1 IEV मैं, पौलुस, जो मसीह यीशु की सेवा करता हूँ, रोम नगर के सब विश्वासियों को यह पत्र लिख रहा हूँ। परमेश्वर ने मुझे प्रेरित होने के लिए अलग किया और उन्होंने ही मुझे नियुक्त किया है कि मैं उनके सुसमाचार का प्रचार करूँ। BSB BSB: Paul, a servant of Christ Jesus, called to be an apostle, and set apart for the gospel of God—
2 IEV पहले ही से, परमेश्वर ने इस सुसमाचार को प्रकट करने की प्रतिज्ञा की थी जिसका उल्लेख भविष्द्क्ताओं ने पवित्रशास्त्र में किया है। BSB BSB: the gospel He promised beforehand through His prophets in the Holy Scriptures,
4 IEV उनके धार्मिक स्वभाव के अनुसार वह परमेश्वर के अपने पुत्र हैं, जो शक्तिशाली रूप से दिखाया गया है। परमेश्वर ने यह तब प्रकट किया जब परमेश्वर के पवित्र- आत्मा ने उन्हें मरे हुओं में से फिर जीवित कर दिया। यही यीशु मसीह हमारे प्रभु हैं। BSB BSB: and who through the Spirit of holiness was declared with power to be the Son of God by His resurrection from the dead: Jesus Christ our Lord.
5 IEV उन्होंने हम पर अनुग्रह किया और प्रेरित होने के लिए हमें चुना है। उन्होंने ऐसा इसलिए किया कि सब जातियों के सब लोग उन पर विश्वास करें और उनकी आज्ञा का पालन करें। BSB BSB: Through Him and on behalf of His name, we received grace and apostleship to call all those among the Gentiles to the obedience that comes from faith.
6 IEV रोम में रहने वाले तुम विश्वासियों को भी उन लोगों में सहभागी किया गया है जिन्हें परमेश्वर ने यीशु मसीह का होने के लिए चुना है। BSB BSB: And you also are among those who are called to belong to Jesus Christ.
7 IEV मैं रोम में रहने वाले तुम सब विश्वासियों को यह पत्र लिख रहा हूँ, जिनसे परमेश्वर प्रेम करते हैं और जिन्हें उन्होंने अपने लोग होने के लिए चुना है। मैं प्रार्थना करता हूँ कि हमारे पिता परमेश्वर और प्रभु यीशु मसीह तुम्हें अनुग्रह और शान्ति दें। BSB BSB: To all in Rome who are loved by God and called to be saints: Grace and peace to you from God our Father and the Lord Jesus Christ.
8 IEV जैसे कि मैं यह पत्र लिखना आरम्भ करता हूँ, तो मैं रोम में रहने वाले तुम सब विश्वासियों के लिए अपने परमेश्वर का धन्यवाद करता हूँ। यीशु मसीह ने हमारे लिए जो किया है उसके कारण ही मैं ऐसा करने में सक्षम हूँ। मैं प्रभु का धन्यवाद करता हूँ क्योंकि सम्पूर्ण संसार के लोग मसीह में तुम्हारे विश्वास कि चर्चा कर रहे हैं। BSB BSB: First, I thank my God through Jesus Christ for all of you, because your faith is being proclaimed all over the world.
9 IEV परमेश्वर, जिनके पुत्र के विषय में मैं लोगों को पूरे समर्पण के साथ सुसमाचार सुनाता हूँ, वहीं मेरे गवाह हैं मैं कहता हूँ कि जब भी मैं परमेश्वर से प्रार्थना करता हूँ, तब मैं सदा तुम्हें स्मरण करता हूँ। BSB BSB: God, whom I serve with my spirit in preaching the gospel of His Son, is my witness how constantly I remember you
10 IEV मैं परमेश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि यदि यह उनकी इच्छा है कि मैं तुम्हारे पास आऊँ तो अन्तत: किसी न किसी प्रकार तुमसे मिलने में सफल हो जाऊँ। BSB BSB: in my prayers at all times, asking that now at last by God’s will I may succeed in coming to you.
11 IEV मैं यह प्रार्थना इसलिए करता हूँ कि मैं तुमसे मिलकर तुम्हारी सहायता करना चाहता हूँ कि मैं तुम्हें कोई आत्मिक वरदान दूँ जिससे तुम विश्वास में दृढ़ हो जाओ। BSB BSB: For I long to see you so that I may impart to you some spiritual gift to strengthen you,
12 IEV मेरा कहने का अर्थ है कि मैं चाहता हूँ हम एक- दूसरे को यह कहकर प्रोत्साहित करें कि हम यीशु में कैसा विश्वास करते हैं। BSB BSB: that is, that you and I may be mutually encouraged by each other’s faith.
13 IEV मेरे साथी विश्वासियों, कई बार मैंने तुमसे मिलने की योजना बनाई थी। मैं निश्चय ही चाहता हूँ कि तुम यह जानो। परन्तु मैं तुम्हारे पास नहीं आ पाया क्योंकि किसी न किसी बात ने मुझे सदा ही रोके रखा है। मैं आना चाहता हूँ जिससे कि तुम में से और लोग भी यीशु में विश्वास करें, जैसे गैर- यहूदियों के बीच अन्य स्थानों में हुआ है। BSB BSB: I do not want you to be unaware, brothers, how often I planned to come to you (but have been prevented from visiting until now), in order that I might have a harvest among you, just as I have had among the other Gentiles.
14 IEV मैं सब गैर- यहूदी लोगों को सुसमाचार सुनाने के लिए आभारी हूँ, जो यूनानी और गैर- यूनानी भाषा बोलते हैं; जो बुद्धिमान और निर्बुद्धि हैं। BSB BSB: I am obligated both to Greeks and non-Greeks, both to the wise and the foolish.
15 IEV इस कारण मैं बड़ी उत्सुकता से चाहता हूँ कि मैं रोम में रहने वाले तुम लोगों को भी यह सुसमाचार सुनाऊँ। BSB BSB: That is why I am so eager to preach the gospel also to you who are in Rome.
17 IEV इस सुसमाचार के द्वारा परमेश्वर प्रकट करते हैं कि वह लोगों को कैसे अपने साथ उचित सम्बन्ध में लाते हैं। जैसा एक भविष्यद्वक्ता ने बहुत पहले पवित्रशास्त्र में लिखा है,“जिन लोगों को परमेश्वर ने अपने साथ उचित सम्बन्ध में ले लिया है, वे जीवित रहेंगे क्योंकि वे उन पर विश्वास करते हैं।” BSB BSB: For the gospel reveals the righteousness of God that comes by faith from start to finish, just as it is written: “The righteous will live by faith.”
21 IEV यद्यपि गैर- यहूदी जानते थे कि परमेश्वर कैसे हैं, उन्होंने उन्हें परमेश्वर के योग्य सम्मान नहीं दिया, और न ही उन्होंने उनके किए हुए कार्य के लिए उनका धन्यवाद किया। इसकी अपेक्षा, वे उनके विषय में मूर्खता की बातें सोचने लगे, और वे कभी नहीं समझ पाए कि परमेश्वर उन्हें अपने विषय में क्या बताना चाहते थे। BSB BSB: For although they knew God, they neither glorified Him as God nor gave thanks to Him, but they became futile in their thinking and darkened in their foolish hearts.
22 IEV यद्यपि उन लोगों ने दावा किया कि वे बुद्धिमान है, वे मूर्ख बन गए, BSB BSB: Although they claimed to be wise, they became fools,
23 IEV और उन्होंने यह स्वीकार करने से मना कर दिया कि परमेश्वर महिमा से पूर्ण हैं, इसकी अपेक्षा, उन्होंने नाशवान मनुष्यों की मूर्तियाँ बनाईं और उसकी उपासना की, और फिर उन्होंने पक्षियों और चार पैरों वाले पशुओं की भी मूर्तियाँ बनाईं और अन्त में उन्होंने रेंगने वाले प्राणियों के रूप में मूर्तियाँ बनाईं। BSB BSB: and exchanged the glory of the immortal God for images of mortal man and birds and animals and reptiles.
24 IEV इसलिए परमेश्वर ने गैर- यहूदियों को अनैतिक यौनाचार के अनुसार अशुद्धता के लिए छोड़ दिया। वे सोचते थे कि उन्हें ऐसा करना आवश्यक था क्योंकि यह उनकी अनियंत्रित इच्छा थी। इसका परिणाम यह हुआ कि वे यौनाचार द्वारा एक दूसरे के शरीर का अपमान करने लगे। BSB BSB: Therefore God gave them over in the desires of their hearts to impurity for the dishonoring of their bodies with one another.
26 IEV अत: परमेश्वर ने गैर- यहूदियों को लज्जा के यौनाचार के वश में छोड़ दिया जिसकी लालसा वे करते थे। उनकी स्त्रियाँ अन्य स्त्रियों के साथ शारीरिक सम्बन्ध बनाने लगीं जो प्रकृति के विरुद्ध है। BSB BSB: For this reason God gave them over to dishonorable passions. Even their women exchanged natural relations for unnatural ones.
27 IEV इसी प्रकार, बहुत से पुरुषों ने स्त्रियों के साथ अपने प्राकृतिक सम्बन्धों को त्याग दिया। इसकी अपेक्षा, उन्होंने एक दूसरे के लिए प्रबल कामवासना विकसित की। उन्होंने अन्य पुरुषों के साथ लज्जा जनक समलैंगिक सम्बन्ध बनाए। इसका परिणाम यह हुआ कि उन्होंने अपने अधर्म का ठीक फल पाया। BSB BSB: Likewise, the men abandoned natural relations with women and burned with lust for one another. Men committed indecent acts with other men and received in themselves the due penalty for their error.
28 IEV जब उन्होंने यह निर्णय लिया कि परमेश्वर को जानना व्यर्थ है, तो परमेश्वर ने उन्हें उनके निकम्मे विचारों के वश में छोड़ दिया, कि वे ऐसे बुरे कार्य करें जो नहीं करने चाहिए। BSB BSB: Furthermore, since they did not see fit to acknowledge God, He gave them up to a depraved mind, to do what ought not to be done.
29 IEV उनमें दूसरों के लिए अनुचित एवं दुष्टता के कार्यों की लालसा उत्पन्न हो गयी कि उन्हें लूटें और नाना प्रकार से उन्हें हानि पहुँचाएँ। बहुतों में तो दूसरों से जलन रखने और हत्या करने की इच्छा उत्पन्न हो गई तथा मनुष्यों में विवाद एवं झगड़े करवाना और धोखा देना एवं दूसरों के विरुद्ध घृणा की बातें करना। BSB BSB: They have become filled with every kind of wickedness, evil, greed, and depravity. They are full of envy, murder, strife, deceit, and malice. They are gossips,
30 IEV कई लोग दूसरों के विषय में बुरी बातें कहते हैं और दूसरों की निन्दा करते हैं। अनेक जन तो विशेष करके परमेश्वर के विरुद्ध घृणा के कार्य करते और मनुष्यों के साथ मारपीट करते तथा उनका अपमान करते और घमण्ड करते हैं और दूसरों के प्रति हिंसक व्यवहार करते हैं और दूसरों से घृणा करते हैं और दूसरों से स्वयं की बड़ाई करते तथा दुराचार के नए- नए मार्ग खोजते हैं। संतान अपने माता- पिता की आज्ञा नहीं मानती हैं। BSB BSB: slanderers, God-haters, insolent, arrogant, and boastful. They invent new forms of evil; they disobey their parents.
31 IEV कई लोग परमेश्वर को दुखी करने के लिए मूर्खता के कार्य करते हैं और किसी से की गई प्रतिज्ञा को पूरा नहीं करते अपने परिवार के सदस्यों से प्रेम भी नहीं रखते वे मनुष्यों के साथ दया का व्यवहार भी नहीं करते हैं। BSB BSB: They are senseless, faithless, heartless, merciless.
32 IEV यद्यपि वे जानते हैं कि परमेश्वर ने ऐसे कार्य करने वालों के लिए मृत्यु दण्ड की आज्ञा दी है, वे ऐसे दुष्टता के कार्य करते हैं वरन् ऐसे कार्य करने वालों को अच्छा कहते हैं। BSB BSB: Although they know God’s righteous decree that those who do such things are worthy of death, they not only continue to do these things, but also approve of those who practice them.
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