1 HGST योना के लिए, ये बहुत गलत था कि परमेश्वर ने नीनवे को नष्ट नहीं किया। वो इसके बारे में बहुत क्रोधित हुआ। BSB BSB: Jonah, however, was greatly displeased, and he became angry.
2 HGST उसने यहोवा से प्रार्थना की,“हे यहोवा, यह बिलकुल वैसा ही है जो मैंने कहा, होगा, इससे पहले मैंने घर छोड़ा। मैं जानता हूँ कि आप वो परमेश्वर हो, जो बहुत दयालुता और करुणा से सब लोगों से व्यवहार करते हो। आप बुराई करने वालों पर शीघ्र ही क्रोधित नहीं होते हैं। आप लोगों को बहुत ज्यादा प्यार करते हैं, और आप लोगों पर कृपालु होना ज्यादा पसंद करते हैं उन्हें दंड देने की अपेक्षा। कारण जो कि मैं तर्शीश को भागा इस ही बात को होने से रोकना था, क्यूंकि मैं चाहता था कि आप नीनवे को दंड दें। BSB BSB: So he prayed to the LORD, saying, “O LORD, is this not what I said while I was still in my own country? This is why I was so quick to flee toward Tarshish. I knew that You are a gracious and compassionate God, slow to anger, abounding in loving devotion—One who relents from sending disaster.
3 HGST तो अब, यहोवा, कृपया मुझे मार डालें, क्योंकि मैं जीवित रहने की अपेक्षा मरना पसंद करूँगा यदि आप नीनवे को नष्ट नहीं करते हैं तो।” BSB BSB: And now, O LORD, please take my life from me, for it is better for me to die than to live.”
4 HGST यहोवा ने उत्तर दिया,“क्या तेरे लिए यह क्रोधित होना सही है कि मैंने नीनवे को नष्ट नहीं किया?” BSB BSB: But the LORD replied, “Have you any right to be angry?”
5 HGST योना ने उत्तर नहीं दिया परन्तु शहर से बाहर निकल कर चला गया और बैठ गया कम दूरी पर शहर की पूर्व दिशा की ओर। वहां उसने एक छोटा आश्रय बनाया खुद को सूर्य से छाया में रखने के लिए। वह आश्रय के नीचे रहा और प्रतीक्षा की ये देखने के लिए शहर को क्या होगा। BSB BSB: Then Jonah left the city and sat down east of it, where he made himself a shelter and sat in its shade to see what would happen to the city.
7 HGST तब, सुबह में अगले दिन, परमेश्वर ने एक कीड़ा भेजा उस पौधे को इतना चबाने के लिए। कि वो पौधा मुरझा गया। BSB BSB: When dawn came the next day, God appointed a worm that attacked the plant so that it withered.
8 HGST तब, सूर्य चढ़ने के कुछ ही समय बाद, परमेश्वर ने एक गर्म हवा भेजी उत्तर दिशा से बहने के लिए। सूर्य बहुत गर्म होकर योना के सर पर चमका, और योना को बेहोशी अनुभव हुई। वह मरना चाहता था, और उसने कहा,“मेरे लिए मरना भला होगा जीवित रहने की तुलना में!” BSB BSB: As the sun was rising, God appointed a scorching east wind, and the sun beat down on Jonah’s head so that he grew faint and wished to die, saying, “It is better for me to die than to live.”
9 HGST तब परमेश्वर ने योना से कहा,“क्या ये तेरे लिए सही है क्रोधित होना उस विषय में जो पौधे को हुआ?” योना ने उत्तर दिया,“हाँ, यह सही है मेरे लिए क्रोधित होना! मैं इतना क्रोधित हूँ कि मैं मरना चाहता हूँ!” BSB BSB: Then God asked Jonah, “Have you any right to be angry about the plant?” “I do,” he replied. “I am angry enough to die!”