1 IEV “लोगों को इस पृथ्वी पर वैसा कठोर परिश्रम करने की आवश्यकता है जैसा सैनिक करते हैं; जब हम जीवित रहते हैं, तब हमें किसी भाड़े के मजदूर के समान कठोर परिश्रम करने की आवश्यकता होती है। BSB BSB: “Is not man consigned to labor on earth? Are not his days like those of a hired hand?
2 IEV हम दासों के समान हैं जो शाम की ठण्डक में रहने की इच्छा करते रहते हैं, और हम ऐसे श्रमिकों के समान हैं जो भुगतान किए जाने की प्रतीक्षा करते रहते हैं। BSB BSB: Like a slave he longs for shade; like a hireling he waits for his wages.
3 IEV परमेश्वर ने मुझे कई महीनों का ऐसा समय दिया हैं जिनमें मुझे लगता है कि जीवित रहना व्यर्थ है; उसने मुझे ऐसी कई रातें दी हैं जिनमें मुझे दुख ही दुख होता है। BSB BSB: So I am allotted months of futility, and nights of misery are appointed to me.
4 IEV जब मैं रात में लेटता हूँ तो मैं कहता हूँ,‘जब तक मैं उठता हूँ तो यह कितना समय होगा?’ परन्तु रातें लम्बी हैं, और मैं सुबह तक अपने बिस्तर पर छटपटाता हूँ। BSB BSB: When I lie down I think: ‘When will I get up?’ But the night drags on, and I toss and turn until dawn.
5 IEV मेरा शरीर कीड़ों और फोड़ों से ढँका हुआ है; मेरे खुले घावों से मवाद बहता है। BSB BSB: My flesh is clothed with worms and encrusted with dirt; my skin is cracked and festering.
6 IEV मेरे दिन एक जुलाहे की ढरकी के समान शीघ्र ही से बीतते हैं; जब एक दिन समाप्त होता है, तो मैं कभी आशा नहीं करता कि अगले दिन कुछ अच्छा होगा। BSB BSB: My days are swifter than a weaver’s shuttle; they come to an end without hope.
7 IEV हे परमेश्वर, यह मत भूलना कि मेरा जीवन एक साँस जितना छोटा है; मुझे लगता है कि मैं कभी भी आनन्द का अनुभव नहीं करूँगा। BSB BSB: Remember that my life is but a breath. My eyes will never again see happiness.
8 IEV हे परमेश्वर, आप मुझे अब देखते हो, परन्तु एक दिन आप मुझे और नहीं देख पाएँगे। आप मेरी खोज करेंगे, परन्तु मैं जा चुका होऊँगा क्योंकि मैं मर जाऊँगा। BSB BSB: The eye that beholds me will no longer see me. You will look for me, but I will be no more.
9 IEV जैसे एक बादल निकलता है और लोप हो जाता है, लोग मर जाते हैं और उस स्थान में आते जाते हैं जहाँ मरे हुए लोग हैं, और वे लौट कर नहीं आते हैं; BSB BSB: As a cloud vanishes and is gone, so he who goes down to Sheol does not come back up.
10 IEV वे लौट कर अपने घरों में कभी नहीं आते, हैं, और जो लोग जीवित हैं वे उन्हें फिर कभी स्मरण नहीं करते है। BSB BSB: He never returns to his house; his place remembers him no more.
11 IEV इसलिए मैं चुप नहीं रहूँगा; जबकि मैं पीड़ित हूँ, मैं बोलूँगा; जो मेरे साथ हुआ है उसके विषय में मैं परमेश्वर से शिकायत करूँगा क्योंकि मैं बहुत क्रोधित हूँ। BSB BSB: Therefore I will not restrain my mouth; I will speak in the anguish of my spirit; I will complain in the bitterness of my soul.
12 IEV हे परमेश्वर, आप बारीकी से क्यों देखते हैं कि मैं क्या कर रहा हूँ? क्या आपको लगता है कि मैं एक खतरनाक समुद्री राक्षस हूँ? BSB BSB: Am I the sea, or the monster of the deep, that You must keep me under guard?
13 IEV जब मैं रात में लेटता हूँ, तो मैं स्वयं से कहता हूँ,‘मैं सो जाऊँगा और पीड़ित होने से बच जाऊँगा; जब मैं सो रहा हूँ तो मेरा दर्द कम हो जाएगा।’ BSB BSB: When I think my bed will comfort me and my couch will ease my complaint,
14 IEV परन्तु फिर आप मुझे ऐसे सपने देते हो जो मुझे डरा देते हैं; आप मुझे ऐसे दर्शन देते हैं जो मुझे भयभीत कर देते हैं; BSB BSB: then You frighten me with dreams and terrify me with visions,
15 IEV ये बातें मुझमें ऐसी इच्छा उत्पन्न करती हैं कि कोई मेरा गला दबा कर मार दे, अपेक्षा इसके कि मैं जीवित रहूँ जबकि मैं केवल हड्डियों का एक ढाँचा रह गया हूँ। BSB BSB: so that I would prefer strangling and death over my life in this body.
16 IEV मैं जीवित रहने से निरन्तर घृणा करता हूँ; मैं कई वर्षों तक नहीं जीना चाहता हूँ। मुझे अकेला रहने दो, क्योंकि मैं बहुत ही कम समय के लिए जीवित रहूँगा। BSB BSB: I loathe my life! I would not live forever. Leave me alone, for my days are but a breath.
17 IEV हम मनुष्य बहुत महत्वपूर्ण नहीं हैं; तो आप हम पर इतना ध्यान क्यों देते हैं? BSB BSB: What is man that You should exalt him, that You should set Your heart upon him,
18 IEV आप यह देखने के लिए हर सुबह हम पर दृष्टि करते हैं कि हम क्या कर रहे हैं, और आप यह देखने के लिए हर पल हमारी जाँच करते हैं कि जो हम कर रहे हैं वह सही है, BSB BSB: that You attend to him every morning, and test him every moment?
19 IEV आप मुझ पर दृष्टि करना कब बन्द करेंगे और क्या आप मुझे थोड़ी देर के लिए अकेला छोड़ देंगे, मेरे स्वयं के थूक को निगलने के समय तक के लिए? BSB BSB: Will You never look away from me, or leave me alone to swallow my spittle?
20 IEV आप मुझे निरन्तर क्यों देखते रहते हैं? यदि मैं पाप करता हूँ, तो निश्चय ही आपको हानि नहीं पहुँचाता! आपने मुझे निशाना साध ने के लक्ष्य के समान क्यों बनाया हुआ है? क्या आप मुझे ऐसा भारी बोझ मानते हैं जिसे उठाने के लिए आप विवश हैं? BSB BSB: If I have sinned, what have I done to You, O watcher of mankind? Why have You made me Your target, so that I am a burden to You?
21 IEV यदि मैंने पाप भी किया, तो क्या आप मुझे क्षमा करने में सक्षम नहीं हैं उन गलत कार्यों के लिए भी जो मैंने किए हैं? शीघ्र ही मैं अपनी कब्र में लेटूँगा; आप मेरी खोज करेंगे, परन्तु आप मुझे नहीं पाएँगे क्योंकि मैं मर कर जा चुका होऊँगा।” BSB BSB: Why do You not pardon my transgression and take away my iniquity? For soon I will lie down in the dust; You will seek me, but I will be no more.”
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