1 HGST क्योंकि{ परमेश्वर ने ये बातें अपने पुत्र से कही थीं}, इसलिये हमें सबसे अधिक उस{ शुभ संदेश} पर ध्यान लगाना चाहिए जो हमने सीखा था। इस रीति से, हम उस पर विश्वास करने से रुकते नहीं। BSB BSB: We must pay closer attention, therefore, to what we have heard, so that we do not drift away.
2 HGST { यह बात इसलिये महत्वपूर्ण है} क्योंकि, उन आत्मिक प्राणियों ने{ इस्राएल के लोगों को} व्यवस्था सौंपते समय जो बात बोली थी वह भरोसे के योग्य थी। इसके अलावा, जिस किसी ने भी इस व्यवस्था को नहीं माना या इसे तोड़ा, परमेश्वर ने उसे न्यायपूर्वक दण्ड दिया। BSB BSB: For if the message spoken by angels was binding, and every transgression and disobedience received its just punishment,
3 HGST { चूँकि यह सत्य बात है}, इसलिये परमेश्वर निश्चित रूप से हममें से हर उस व्यक्ति को दण्डित करेगा जो इस संदेश को अनदेखा करता है कि परमेश्वर ने हमारा उद्धार करने के लिये कैसे सामर्थी ढंग से कार्य किया है। वह प्रभु{ यीशु} ही था जिसने सबसे पहले यह संदेश सुनाया था, और जिन्होंने उसकी सुनी थी उन्होंने हमें वही संदेश विश्वसनीय रूप से सुनाया था। BSB BSB: how shall we escape if we neglect such a great salvation? This salvation was first announced by the Lord, was confirmed to us by those who heard Him,
4 HGST परमेश्वर ने विश्वासियों को सामर्थी और आश्चर्यजनक काम करने के लिये सशक्त बनाकर हमें इस बात की भी पुष्टि की है कि यह संदेश सत्य है। इसके अलावा, जिसे- जिसे परमेश्वर ने चुना, उसने उस हर एक विश्वासी को पवित्र आत्मा दी। BSB BSB: and was affirmed by God through signs, wonders, various miracles, and gifts of the Holy Spirit distributed according to His will.
5 HGST अब परमेश्वर ने उन आत्मिक प्राणियों को उस स्वर्गीय संसार का अधिकारी नहीं बनाया जिसे वह पृथ्वी पर लाएगा। ये वही संसार है जिसके बारे में मैं बात कर रहा हूँ। BSB BSB: For it is not to angels that He has subjected the world to come, about which we are speaking.
6 HGST जब किसी ने पवित्रशास्त्र में यह लिखा तो उसने{ मेरी उस कही हुई बात की} पुष्टि की कि,“{ हे परमेश्वर,} कोई भी मनुष्य इस योग्य नहीं कि तू उनके बारे में विचार करे! कोई भी मनुष्य इतना महत्वपूर्ण नहीं कि तू उसकी सुधि ले! BSB BSB: But somewhere it is testified in these words: “What is man that You are mindful of him, or the son of man that You care for him?
7 HGST { इसके बजाय}, तूने आत्मिक प्राणियों की तुलना में मनुष्यों को थोड़ा ही कम सामर्थी बनाया है, और तूने उन्हें बहुत सम्मान देकर सशक्त किया है। BSB BSB: You made him a little lower than the angels; You crowned him with glory and honor
8 HGST तूने उन्हें{ अपनी बनाई हुई} हर एक वस्तु का अधिकारी ठहराया है।” जब उसने लिखा कि“उन्हें हर एक वस्तु का अधिकारी ठहराओ,” तो इसका अर्थ यह था कि ऐसा कुछ भी नहीं है जिस पर वे अधिकारी न हों। हालाँकि, इस वर्तमान समय में, हम यह नहीं देख पाते कि मनुष्य हर एक वस्तु के अधिकारी हैं। BSB BSB: and placed everything under his feet.” When God subjected all things to him, He left nothing outside of his control. Yet at present we do not see everything subject to him.
9 HGST हालाँकि, हम यीशु को देखते हैं। वही तो है जो थोड़े समय के लिये आत्मिक प्राणियों की तुलना में कम सामर्थी था, और{ अब} परमेश्वर ने उसे बहुत सम्मान देकर सशक्त किया है। क्योंकि यीशु मरा इसलिये परमेश्वर ने ऐसा किया। इस रीति से, परमेश्वर ने दयालु होकर उसे उन सब लोगों के लिये मरने दिया{ जो उस पर विश्वास करते हैं}। BSB BSB: But we see Jesus, who was made a little lower than the angels, now crowned with glory and honor because He suffered death, so that by the grace of God He might taste death for everyone.
10 HGST { उस रीति से कार्य करना} परमेश्वर के लिये उचित था, जिसने{ अस्तित्व में मौजूद} हर एक वस्तु की रचना करके उसे निर्देशित किया। जब यीशु ने उस पर विश्वास करने वाले उन सब लोगों को महिमान्वित करना आरम्भ किया जो उसके अपने भाई- बहनों{ के समान} हैं, तो जैसे यीशु ने दुःख उठाया, परमेश्वर ने उसका उपयोग उसे उन लोगों का उद्धार करने में सक्षम करने के लिये किया। BSB BSB: In bringing many sons to glory, it was fitting for God, for whom and through whom all things exist, to make the author of their salvation perfect through suffering.
11 HGST यीशु, जो अपने लोगों को परमेश्वर के लिये अलग करता है, और वही लोग जिन्हें उसने परमेश्वर के लिये अलग किया है, वे सब परमेश्वर ही की ओर से आते हैं। इसलिये, यीशु उन्हें अपना भाई- बहन कहने में संकोच नहीं करता। BSB BSB: For both the One who sanctifies and those who are sanctified are of the same family. So Jesus is not ashamed to call them brothers.
12 HGST { यीशु उस समय उन्हें अपना भाई- बहन कहता है} जब वह कहता है,“{ हे परमेश्वर,} मैं अपने भाई- बहनों को बताऊँगा कि तू कैसा है; जब लोग{ तेरी आराधना करने के लिये} इकट्ठे होंगे, तब मैं तेरा भजन गाऊँगा।” BSB BSB: He says: “I will proclaim Your name to My brothers; I will sing Your praises in the assembly.”
13 HGST आगे{ यीशु कहता है}:“मैं उस पर भरोसा रखूँगा।” और आगे{ यीशु कहता है},“मुझे और परमेश्वर की उन सन्तानों को देखो जिन्हें उसने मुझे सौंपा है।” BSB BSB: And again: “I will put My trust in Him.” And once again: “Here am I, and the children God has given Me.”
14 HGST इसलिये, क्योंकि मनुष्य ही परमेश्वर की सन्तान हैं, तो यीशु भी उन्हीं के समान एक मनुष्य बन गया।{ उसने ऐसा इसलिये किया} ताकि वह मरकर, उस शैतान को हरा सके, जो लोगों को नियंत्रित करने के लिये इस तथ्य का उपयोग करता है कि मनुष्य तो मरते ही हैं। BSB BSB: Now since the children have flesh and blood, He too shared in their humanity, so that by His death He might destroy him who holds the power of death, that is, the devil,
17 HGST क्योंकि{ वह इसी कारण से आया था}, इसलिये यीशु को बिलकुल हमारे जैसा बनना था, जो कि उसके भाई- बहन हैं। इस रीति से, वह ऐसा शासकीय याजक हो सकता है जो दयालु और भरोसेमंद तरीके से परमेश्वर की सेवा करता हो, ताकि परमेश्वर के लोगों ने जो गलत काम किया है उसे वह क्षमा कर दे। BSB BSB: For this reason He had to be made like His brothers in every way, so that He might become a merciful and faithful high priest in service to God, in order to make atonement for the sins of the people.
18 HGST { यीशु उस प्रकार का याजक इसलिये हो सकता है} क्योंकि उसने पीड़ादायी बातों को सह लिया और इस बात का अनुभव किया कि बुरा काम करना भला कैसे लगता है। इसलिये, वह हर उस व्यक्ति की सहायता कर सकता है जो इस बात का अनुभव करता है कि बुरा काम करना भला कैसे लगता है। BSB BSB: Because He Himself suffered when He was tempted, He is able to help those who are being tempted.
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