1 IEV एलीहू ने यह कहकर बोलना समाप्त कर दिया: BSB BSB: And Elihu continued:
2 IEV “हे अय्यूब, मेरे साथ थोड़ा और धीरज रख क्योंकि मेरे पास तुझे सिखाने के लिए कुछ और भी है। मेरे पास यह सिद्ध करने के लिए कहने को कुछ और है कि परमेश्वर कुछ गलत नहीं करते हैं। BSB BSB: “Bear with me a little longer, and I will show you that there is more to be said on God’s behalf.
3 IEV मैं तुझे वह बताऊँगा जिसे मैंने कई स्रोतों से सीखा है, यह दिखाने के लिए कि मेरे रचने वाले परमेश्वर न्यायी हैं। BSB BSB: I get my knowledge from afar, and I will ascribe justice to my Maker.
4 IEV मैं तुझ से ऐसा कुछ भी नहीं कहूँगा जो झूठ है; मैं, जो तेरे सामने खड़ा हूँ, ऐसा व्यक्ति हूँ जो बातों को बहुत अच्छी तरह समझता है। BSB BSB: For truly my words are free of falsehood; one perfect in knowledge is with you.
5 IEV वास्तव में, परमेश्वर बहुत शक्तिशाली हैं, और वह किसी को भी तुच्छ नहीं मानते हैं, और वह सब कुछ समझते हैं। BSB BSB: Indeed, God is mighty, but He despises no one; He is mighty in strength of understanding.
6 IEV वह दुष्ट लोगों को जीवित रहने की अनुमति नहीं देते हैं- जो तूने दावा किया है उसके विपरीत, और वह सदा पीड़ित लोगों के प्रति न्यायपूर्वक व्यवहार करते हैं। BSB BSB: He does not keep the wicked alive, but He grants justice to the afflicted.
7 IEV वह सदा उन लोगों पर दृष्टि रखते हैं जो धर्मी हैं; वह उन्हें समृद्ध बनाते हैं, जैसे कि वे राजा है, और वह दूसरों को सदा उनका सम्मान करने के लिए प्रेरित करते हैं। BSB BSB: He does not take His eyes off the righteous, but He enthrones them with kings and exalts them forever.
8 IEV परन्तु, यदि अपराध करने वाले लोग पकड़े जाते हैं, या यदि वे गलत कार्य करने के कारण बन्दीगृह में पीड़ित होते हैं, BSB BSB: And if men are bound with chains, caught in cords of affliction,
9 IEV तब परमेश्वर उन्हें दिखाते हैं कि उन्होंने क्या किया है; वह उन्हें उन पापों को दिखाते हैं जो उन्होंने किए हैं, और वह उन्हें दिखाते हैं कि वे अभिमानी हैं। BSB BSB: then He tells them their deeds and how arrogantly they have transgressed.
10 IEV वह उन्हें सुनने के लिए प्रेरित करते हैं कि वह उन्हें क्या चेतावनी दे रहे हैं, और वह उन्हें बुराई करने से दूर रहने का आदेश देते हैं। BSB BSB: He opens their ears to correction and commands that they turn from iniquity.
11 IEV यदि वे उन्हें सुनें और उनकी सेवा करें, तो वे समृद्ध होंगे और उन सब वर्षों में आनन्दित रहेंगे जिनमें वे जीते रहते हैं। BSB BSB: If they obey and serve Him, then they end their days in prosperity and their years in happiness.
12 IEV परन्तु यदि वे उनकी नहीं सुनते हैं, वे हिंसक रूप से मर जाएँगे क्योंकि वे परमेश्वर के विषय में और वह उनसे क्या करवाना चाहते हैं इस विषय में कुछ भी नहीं समझते हैं। BSB BSB: But if they do not obey, then they perish by the sword and die without knowledge.
13 IEV जो लोग परमेश्वर का सम्मान करने में असफल रहते हैं, उनका क्रोध बना ही रहता हैं, और वे सहायता के लिए दुहाई नहीं देते हैं तब भी जब परमेश्वर उन्हें दण्ड दे रहे हैं। BSB BSB: The godless in heart harbor resentment; even when He binds them, they do not cry for help.
14 IEV जिस समय वे युवा ही होते हैं, वे अपने अनैतिक व्यवहार के कारण से अपमानित होकर मर जाते हैं। BSB BSB: They die in their youth, among the male shrine prostitutes.
15 IEV परमेश्वर वास्तव में पीड़ित करने के द्वारा लोगों को बचाते हैं; उन्हें पीड़ित करके, वह उन्हें सुनने के लिए प्रेरित करते हैं कि वह उन्हें क्या कह रहे हैं। BSB BSB: God rescues the afflicted by their affliction and opens their ears in oppression.
16 IEV हे अय्यूब, मुझे लगता है कि परमेश्वर तुझे तेरी परेशानियों से बाहर निकालना चाहते हैं और तुझे संकट के बिना जीने की अनुमति देना चाहते हैं; वह चाहते हैं कि तेरी मेज बहुत अच्छे भोजन से भरी हो। BSB BSB: Indeed, He drew you from the jaws of distress to a spacious and broad place, to a table full of richness.
17 IEV फिर भी अब वह तुझे ऐसे दण्डित कर रहे हैं जैसे वह दुष्टों को दण्ड देंगे; परमेश्वर ने तेरा बहुत सही न्याय किया है। BSB BSB: But now you are laden with the judgment due the wicked; judgment and justice have seized you.
18 IEV अपने क्रोध को अन्य लोगों का मजाक उड़ाने का बहना न दें, या कि घूँस की बड़ी राशी ग्रहण करने से तू नष्ट नहीं होगा जिससे कि जिससे कि तू दूसरों के साथ पक्षपात करे। BSB BSB: Be careful that no one lures you with riches; do not let a large bribe lead you astray.
19 IEV यदि ऐसा करेगा, तो निश्चय ही यह तेरी परेशानी में दुहाई देने में तेरी सहायता नहीं करेगा; तेरी कैसी भी शक्ति इस विषय में तेरी सहायता नहीं करेगी। BSB BSB: Can your wealth or all your mighty effort keep you from distress?
20 IEV ऐसी इच्छा मत रख कि समय रात का हो कि तू बिना किसी के जाने दूसरों के साथ बुरा व्यवहार कर सके; रात तो वह समय होता है जब पूरी की पूरी जाति भी नष्ट हो जाति हैं! BSB BSB: Do not long for the night, when people vanish from their homes.
21 IEV बुरे कार्य करना आरम्भ न करने के विषय में सावधान रह, क्योंकि परमेश्वर ने तुझे बुराई करने से रोकने के लिए पीड़ित किया है। BSB BSB: Be careful not to turn to iniquity, for this you have preferred to affliction.
22 IEV वास्तव में, लोग परमेश्वर की स्तुति इसलिए करते हैं कि वह बहुत शक्तिशाली हैं; जो वह सिखाते हैं वह निश्चय ही अन्य कोई शिक्षक नहीं सिखा सकता है। BSB BSB: Behold, God is exalted in His power. Who is a teacher like Him?
23 IEV किसी ने उन्हें नहीं बताया है कि उन्हें क्या करना चाहिए, और किसी ने उनसे नहीं कहा है,‘आपने जो किया है वह गलत है!’ BSB BSB: Who has appointed His way for Him, or told Him, ‘You have done wrong’?
24 IEV लोगों ने सदा उनकी प्रशंसा करने के लिए गीत गाए हैं, इसलिए तुझे भी उनके द्वारा किए गए कार्यों के लिए उनकी स्तुति करना नहीं भूलना चाहिए। BSB BSB: Remember to magnify His work, which men have praised in song.
25 IEV सब लोगों ने देखा है कि उन्होंने क्या किया है, परन्तु हम उन कार्यों को बहुत कम समझते हैं। BSB BSB: All mankind has seen it; men behold it from afar.
26 IEV परमेश्वर कितने महान हैं! हम यह जानने में सक्षम नहीं हैं कि वह कितने महान हैं, और हम नहीं समझते कि वह कितनी आयु के हैं। BSB BSB: Indeed, God is great—beyond our knowledge; the number of His years is unsearchable.
27 IEV वह पृथ्वी से पानी खींचते हैं और बादलों में भरते हैं और उसे वर्षा का रूप देते हैं; BSB BSB: For He draws up drops of water which distill the rain from the mist,
28 IEV वर्षा आकाश से नीचे उण्डेली जाती है और प्रचुर मात्रा में बौछारें हर किसी पर गिरती हैं। BSB BSB: which the clouds pour out and shower abundantly on mankind.
29 IEV कोई भी समझ नहीं सकता कि आकाश में बादल कैसे चलते हैं या आकाश में यह कैसे गरजते हैं जहाँ परमेश्वर रहते हैं। BSB BSB: Furthermore, who can understand how the clouds spread out, how the thunder roars from His pavilion?
30 IEV वह अपने चारों ओर बिजली को चमकने देते हैं, परन्तु वह महासागरों को अंधियारा रहने देते हैं। BSB BSB: See how He scatters His lightning around Him and covers the depths of the sea.
31 IEV हर किसी के लिए प्रचुर मात्रा में वर्षा प्रदान करके, वह उन्हें बहुतायत से भोजन देते हैं। BSB BSB: For by these He judges the nations and provides food in abundance.
32 IEV ऐसा लगता है कि मानों वह अपने हाथों में बिजली को पकड़े हुए थे, और फिर जहाँ वह चाहते हैं वहाँ उसे गिरने का आदेश देते हैं। BSB BSB: He fills His hands with lightning and commands it to strike its mark.
33 IEV जब हम उसकी गर्जन सुनते हैं, तो हम जानते हैं कि एक तूफान होगा, और मवेशी भी इसे जानते हैं। BSB BSB: The thunder declares His presence; even the cattle regard the rising storm.
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