2 IEV “जो मैं करने की योजना बनाता हूँ उसमें भ्रम लाने वाला तू कौन है? तू अज्ञानतापूर्वक बोल रहा है! BSB BSB: “Who is this who obscures My counsel by words without knowledge?
3 IEV मैं तुझ से कुछ प्रश्न पूछना चाहता हूँ, इसलिए एक पुरुष के समान व्यवहार कर और मेरे प्रश्नों का उत्तर देने के लिए तैयार हो जाओ। BSB BSB: Now brace yourself like a man; I will question you, and you shall inform Me.
5 IEV यदि यह मैं नहीं था जिसने निर्णय लिया कि पृथ्वी कितनी बड़ी होगी, तो फिर किसने निर्णय लिया था? क्या तू जानता है कि पृथ्वी के चारों ओर इसे मापने के लिए एक रेखा किसने फैलाई? यदि तुझे लगता है कि तू बहुत अधिक जानता है, निश्चय ही तुझे यह पता होना चाहिए! BSB BSB: Who fixed its measurements? Surely you know! Or who stretched a measuring line across it?
6 IEV उन खम्भों को कौन सहारा देता है जिन पर पृथ्वी टिकी हुई है? जब सुबह भोर को चमकने वाले सितारे एक साथ गाते थे, और किसी ने उस पत्थर को उस स्थान पर रखा जो पृथ्वी के लिए अपने स्थान पर रहने का कारण है, और सब स्वर्गदूत आनन्द से चिल्लाने लगे जब उन्होंने ऐसा होते हुए देखा, तो किसने आधारशिला रखी? BSB BSB: On what were its foundations set, or who laid its cornerstone,
8 IEV जब समुद्र पृथ्वी के नीचे से उण्डेला गया था, तो किसने पानी को भूमि पर बहने से रोका? BSB BSB: Who enclosed the sea behind doors when it burst forth from the womb,
9 IEV यह तू नहीं, मैं था, जिसने बादलों को समुद्र पर आने दिया था और उन बादलों के नीचे बहुत अंधेरा कर दिया था। BSB BSB: when I made the clouds its garment and thick darkness its blanket,
10 IEV मैंने समुद्रों के लिए सीमाएँ निर्धारित की हैं, और मैंने बेड़े रखे कि पानी भूमि पर न आए। BSB BSB: when I fixed its boundaries and set in place its bars and doors,
11 IEV मैंने किनारे की ओर संकेत किया और पानी से कहा,‘मैं तुमको यहाँ आने तक अनुमति देता हूँ, परन्तु मैं तुमको इससे आगे आने की अनुमति नहीं देता हूँ। तुम्हारी शक्तिशाली तरंगें यहाँ रुकनी चाहिए।’ BSB BSB: and I declared: ‘You may come this far, but no farther; here your proud waves must stop’?
12 IEV हे अय्यूब, क्या तूने कभी सुबह को आरम्भ होने का आदेश दिया है? क्या तूने कभी सूर्य को उदय होने और एक नया दिन आरम्भ करने के लिए कहा है? BSB BSB: In your days, have you commanded the morning or assigned the dawn its place,
13 IEV क्या तूने कभी भोर को सारी पृथ्वी पर फैलने के लिए कहा है जिसके परिणामस्वरूप दुष्ट लोग प्रकाश से भाग जाते हैं? BSB BSB: that it might spread to the ends of the earth and shake the wicked out of it?
14 IEV जब भोर के बाद प्रकाश हो जाता है, पहाड़ियाँ और घाटियाँ ऐसी साफ हो जाती हैं, जैसे एक मुहर अपने नीचे की मिट्टी पर एक छवि छापती है, या जैसे एक कपड़े की तह। BSB BSB: The earth takes shape like clay under a seal; its hills stand out like the folds of a garment.
15 IEV जब दिन का प्रकाश हो जाता है, तो दुष्टों के पास वह अन्धकार नहीं होता है जिसे वे पसन्द करते हैं; दिन के प्रकाश में वे अब किसी को चोट पहुँचाने में सक्षम नहीं हैं। BSB BSB: Light is withheld from the wicked, and their upraised arm is broken.
16 IEV हे अय्यूब, क्या तूने समुद्र के तल में सोतों की यात्रा की है, जिससे समुद्र में पानी आता है? क्या तूने महासागरों के बहुत नीचे की जाँच की है? BSB BSB: Have you journeyed to the vents of the sea or walked in the trenches of the deep?
17 IEV क्या किसी ने तुझे उस स्थान के फाटक दिखाए हैं जहाँ मरे हुए लोग हैं, उस स्थान के फाटक जहाँ मरे हुओं के बीच बहुत घना अन्धकार है? BSB BSB: Have the gates of death been revealed to you? Have you seen the gates of the shadow of death?
18 IEV क्या तू जानता है कि पृथ्वी कितनी बड़ी है? मुझे बता यदि तू इन सब बातों को जानते है! BSB BSB: Have you surveyed the extent of the earth? Tell Me, if you know all this.
19 IEV उस स्थान की सड़क कहाँ है जहाँ से प्रकाश आता है? क्या तू मुझे बता सकता है कि अन्धकार कहाँ रहता है? BSB BSB: Where is the way to the home of light? Do you know where darkness resides,
20 IEV क्या तू प्रकाश और अन्धकार को उन स्थानों पर ले जा सकता है जहाँ उन्हें प्रतिदिन अपना कार्य करना है? क्या तू जानता है कि वह सड़क कहाँ है जो उनके घरों को वापस जाती है? BSB BSB: so you can lead it back to its border? Do you know the paths to its home?
21 IEV मुझे विश्वास है कि तू इन बातों को जानता है क्योंकि तू उस समय से पहले जन्म ले चुका था जब यह सब कुछ बनाया गया था; तुझे बहुत आयु का होना चाहिए! BSB BSB: Surely you know, for you were already born! And the number of your days is great!
22 IEV क्या तूने उस स्थान में प्रवेश किया है जहाँ मैं बर्फ को एकत्र करता हूँ और वह स्थान जहाँ मैं ओले रखता हूँ? BSB BSB: Have you entered the storehouses of snow or observed the storehouses of hail,
23 IEV मैं बर्फ और ओले को इसलिए एकत्र करता हूँ कि जब लोग पृथ्वी पर लड़ रहे हों तो मैं उनका उपयोग कर सकूँ, उस समय में जब वे युद्ध कर रहे हों। BSB BSB: which I hold in reserve for times of trouble, for the day of war and battle?
24 IEV उस स्थान की सड़क कहाँ से है जहाँ से मैं बिजली को चमकने देता हूँ? वह स्थान कहाँ है जहाँ से पूर्वी हवा सारी पृथ्वी पर बहना आरम्भ करती है? BSB BSB: In which direction is the lightning dispersed, or the east wind scattered over the earth?
25 IEV उन नालों को किसने बनाया है जिनसे होकर वर्षा आकाश से नीचे आती है? वायु में गर्जन के लिए सड़कों को कौन बनाता है? BSB BSB: Who cuts a channel for the flood or clears a path for the thunderbolt,
26 IEV रेगिस्तान में कौन वर्षा गिरने देता है, उन स्थानों पर जहाँ कोई भी नहीं रहता है? BSB BSB: to bring rain on a barren land, on a desert where no man lives,
27 IEV कौन उस वर्षा को भेजता है जो बंजर क्षेत्रों को नमी देती है, ऐसे क्षेत्र जहाँ कुछ भी नहीं उगता है, कि घास फिर से बढ़ने लगे? BSB BSB: to satisfy the parched wasteland and make it sprout with tender grass?
28 IEV क्या वर्षा का कोई पिता है? क्या ओस का भी कोई पिता है? BSB BSB: Does the rain have a father? Who has begotten the drops of dew?
29 IEV किसके गर्भ से सर्दी में बर्फ आती है? आकाश से नीचे आने वाले पाले को कौन जन्म देता है? BSB BSB: From whose womb does the ice emerge? Who gives birth to the frost from heaven,
30 IEV सर्दी में, पानी जम जाता है और एक चट्टान के समान कठोर हो जाता है, और झीलों की सतह जमी हुई हो जाती है। BSB BSB: when the waters become hard as stone and the surface of the deep is frozen?
31 IEV हे अय्यूब, क्या तू उन जंजीरों को बाँध सकता है जो कचपचिया सितारों के समूह को एक साथ रखती हैं? क्या तू मृगशिरा के सितारों की रस्सियों को खोल सकता है? BSB BSB: Can you bind the chains of the Pleiades or loosen the belt of Orion?
32 IEV क्या तू सितारों और ग्रहों को कह सकता है कि कब उन्हें चमकना चाहिए? क्या तू सप्तर्षि तारामंडलों में सितारों का मार्गदर्शन कर सकता है? BSB BSB: Can you bring forth the constellations in their seasons or lead out the Bear and her cubs?
33 IEV क्या तू उन नियमों को जानता है जिनका सितारों को पालन करना चाहिए? क्या तू उन सब नियमों को यहाँ पृथ्वी की सब वस्तुओं पर शासन करने के लिए लागू कर सकता है? BSB BSB: Do you know the laws of the heavens? Can you set their dominion over the earth?
34 IEV क्या तू बादलों को आज्ञा देने के लिए चिल्ला सकता है और अपने ऊपर वर्षा करवा सकता है? BSB BSB: Can you command the clouds so that a flood of water covers you?
35 IEV क्या तू बिजली की चमक को प्रेरित कर सकता है कि नीचे आकर वहाँ वार करे जहाँ तू चाहता है? क्या वे चमक तुझ से कहती हैं,‘तू कहाँ चाहता है कि हम वार करें?’ BSB BSB: Can you send the lightning bolts on their way? Do they report to you, ‘Here we are’?
36 IEV बादलों को यह जानने में कौन सक्षम बनाता है कि उन्हें वर्षा कब भेजनी चाहिए? BSB BSB: Who has put wisdom in the heart or given understanding to the mind?
37 IEV बादलों की गिनती करने में सक्षम होने के लिए किसमें पर्याप्त कौशल है? वर्षा गिराने के लिए आकाश में पानी की कुप्पियों को कौन झुकाता है BSB BSB: Who has the wisdom to count the clouds? Or who can tilt the water jars of the heavens
38 IEV कि शुष्क भूमि कठोर हो जाए जब सूखे ढेले गीले हो जाते हैं और एक दूसरे के साथ चिपक जाते हैं? BSB BSB: when the dust hardens into a mass and the clods of earth stick together?
41 IEV कौवों के लिए मृत जानवरों को कौन उपलब्ध करवाता है, जब उसके बच्चे भोजन के लिए मुझे पुकारते हैं, जब वे भोजन की कमी के कारण इतने कमजोर हो जाते हैं कि वे अपने घोंसलों के आस- पास लड़खड़ाते फिरते हैं? BSB BSB: Who provides food for the raven when its young cry out to God as they wander about for lack of food?
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