2 IEV मैं तुमको बताता हूँ कि मैं अपने साथी इस्राएलियों के लिए बहुत अधिक वरन् गहरा शोक करता हूँ। BSB BSB: I have deep sorrow and unceasing anguish in my heart.
3 IEV मैं व्यक्तिगत रूप से परमेश्वर से श्राप पाने और सदा के लिए मसीह से अलग किए जाने के लिए तैयार हूँ यदि उससे मेरे साथी इस्राएलियों को जो मेरे प्राकृतिक कुटुम्बी हैं, मसीह में विश्वास करने में सहायता मिले। BSB BSB: For I could wish that I myself were cursed and cut off from Christ for the sake of my brothers, my own flesh and blood,
5 IEV हमारे ही पूर्वज, अब्राहम, इसहाक और याकूब को परमेश्वर ने हमारी जाति का आरम्भ करने के लिए चुना। और, सबसे महत्वपूर्ण बात है कि हमारे इस्राएलियों में ही मसीह का मनुष्य रूप में जन्म हुआ। वह एकमात्र परमेश्वर हैं, जो सदा हमारी स्तुति के योग्य हैं! यह सच है! BSB BSB: Theirs are the patriarchs, and from them proceeds the human descent of Christ, who is God over all, forever worthy of praise! Amen.
6 IEV परमेश्वर ने अब्राहम, इसहाक और याकूब से प्रतिज्ञा की थी कि उनके सब वंशज परमेश्वर से आशीष पाएँगे। यद्यपि मेरे इस्राएली भाइयों में से अधिकांश ने मसीह को अस्वीकार कर दिया, तो इससे यह सिद्ध नहीं होता कि परमेश्वर अपनी प्रतिज्ञाओं को पूरा करने में असफल रहे। क्योंकि याकूब के सारे वंशजों को ही नहीं जो अपने को इस्राएली कहते हैं, परमेश्वर वास्तव में अपने लोग समझते हैं। BSB BSB: It is not as though God’s word has failed. For not all who are descended from Israel are Israel.
7 IEV और परमेश्वर अब्राहम के सभी शारीरिक वंशजों को अब्राहम के सच्चे वंशज नहीं मानते। परमेश्वर उनमें से कुछ को ही अब्राहम के सच्चे वंशज मानते हैं। परमेश्वर ने अब्राहम से जो कहा था यह उससे मेल खाता है:“इसहाक ही को मैं तेरे वंश का पिता मानूँगा, तेरे और किसी भी पुत्र को नहीं।” BSB BSB: Nor because they are Abraham’s descendants are they all his children. On the contrary, “Through Isaac your offspring will be reckoned.”
8 IEV मेरा कहने का अर्थ यह है कि, अब्राहम के सभी वंशजों को परमेश्वर अपनी सन्तान स्वीकार नहीं करते हैं। इसकी अपेक्षा, वह केवल उन लोगों को अपनी सन्तान मानते हैं जो उनके मन में थे जब उन्होंने अब्राहम को वंश देने की प्रतिज्ञा की थी, उन्हीं को वह अब्राहम के सच्चे वंशज और अपनी सन्तान समझते हैं। BSB BSB: So it is not the children of the flesh who are God’s children, but it is the children of the promise who are regarded as offspring.
9 IEV परमेश्वर ने अब्राहम से यह प्रतिज्ञा की थी:“अगले वर्ष, इसी समय मैं तेरे पास वापस आऊँगा, और तेरी पत्नी सारा एक पुत्र को जन्म देगी।” परमेश्वर ने यह प्रतिज्ञा की थी, और उसे पूरा किया। BSB BSB: For this is what the promise stated: “At the appointed time I will return, and Sarah will have a son.”
10 IEV यह रिबका के साथ भी हुआ जो अब्राहम के पुत्र इसहाक की पत्नी थी, जब रिबका ने जुड़वा पुत्रों को जन्म दिया। BSB BSB: Not only that, but Rebecca’s children were conceived by one man, our father Isaac.
11 IEV याकूब और एसाव, जुड़वा पुत्र पैदा हुए थे, BSB BSB: Yet before the twins were born or had done anything good or bad, in order that God’s plan of election might stand,
12 IEV इससे पहले की बच्चों ने कुछ भी अच्छा या बुरा किया था, परमेश्वर ने रिबका से कहा,“प्रचलित रीति- रिवाज के विपरीत जेठा पुत्र छोटे पुत्र की सेवा करेगा।” परमेश्वर ने यह इसलिए कहा था कि हम यह जान सकें: जब वह कुछ करना चाहते हैं, तो वह लोगों को चुनते हैं क्योंकि वह उन्हें चुनना चाहते हैं, इसलिए नहीं कि उन्होंने उनके लिए कुछ भी किया है। BSB BSB: not by works but by Him who calls, she was told, “The older will serve the younger.”
13 IEV परमेश्वर ने पवित्रशास्त्र में यही कहा है:“मैंने याकूब को जो छोटा पुत्र है चुना है, मैंने बड़े पुत्र एसाव को अस्वीकार कर दिया।” BSB BSB: So it is written: “Jacob I loved, but Esau I hated.”
14 IEV कोई मुझसे पूछ सकता है,“क्या परमेश्वर केवल कुछ लोगों को चुनकर अन्याय नहीं करते हैं?” मैं उत्तर दूँगा, वह निश्चय ही अन्याय नहीं करते हैं!” BSB BSB: What then shall we say? Is God unjust? Certainly not!
15 IEV परमेश्वर ने मूसा से कहा,“जिसे मैं चुनता हूँ उस पर मैं दया करता हूँ और उनकी सहायता करता हूँ!” BSB BSB: For He says to Moses: “I will have mercy on whom I have mercy, and I will have compassion on whom I have compassion.”
16 IEV परमेश्वर लोगों को चुनते हैं, तो इसलिए नहीं कि वे चाहते हैं कि परमेश्वर उन्हें चुन ले, या इसलिए नहीं कि वे उन्हें प्रसन्न करने का कठोर परिश्रम करते हैं। इसकी अपेक्षा, वह लोगों को चुनते हैं क्योंकि वह स्वयं अयोग्य लोगों पर दया करते हैं। BSB BSB: So then, it does not depend on man’s desire or effort, but on God’s mercy.
17 IEV परमेश्वर ने फ़िरौन से जो कहा था उसे मूसा ने लिखा है कि,“इसी कारण, मैंने तुझे मिस्र का राजा बनाया है: कि मैं तुझ से युद्ध करूँ और संसार में हर कोई मेरी प्रतिष्ठा का सम्मान करने के लिए एक दूसरे की सहायता करें।” BSB BSB: For the Scripture says to Pharaoh: “I raised you up for this very purpose, that I might display My power in you, and that My name might be proclaimed in all the earth.”
18 IEV इसलिए हम जानते हैं कि परमेश्वर उन लोगों की सहायता करते हैं जिन पर वह दया करते हैं। और हम यह भी जानते हैं कि वह उन्हें हठीला बनाते हैं जिन्हें वह हठीला बनाना चाहते हैं, जैसे कि उन्होंने फ़िरौन के साथ किया। BSB BSB: Therefore God has mercy on whom He wants to have mercy, and He hardens whom He wants to harden.
19 IEV हो सकता है तुम में से कोई मुझसे कहे,“क्योंकि परमेश्वर समय से पहले सब कुछ निर्धारित करते हैं कि लोग क्या करेंगे और कोई भी परमेश्वर की इच्छा का विरोध नहीं कर सकता, तो परमेश्वर के लिए पाप करने वालों को दण्ड देना सही नहीं है।” BSB BSB: One of you will say to me, “Then why does God still find fault? For who can resist His will?”
20 IEV मैं उत्तर दूँगा,“तुम केवल मनुष्य हो, इसलिए तुमको परमेश्वर की निन्दा करने का कोई अधिकार नहीं है! वह एक ऐसे व्यक्ति के समान हैं जो मिट्टी के बर्तन बनाता है। एक घड़े को अपने बनाने वाले से पूछने का कोई अधिकार नहीं है,“तूने मुझे इस प्रकार क्यों बनाया?” BSB BSB: But who are you, O man, to talk back to God? Shall what is formed say to Him who formed it, “Why did You make me like this?”
21 IEV परन्तु, कुम्हार को निश्चय ही यह अधिकार है कि मिट्टी का उपयोग करके एक सुन्दर बर्तन बनाए जिसे लोग बहुत मूल्यवान मानते हों— और फिर मिट्टी के शेष भाग से वह बर्तन बनाए जिसका प्रतिदिन उपयोग हो। परमेश्वर को निश्चय ही यह अधिकार है। BSB BSB: Does not the potter have the right to make from the same lump of clay one vessel for special occasions and another for common use?
22 IEV यद्यपि परमेश्वर पाप के विषय में अपनी अप्रसन्नता व्यक्त करना चाहते हैं और यद्यपि वह यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि वह पाप करने वालों को कठोर दण्ड दे सकते हैं, फिर भी वह बहुत धीरज रख कर उन लोगों को सहन करते रहे, जिन्होंने उन्हें क्रोधित किया और जो नष्ट होने के लिए थे। BSB BSB: What if God, intending to show His wrath and make His power known, bore with great patience the vessels of His wrath, prepared for destruction?
23 IEV परमेश्वर धीरज रखे हुए हैं कि वह यह स्पष्ट कर सकें कि वह उन लोगों के लिए कितने अद्भुत कार्य करते हैं जिन पर वह दया करते हैं, जिन्हें उन्होंने समय से पहले तैयार किया था जिससे कि वे उनके साथ रह सकें। BSB BSB: What if He did this to make the riches of His glory known to the vessels of His mercy, whom He prepared in advance for glory—
24 IEV इसका अर्थ यह है कि उन्होंने हमें चुना है, न केवल हम यहूदियों को, वरन् गैर- यहूदियों को भी। BSB BSB: including us, whom He has called not only from the Jews, but also from the Gentiles?
26 IEV और एक अन्य भविष्यद्वक्ता ने लिखा:“जहाँ पहले परमेश्वर ने उनसे कहा था,‘तुम मेरी प्रजा नहीं हो,’ उसी स्थान पर उनसे कहा गया कि वे जीविते परमेश्वर की सन्तान होंगे।” BSB BSB: and, “It will happen that in the very place where it was said to them, ‘You are not My people,’ they will be called ‘sons of the living God.’”
27 IEV यशायाह ने भी इस्राएलियों के विषय में कहा:“यद्यपि इस्राएली समुद्र के तट की रेत के कणों के जैसे इतने अधिक लोग हैं, कि कोई भी उनकी गणना नहीं कर सकता, परन्तु उनमें से एक छोटा सा भाग ही बचेगा, BSB BSB: Isaiah cries out concerning Israel: “Though the number of the Israelites is like the sand of the sea, only the remnant will be saved.
28 IEV क्योंकि यहोवा उस देश में रहने वाले लोगों को पूरी तरह से और शीघ्रता से दण्ड देंगे, जैसा उन्होंने कहा था कि वह करेंगे।” BSB BSB: For the Lord will carry out His sentence on the earth thoroughly and decisively.”
29 IEV यशायाह ने यह भी लिखा,“यदि स्वर्गीय सेनाओं के यहोवा ने दया से हमारे वंश में से कुछ लोगों को जीवित रहने की अनुमति नहीं दी होती, तो हम सदोम और गमोरा के शहरों के लोगों के समान बन गए होते, जिन्हें परमेश्वर ने पूरा नष्ट कर दिया था।” BSB BSB: It is just as Isaiah foretold: “Unless the Lord of Hosts had left us descendants, we would have become like Sodom, we would have resembled Gomorrah.”
30 IEV हमें यह निष्कर्ष निकालना चाहिए: यद्यपि गैर- यहूदी पवित्र होने का प्रयास नहीं कर रहे थे, उन्होंने जाना कि यदि वे मसीह पर भरोसा रखते हैं तो परमेश्वर उन्हें अपने साथ सही कर देंगे। BSB BSB: What then will we say? That the Gentiles, who did not pursue righteousness, have obtained it, a righteousness that is by faith;
31 IEV परन्तु इस्राएल के लोगों ने परमेश्वर के नियमों का पालन करके पवित्र बनने का प्रयास किया, परन्तु वे नहीं कर सके। BSB BSB: but Israel, who pursued a law of righteousness, has not attained it.
32 IEV वे ऐसा करने में सक्षम नहीं थे, क्योंकि उन्होंने परमेश्वर को प्रसन्न करने के लिए कार्य करने का प्रयास किया। उन्होंने अपना संतुलन खो दिया जब उन्होंने मसीह में विश्वास के द्वारा पापों की क्षमा पाने के लिए परमेश्वर पर भरोसा नहीं किया। BSB BSB: Why not? Because their pursuit was not by faith, but as if it were by works. They stumbled over the stumbling stone,
33 IEV एक भविष्यद्वक्ता ने भविष्य की घटना के विषय में यह कहा:“सुनो, मैं इस्राएल में, एक ऐसे व्यक्ति को रखने वाला हूँ, जो एक पत्थर के समान होगा, जिस पर लोग ठोकर खाएँगे। वह जो करेगा, उसके कार्यों से लोग क्रोधित होंगे। परन्तु, जो लोग उस पर विश्वास करते हैं, वे लज्जित न होंगे।” BSB BSB: as it is written: “See, I lay in Zion a stone of stumbling and a rock of offense; and the one who believes in Him will never be put to shame.”
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