1 UDB बाबेल के लोगों द्वारा हम इस्राएलियों को उनके देश में ले जाने के लगभग दस वर्ष बाद, उस वर्ष के दसवें महीने के बारहवें दिन, यहोवा ने मुझे एक और सन्देश दिया। उन्होंने मुझसे कहा, BSB BSB: In the tenth year, on the twelfth day of the tenth month, the word of the LORD came to me, saying,
2 UDB “हे मनुष्य के पुत्र, मिस्र की ओर मुड़ और मिस्र के राजा और उसके सारे लोगों के साथ होने वाली भयानक बातों की घोषणा कर। BSB BSB: “Son of man, set your face against Pharaoh king of Egypt and prophesy against him and against all Egypt.
3 UDB राजा को मेरी ओर से आया यह सन्देश दे, क्योंकि मैं यहोवा परमेश्वर हूँ। ‘हे फिरौन, मिस्र के राजा, यह जान ले, कि मैं, यहोवा, तेरा शत्रु हूँ। तू एक महान राक्षस के समान है जो नील नदी की धाराओं में लेटा रहता है। तू यह कहने का साहस करता है कि नील नदी तेरी है, और तू ने इसे अपने लिए बनाया है। BSB BSB: Speak to him and tell him that this is what the Lord GOD says: Behold, I am against you, O Pharaoh king of Egypt, O great monster who lies among his rivers, who says, ‘The Nile is mine; I made it myself.’
4 UDB परन्तु यह ऐसा होगा जैसे मैं तेरे जबड़ों में अंकुड़े डालूँगा और तुझे बाहर भूमि पर खींच लूँगा, मछली तेरी खाल पर चिपकी हुई होंगी। BSB BSB: But I will put hooks in your jaws and cause the fish of your streams to cling to your scales. I will haul you up out of your rivers, and all the fish of your streams will cling to your scales.
5 UDB मैं तुझे और उन सब मछलियों को रेगिस्तान में मरने के लिए छोड़ दूँगा; तू भूमि पर गिर पड़ेगा, और कोई भी तुझे दफन करने के लिए तेरे शव को नहीं उठाएगा, क्योंकि मैं घोषणा करता हूँ कि तेरा शरीर जंगली जानवरों और पक्षियों के लिए भोजन होगा। BSB BSB: I will leave you in the desert, you and all the fish of your streams. You will fall on the open field and will not be taken away or gathered for burial. I have given you as food to the beasts of the earth and the birds of the air.
6 UDB जब ऐसा होता है, तब मिस्र के सब लोग यह जान लेंगे कि यह मैं, यहोवा, हूँ जिसमें वह करने की शक्ति है जो वह कहता है कि करूँगा। इस्राएली लोगों ने भरोसा किया था कि तू उनकी सहायता करेगा। परन्तु तू उनके हाथों में एक नरकट के लट्ठे के समान रहा है। BSB BSB: Then all the people of Egypt will know that I am the LORD. For you were only a staff of reeds to the house of Israel.
7 UDB और जब वे उस लट्ठे पर झुक गए, तो वह टूट गया और उनके कंधों को तोड़ दिया। जब वे तुझ पर झुके, तो तू उनके हाथ में टूट जाने वाले लट्ठे के समान था, और जिसके परिणामस्वरूप तू उनके पैरों को कुचलने लगा और उनके लिए खड़ा होना असम्भव कर दिया।’ BSB BSB: When Israel took hold of you with their hands, you splintered, tearing all their shoulders; when they leaned on you, you broke, and their backs were wrenched.
8 UDB इस कारण यहोवा परमेश्वर कहते हैं, ‘मैं मिस्र के शत्रुओं को तलवारों से उन पर आक्रमण करने के लिए लाऊँगा; वे मिस्र के लोगों और जानवरों को मार देंगे। BSB BSB: Therefore this is what the Lord GOD says: I will bring a sword against you and cut off from you man and beast.
9 UDB मिस्र एक खाली रेगिस्तान बन जाएगा। तब मिस्र के लोगों को पता चलेगा कि यह मैं, यहोवा, हूँ जिसमें वह करने की शक्ति है जो वह कहते हैं, और वह मिस्र के लोगों को यह कहने के लिए दण्ड देंगे कि नील नदी उनकी है क्योंकि उन्होंने इसे बनाया है। BSB BSB: The land of Egypt will become a desolate wasteland. Then they will know that I am the LORD. Because you said, ‘The Nile is mine; I made it,’
10 UDB मैं तुम्हारे और तुम्हारी नदियों के विरुद्ध हूँ, और मैं मिस्र को नष्ट कर दूँगा और उत्तर में मिग्दोल शहर से दक्षिण में सवेने तक, दक्षिण की ओर कूश की सीमा तक खाली रेगिस्तान बना दूँगा। BSB BSB: therefore I am against you and against your rivers. I will turn the land of Egypt into a ruin, a desolate wasteland from Migdol to Syene, and as far as the border of Cush.
11 UDB चालीस वर्ष तक कोई भी उस क्षेत्र से होकर नहीं आया जाया करेगा, और कोई भी वहाँ नहीं रहेगा। BSB BSB: No foot of man or beast will pass through, and it will be uninhabited for forty years.
12 UDB मिस्र बंजर हो जाएगा, और यह अन्य त्यागे गए राष्ट्रों से घिरा होगा। चालीस वर्षों तक मिस्र के शहर खाली होंगे और बिना लोग के होंगे, और आस-पास के देश भी ऐसे ही होंगे। मैं मिस्र के लोगों को दूर के देशों में तितर बितर कर दूँगा। BSB BSB: I will make the land of Egypt a desolation among desolate lands, and her cities will lie desolate for forty years among the ruined cities. And I will disperse the Egyptians among the nations and scatter them throughout the countries.
13 UDB परन्तु यहोवा परमेश्वर यह भी कहते हैं: ‘चालीस वर्षों का अन्त होने पर, मैं मिस्र के लोगों को फिर से घर लौटने दूँगा। BSB BSB: For this is what the Lord GOD says: At the end of forty years I will gather the Egyptians from the nations to which they were scattered.
14 UDB मैं मिस्र के उन लोगों को वापस लाऊँगा जिनको उनके शत्रुओं ने पकड़ लिया था, और मैं उन्हें दक्षिण में पत्रोस के क्षेत्र में फिर से रहने की अनुमति दूँगा, जहाँ वे पहले रहते थे। परन्तु मिस्र एक बहुत महत्वहीन साम्राज्य बना रहेगा। BSB BSB: I will restore Egypt from captivity and bring them back to the land of Pathros, the land of their origin. There they will be a lowly kingdom.
15 UDB यह सब राष्ट्रों में से सबसे कम महत्वपूर्ण होगा; यह फिर से निकट के देशों से अधिक महान नहीं होगा। मैं मिस्र को बहुत अशक्त कर दूँगा, और वे फिर कभी अन्य राष्ट्रों पर शासन नहीं करेंगे। BSB BSB: Egypt will be the lowliest of kingdoms and will never again exalt itself above the nations. For I will diminish Egypt so that it will never again rule over the nations.
16 UDB जब ऐसा होता है, तो इस्राएल के अगुवे अब मिस्र से उनकी सहायता करने के लिए पूछने के विषय में नहीं सोचेंगे। जब मैं मिस्र को दण्ड दूँगा, तो इस्राएलियों को स्मरण दिलाया जाएगा कि उन्होंने पहले यह भरोसा करके पाप किया था कि मिस्र उनकी सहायता कर सकता है। और इस्राएल के लोग यह जान लेंगे कि यहोवा परमेश्वर में वह करने की शक्ति है जो वह कहते हैं कि करेंगे।’” BSB BSB: Egypt will never again be an object of trust for the house of Israel, but will remind them of their iniquity in turning to the Egyptians. Then they will know that I am the Lord GOD.”
17 UDB हम इस्राएली बन्दियों को बाबेल ले जाने के लगभग सत्ताईस वर्ष बाद, नए वर्ष के पहले दिन, यहोवा ने मुझे यह सन्देश दिया: BSB BSB: In the twenty-seventh year, on the first day of the first month, the word of the LORD came to me, saying,
18 UDB “हे मनुष्य के पुत्र, बाबेल के राजा नबूकदनेस्सर की सेना ने सोर के विरुद्ध बहुत कठिन युद्ध किया, जिसके परिणामस्वरूप उनके सिर उनके टोप के नीचे गन्जे हो गए, और उनके कंधे छिल गए। परन्तु नबूकदनेस्सर और उसकी सेना को सोर जीतने के उस अभियान में उनकी कड़ी परिश्रम का फल पाने के लिए कोई भी मूल्यवान वस्तु नहीं मिलीं। BSB BSB: “Son of man, Nebuchadnezzar king of Babylon caused his army to labor strenuously against Tyre. Every head was made bald and every shoulder made raw. But he and his army received no wages from Tyre for the labor they expended on it.
19 UDB इस कारण, यहोवा परमेश्वर कहते हैं कि वह मिस्र को जीतने के लिए राजा नबूकदनेस्सर की सेना को समर्थ करेंगे। वे वहाँ से सब मूल्यवान वस्तुओं को उठा कर ले जाएँगे, कि राजा उन्हें अपने सैनिकों को दे सके। BSB BSB: Therefore this is what the Lord GOD says: I will give the land of Egypt to Nebuchadnezzar king of Babylon, who will carry off its wealth, seize its spoil, and remove its plunder. This will be the wages for his army.
20 UDB यहोवा कहते हैं कि सोर के साथ उन्होंने जो किया है उसके प्रतिफल में वह उन्हें मिस्र को जीतने में समर्थ करेंगे, क्योंकि नबूकदनेस्सर और उसकी सेना उनके लिए कार्य कर रही थी, वे वही कर रहे थे जो वह उनसे चाहते थे कि वे करें, और वह कार्य सोर को नष्ट करना था।” BSB BSB: I have given him the land of Egypt as the reward for his labor, because it was done for Me, declares the Lord GOD.
21 UDB यहोवा ने मुझसे कहा, “किसी दिन मैं इस्राएल को एक शक्तिशाली राष्ट्र बनाऊँगा। जब ऐसा होगा, तब जो कुछ तुम उनसे कहते हो, मैं उन्हें सुनने योग्य करूँगा। तब वे जान जाएँगे कि यह सब इसलिए हुआ है कि मुझ, यहोवा, ने यह किया होगा।” BSB BSB: In that day I will cause a horn to sprout for the house of Israel, and I will open your mouth to speak among them. Then they will know that I am the LORD.”
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