय व्यक्ति हूँ; तुम वास्तव में नहीं सोचते कि तुमने मेरी सहायता की है, है ना? BSB BSB: “How you have helped the powerless and saved the arm that is feeble!
3 IEV तुम निश्चय ही नहीं सोचते कि तुमने मुझे अच्छी सलाह दी है, है ना?- मैं, जो बिलकुल बुद्धिमान नहीं हूँ। BSB BSB: How you have counseled the unwise and provided fully sound insight!
4 IEV उन सब बड़ी बातों को कहने में किसने तुम्हारी सहायता की? तुमको इस तरह से बोलने के लिए किसने प्रेरित किया? BSB BSB: To whom have you uttered these words? And whose spirit spoke through you?
5 IEV मृत लोगों की आत्मा भय से थरथराती है, जो पृथ्वी की गहराई पानी के नीचे हैं और हर कोई जो उनके साथ रहता है। BSB BSB: The dead tremble—those beneath the waters and those who dwell in them.
6 IEV परमेश्वर उन सबके विषय में जानते हैं जो मरे हुओं के स्थान में हैं; वहाँ नीचे कुछ भी नहीं है जो परमेश्वर को यह देखने से रोकता है कि वहाँ क्या है। BSB BSB: Sheol is naked before God, and Abaddon has no covering.
7 IEV परमेश्वर आकाश को खाली स्थान पर फैलाते हैं, और वह पृथ्वी को उस विशाल खाली स्थान में रखते हैं, परन्तु यह किसी भी वस्तु पर टिकी हुई नहीं है। BSB BSB: He stretches out the north over empty space; He hangs the earth upon nothing.
8 IEV वह घने बादलों को पानी से भरते हैं और उस पानी से बादलों को फटने से रोकते हैं। BSB BSB: He wraps up the waters in His clouds, yet the clouds do not burst under their own weight.
9 IEV वह बादलों से चँद्रमा को धुंधला कर देते हैं। BSB BSB: He covers the face of the full moon, spreading over it His cloud.
10 IEV वह प्रकाश को अँधेरे से अलग करते हैं और उस स्थान को चिन्हित करने के लिए क्षितिज को रखते हैं जहाँ रात समाप्त होती है और दिन आरम्भ होता है। BSB BSB: He has inscribed a horizon on the face of the waters at the boundary between light and darkness.
11 IEV जब वह क्रोधित होते हैं, तब ऐसा लगता है कि मानों उन्होंने आकाश को थामने वाले खम्भों को डाँट दिया है। वे चौंक गए हैं, और वे थरथराते हैं। BSB BSB: The foundations of heaven quake, astounded at His rebuke.
12 IEV अपनी शक्ति से उन्होंने समुद्र को शान्त किया; अपनी युक्ति से उन्होंने विशाल समुद्री राक्षस राहाब को नष्ट कर दिया। BSB BSB: By His power He stirred the sea; by His understanding He shattered Rahab.
13 IEV अपनी साँस से उन्होंने आकाश को उज्ज्वल कर दिया; अपने हाथ से उन्होंने समुद्र के बड़े अजगर को मार डाला जब वह उनसे भाग रहा था। BSB BSB: By His breath the skies were cleared; His hand pierced the fleeing serpent.
14 IEV परन्तु ये घटनाएँ उनकी शक्ति की केवल थोड़ी सी मात्रा दिखाती है; ऐसा लगता है कि मानों हम केवल उनकी शक्तिशाली आवाज की फुसफुसाहट को सुन रहे थे। जब हम गगड़ाहट सुनते हैं, तो हम कहते हैं,‘वास्तव में कौन समझ सकता है कि उनकी शक्ति कितनी महान है?’” BSB BSB: Indeed, these are but the fringes of His ways; how faint is the whisper we hear of Him! Who then can understand the thunder of His power?”
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