2 HGST हमें यीशु पर ध्यान लगाने की आवश्यकता है, जो सबसे पहले तो हमें परमेश्वर पर भरोसा करने में और फिर मरने तक ऐसा करने में सक्षम बनाता है। जब वह क्रूस पर मरा तो वह स्वयं दृढ़ बना रहा, और उसने इस बात की परवाह नहीं की कि वह लज्जापूर्ण रीति से मरा।{ उसने उन तरीकों से कार्य इसलिये किया} क्योंकि वह जानता था कि परमेश्वर उसे बाद में आनन्दित करेगा। अब, वह परमेश्वर{ पिता} के साथ है, जहाँ वह सिंहासन पर बैठकर शासन करता है। BSB BSB: Let us fix our eyes on Jesus, the author and perfecter of our faith, who for the joy set before Him endured the cross, scorning its shame, and sat down at the right hand of the throne of God.
3 HGST तुम्हें यीशु के बारे में विचार करना चाहिए, जो उस समय भी दृढ़ बना रहा जब पापी लोगों ने उससे झगड़ा किया,{ यद्यपि} उन्होंने{ केवल} स्वयं को ही चोट पहुँचाई। इस रीति से, तुम भीतर से मजबूत होकर दृढ़ बने रह सकते हो। BSB BSB: Consider Him who endured such hostility from sinners, so that you will not grow weary and lose heart.
4 HGST अब तक तुम बुराई का विरोध करते हुए और पाप से बचने के निमित्त कठिन परिश्रम करते हुए भी नहीं मरे। BSB BSB: In your struggle against sin, you have not yet resisted to the point of shedding your blood.
5 HGST इसके अलावा, तुम वह याद करने में असफल रहे हो जिसे करने के लिये{ सुलैमान} ने अपनी सन्तानों को प्रोत्साहित किया था, जो तुम पर भी लागू होता है।{ जो सुलैमान ने लिखा था वह यह है}:“हे मेरे बच्चों, जब प्रभु तुम्हें प्रशिक्षित करे तो ध्यान लगाकर सीखो। वास्तव में, जब वह तुम्हें सुधारे तो दृढ़ बने रहो। BSB BSB: And you have forgotten the exhortation that addresses you as sons: “My son, do not take lightly the discipline of the Lord, and do not lose heart when He rebukes you.
6 HGST { तुम्हें ऐसा इसलिये करना चाहिए,} क्योंकि प्रभु{ परमेश्वर} जिस किसी से प्रेम रखता है उसे प्रशिक्षित करता है। वास्तव में, वह हर उस बच्चे को कठोरता से सुधारता है जिसे वह अपना कहता है।” BSB BSB: For the Lord disciplines the one He loves, and He chastises every son He receives.”
7 HGST तुम्हें दृढ़ रहने की इसलिये आवश्यकता है ताकि परमेश्वर तुम्हें प्रशिक्षित कर सके। परमेश्वर तुम्हारे प्रति इन तरीकों से कार्य इसलिये करता है क्योंकि तुम उसकी सन्तान हो।{ तुम बता सकते हो कि यह बात इसलिये सत्य है,} क्योंकि माता- पिता हमेशा अपने स्वयं के बच्चों को प्रशिक्षित करते हैं। BSB BSB: Endure suffering as discipline; God is treating you as sons. For what son is not disciplined by his father?
8 HGST मान लो कि परमेश्वर ने तुम्हें प्रशिक्षित नहीं किया, भले ही उसने बाकी सब को प्रशिक्षित किया हो। उस मामले में, तुम वास्तव में{ परमेश्वर की} सन्तान नहीं ठहरोगे। BSB BSB: If you do not experience discipline like everyone else, then you are illegitimate children and not true sons.
9 HGST इसके अलावा, जब हम बच्चे थे तो हमारे मानवीय माता- पिता ने हमें प्रशिक्षित किया, और हमने उनका सम्मान किया। इसलिये, जब हमारा आत्मिक पिता{, अर्थात् परमेश्वर, हमें प्रशिक्षित करता है}, तो हमें इसे और भी अधिक स्वीकार करना चाहिए। इस रीति से, हम{ सर्वदा} जीवित रहेंगे। BSB BSB: Furthermore, we have all had earthly fathers who disciplined us, and we respected them. Should we not much more submit to the Father of our spirits and live?
10 HGST इसके अलावा, हमारे मानवीय माता- पिता ने थोड़े समय के लिये हमें उन तरीकों से प्रशिक्षित किया जो उन्हें सही लगे। हालाँकि, हमारा परमेश्वर पिता उन तरीकों से{ हमें प्रशिक्षित करता है} जो{ हमारे लिये} सर्वोत्तम हैं। उस रीति से, हम ऐसे लोग बन जाते हैं जिन्हें उसने अलग कर दिया है, जैसे वह स्वयं को भी अलग करता है। BSB BSB: Our fathers disciplined us for a short time as they thought best, but God disciplines us for our good, so that we may share in His holiness.
11 HGST जब कभी भी परमेश्वर हमें प्रशिक्षित करता है, तब ऐसा होते समय हम आनन्दित होने के बजाय दुःखी होते हैं। हालाँकि, एक बार जब हम समझ जाते हैं कि परमेश्वर हमें कैसे प्रशिक्षित कर रहा है, तो हम शान्तिपूर्वक वह करने में सक्षम हो जाते हैं जो सही है। BSB BSB: No discipline seems enjoyable at the time, but painful. Later on, however, it yields a harvest of righteousness and peace to those who have been trained by it.
12 HGST इन सबके कारण, तुम्हें परमेश्वर पर भरोसा करने में दृढ़ होने के लिये स्वयं को वैसे ही तैयार करने की आवश्यकता है, जैसे धावक अपने थके हुए शरीर को दौड़ते रहने के लिये तैयार करते हैं। BSB BSB: Therefore strengthen your limp hands and weak knees.
13 HGST तुम्हें परमेश्वर पर भरोसा करने और उसकी आज्ञा मानने पर वैसे ही ध्यान लगाने की आवश्यकता है, जैसे कोई धावक सबसे सीधे मार्ग पर दौड़ने पर ध्यान लगाता है। उस रीति से, जो कोई भी आत्मिक रूप से निर्बल है वह परमेश्वर पर भरोसा करना बंद नहीं करेगा, परन्तु इसके बजाय उस पर और अधिक भरोसा करेगा। BSB BSB: Make straight paths for your feet, so that the lame may not be disabled, but rather healed.
14 HGST तुम्हें सबके साथ शान्तिपूर्वक रहने का प्रयास करना चाहिए। साथ ही,{ तुम्हें} स्वयं को परमेश्वर के लिये अलग करने का{ प्रयास करना चाहिए}। यदि तुम ऐसा करोगे तो ही तुम अन्त में प्रभु के साथ रह पाओगे। BSB BSB: Pursue peace with everyone, as well as holiness, without which no one will see the Lord.
15 HGST इस बात को सुनिश्चित करो कि तुम्हारे संगी विश्वासियों को वह पूर्ण रूप से प्राप्त हो जो परमेश्वर ने तुम्हें दिया है। ऐसे किसी भी व्यक्ति{ से सावधान रहो} जो आक्रोशपूर्ण व्यवहार करना आरम्भ करके{ संगी विश्वासियों को} परेशान करता है। यह कई{ दूसरे विश्वासियों को} भी इसी तरह व्यवहार करने के लिये प्रेरित कर सकता है। BSB BSB: See to it that no one falls short of the grace of God, and that no root of bitterness springs up to cause trouble and defile many.
16 HGST उन लोगों{ से सावधान रहो} जो अनुचित यौन सम्बन्ध रखते हैं या स्वयं को परमेश्वर के लिये अलग नहीं करते।{ ये लोग} एसाव के समान{ हैं}, जिसने{ अपने छोटे भाई याकूब से} कुछ भोजन प्राप्त करने के लिये उसे पहलौठी सन्तान के रूप में कार्य करने की अनुमति दे दी। BSB BSB: See to it that no one is sexually immoral, or is godless like Esau, who for a single meal sold his birthright.
17 HGST { तुम्हें एसाव के समान होने से इसलिये बचना चाहिए,} क्योंकि तुम वह जानोगे जो बाद में उसके साथ हुआ था। वह चाहता तो था कि उसका पिता उसे आशीष दे, परन्तु उसके पिता ने ऐसा करने से इन्कार कर दिया। जैसा कि तुम देख सकते हो, कि एसाव ने जो किया था उसे वह बदल नहीं सका, यहाँ तक कि जब उसने{ इसे बदलने का} प्रयास किया उस समय वह रोया भी था। BSB BSB: For you know that afterward, when he wanted to inherit the blessing, he was rejected. He could find no ground for repentance, though he sought the blessing with tears.
18 HGST परमेश्वर के पास आने में, तुमने उन चीजों का अनुभव नहीं किया है जो इस्राएली लोगों ने सीनै पर्वत पर अनुभव किया था। वे उस पहाड़ के पास पहुँचे जिसे परमेश्वर ने उन्हें न छूने की आज्ञा दी थी क्योंकि वह स्वयं उस पहाड़ पर उतर आया था। वे एक धधकती हुई आग के पास पहुँचे, और यह भयंकर तूफ़ान से, अँधेरे बादलों और काली घटाओं से भरा हुआ था। BSB BSB: For you have not come to a mountain that can be touched and that is burning with fire; to darkness, gloom, and storm;
19 HGST उन्होंने किसी को तुरही बजाते और परमेश्वर को एक संदेश कहते हुए सुना। जब उन्होंने परमेश्वर को बोलते हुए सुना, तो उन्होंने उससे विनती की कि वह उनसे और बातें न कहे। BSB BSB: to a trumpet blast or to a voice that made its hearers beg that no further word be spoken.
20 HGST { उन्होंने ऐसा इसलिये किया,} क्योंकि वे उस समय डर गए थे जब परमेश्वर ने उन्हें यह आज्ञा दी,“तुम्हें इस पहाड़ को छूने वाले सब लोगों और पशुओं को मार डालना होगा।{ तुम्हें} उन पर पत्थर फेंककर{ उन्हें मार डालना होगा}।” BSB BSB: For they could not bear what was commanded: “If even an animal touches the mountain, it must be stoned.”
21 HGST इसके अलावा, जब मूसा ने देखा कि वह सब कुछ कितना डरावना था, तो उसने कहा,“मैं डर के मारे काँप रहा हूँ!” BSB BSB: The sight was so terrifying that even Moses said, “I am trembling with fear.”
22 HGST इसके विपरीत, तुम एक स्वर्गीय स्थान, अर्थात् सिय्योन पर्वत के निकट चले गए हो।{ इस पर्वत पर} स्वर्गीय यरूशलेम नगर है जो एकमात्र वास्तविक परमेश्वर का है।{ इस नगर में} बहुत सारे आत्मिक प्राणी हैं जो एक साथ उत्सव मनाते हैं। BSB BSB: Instead, you have come to Mount Zion, to the city of the living God, the heavenly Jerusalem. You have come to myriads of angels
23 HGST साथ ही{ इस नगर में} वे लोग भी हैं जिनके{ नाम} परमेश्वर ने स्वर्ग में लिखे हुए हैं।{ वे लोग} परमेश्वर के लोग हैं, अर्थात् उसकी विशेष सन्तान हैं। और{ वहाँ} परमेश्वर भी है, जो इस बात का निर्णय लेता है कि सब{ लोग} दोषी हैं या निर्दोष हैं।{ वहाँ} ऐसे भी लोग हैं जिन्होंने परमेश्वर की आज्ञा मानी है। वे तो मर मिटे, परन्तु अब परमेश्वर ने उन्हें वैसा बनाया है जैसा वह उन्हें बनाना चाहता है। BSB BSB: in joyful assembly, to the congregation of the firstborn, enrolled in heaven. You have come to God the Judge of all, to the spirits of the righteous made perfect,
24 HGST और{ इस नगर में} यीशु भी है, जिसके माध्यम से परमेश्वर ने एक नयी वाचा बाँधी है।{ वहाँ} यीशु का लहू भी है, जो हमें शुद्ध करता है। उसका लहू हाबिल के लहू से बढ़कर प्रभावशाली है। BSB BSB: to Jesus the mediator of a new covenant, and to the sprinkled blood that speaks a better word than the blood of Abel.
25 HGST इस बात को सुनिश्चित करो कि तुम उस परमेश्वर की आज्ञा का पालन करो, जो तुमसे बात करता है। इस बात पर विचार करो कि कैसे कुछ इस्राएलियों ने उस बात का पालन नहीं किया जिसे परमेश्वर ने उन पर सीनै पर्वत से प्रकट किया था। निश्चय ही परमेश्वर ने उन्हें दण्ड दिया। अब इस बात पर विचार करो कि{ परमेश्वर} हममें से उस व्यक्ति को कितना अधिक{ दण्ड देगा} जो उस बात का पालन नहीं करता जिसे सिय्योन पर्वत से वह{ हम पर प्रकट करता है}। BSB BSB: See to it that you do not refuse Him who speaks. For if the people did not escape when they refused Him who warned them on earth, how much less will we escape if we reject Him who warns us from heaven?
26 HGST जब परमेश्वर ने सीनै पर्वत से बातें कीं, तो उससे पृथ्वी हिल गई। हालाँकि, इस समय वह यह प्रतिज्ञा करता है कि,“एक बार और, मैं पृथ्वी को और स्वर्ग को भी हिला दूँगा।” BSB BSB: At that time His voice shook the earth, but now He has promised, “Once more I will shake not only the earth, but heaven as well.”
27 HGST “एक बार और” इन शब्दों का अर्थ यह है कि परमेश्वर हर उस वस्तु को बदल देगा जिसे वह हिलाएगा।{ वह इसे वैसे ही करेगा} जैसे उसने उन सब वस्तुओं को बनाया है। इस रीति से, जिन सब वस्तुओं को वह नहीं हिलाएगा वह सर्वदा के लिये बनी रहेंगी। BSB BSB: The words “Once more” signify the removal of what can be shaken—that is, created things—so that the unshakable may remain.
28 HGST इसलिये, हम एक ऐसे राज्य में रहेंगे जिसे परमेश्वर नहीं हिलाएगा।{ इस कारण से,} हमें परमेश्वर को धन्यवाद देना चाहिए। ऐसा करने से, हम आदरपूर्वक उस तरीके से परमेश्वर की आराधना करते हैं जिससे वह प्रसन्न होता है। BSB BSB: Therefore, since we are receiving an unshakable kingdom, let us be filled with gratitude, and so worship God acceptably with reverence and awe.
29 HGST { हमें आदरपूर्वक ऐसा इसलिये करना चाहिए,} क्योंकि जिस परमेश्वर की हम{ आराधना करते हैं} वह भड़कती हुई आग{ के समान सामर्थी और भयंकर} है। BSB BSB: “For our God is a consuming fire.”
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