2 HGST वे उन बातों का संकलन कर रहे हैं जिनके विषय में हमें उन लोगों ने बताया था जिन्होंने इन बातों को घटित होते हुए देखा था। वे लोग उस समय से ही वहाँ पर थे जब सब कुछ होना सर्वप्रथम आरम्भ हुआ, और तब से ही वे उस घटना का प्रचार कर रहे हैं। BSB BSB: just as they were handed down to us by the initial eyewitnesses and servants of the word.
3 HGST मैंने स्वयं ही हर उस बात की सावधानीपूर्वक जाँच की है जो आरम्भ ही से घटित हुई थीं। अतः मैंने यह निर्णय लिया कि मुझे तेरे लिए लिए भी एक सटीक ब्यौरा लिखना चाहिए। हे महामहिम, थियुफिलुस, BSB BSB: Therefore, having carefully investigated everything from the beginning, it seemed good also to me to write an orderly account for you, most excellent Theophilus,
4 HGST मैं चाहता हूँ कि तू जान ले कि जो बातें लोगों ने तुझे यीशु के विषय में बताई हैं वे सत्य हैं। BSB BSB: so that you may know the certainty of the things you have been taught.
6 HGST परमेश्वर यह विचार रखता था कि वे दोनों धर्मी थे क्योंकि उन्होंने सर्वदा हर उस बात का आज्ञापालन किया था जिसका परमेश्वर ने आदेश दिया था। BSB BSB: Both of them were righteous in the sight of God, walking blamelessly in all the commandments and decrees of the Lord.
7 HGST परन्तु उनके कोई सन्तान नहीं थी, क्योंकि एलीशिबा सन्तान उत्पन्न करने में असमर्थ थी। और अब वह और उसका पति सन्तान उत्पन्न करने के लिए बहुत वृद्ध थे। BSB BSB: But they had no children, because Elizabeth was barren, and they were both well along in years.
8 HGST जकर्याह के याजकीय समूह का अपनी बारी लेने{ यरूशलेम में सेवा करने} का समय आ पहुँचा। इसलिए परमेश्वर के लिए याजक के रूप में कार्य करने हेतु जकर्याह वहाँ पर उपस्थित हुआ। BSB BSB: One day while Zechariah’s division was on duty and he was serving as priest before God,
9 HGST याजकों ने प्रभु के मंदिर में जाने और वहाँ पर धूप जलाने के लिए जकर्याह का चुनाव किया। उन्होंने उसका चुनाव अपनी सामान्य रीति, अर्थात् चिट्ठियाँ डालने के द्वारा किया{ अर्थात् यह निर्धारित करना कि किसी विशेष कार्य को करने हेतु परमेश्वर किसे चाहता था}। BSB BSB: he was chosen by lot, according to the custom of the priesthood, to enter the temple of the Lord and burn incense.
10 HGST जब धूप जलाने का समय आया, तो बहुत से लोग{ मंदिर के} बाहर{ आँगन में} प्रार्थना कर रहे थे। BSB BSB: And at the hour of the incense offering, the whole congregation was praying outside.
11 HGST उसी समय पर, जकर्याह के पास परमेश्वर का स्वर्गदूत आ पहुँचा। वह वेदी के दाहिनी ओर खड़ा हो गया जहाँ पर वह धूप जला रहा था। BSB BSB: Just then an angel of the Lord appeared to Zechariah, standing at the right side of the altar of incense.
12 HGST जब जकर्याह ने स्वर्गदूत को देखा, तो वह घबरा गया और भयभीत हो गया। BSB BSB: When Zechariah saw him, he was startled and gripped with fear.
13 HGST परन्तु उस स्वर्गदूत ने उससे कहा,“हे जकर्याह,{ मुझ से} डरने की कोई आवश्यकता नहीं है। तू प्रार्थना कर रहा था, और परमेश्वर तेरी प्रार्थना का उत्तर देने जा रहा है। तेरी पत्नी एलीशिबा तेरे लिए एक पुत्र को जन्म देगी। उसका नाम यूहन्ना रखना। BSB BSB: But the angel said to him, “Do not be afraid, Zechariah, because your prayer has been heard. Your wife Elizabeth will bear you a son, and you are to give him the name John.
14 HGST तू अत्यन्त प्रसन्न होगा, और बहुत से अन्य लोग भी प्रसन्न होंगे जब वह जन्म लेगा। BSB BSB: He will be a joy and delight to you, and many will rejoice at his birth,
15 HGST तू और वे इसलिए प्रसन्न होंगे क्योंकि तेरा पुत्र परमेश्वर के लिए अत्यन्त प्रभावशाली होगा। वह कभी भी दाखरस या किसी अन्य मादक पेय को न पीए। उसके जन्म लेने से पहले से ही पवित्र आत्मा उसे प्रभावित करना आरम्भ कर देगा। BSB BSB: for he will be great in the sight of the Lord. He shall never take wine or strong drink, and he will be filled with the Holy Spirit even from his mother’s womb.
16 HGST तेरा पुत्र बहुत से इस्राएलियों को पाप करने से रुक जाने के लिए और फिर से प्रभु उनके परमेश्वर की आज्ञा मानना आरम्भ करने के लिए सहमत कर लेगा। BSB BSB: Many of the sons of Israel he will turn back to the Lord their God.
18 HGST तब जकर्याह ने स्वर्गदूत से कहा,“मैं कैसे सुनिश्चित होऊँ कि जो बातें तूने कही हैं सचमुच घटित होंगी? मैं तो बहुत वृद्ध हूँ, और मेरी पत्नी भी बहुत वृद्ध है,{ इसलिए मेरे लिए यह विश्वास करना कठिन है कि ये बातें घटित होंगी}।” BSB BSB: “How can I be sure of this?” Zechariah asked the angel. “I am an old man, and my wife is well along in years.”
19 HGST फिर स्वर्गदूत ने उसको उत्तर देते हुए कहा,“मैं जिब्राएल हूँ! मैं परमेश्वर की उपस्थिति में खड़ा रहता हूँ! परमेश्वर ने मुझे तुझे यह शुभ सन्देश बताने के लिए भेजा है कि तेरे साथ क्या घटित होगा। BSB BSB: “I am Gabriel,” replied the angel. “I stand in the presence of God, and I have been sent to speak to you and to bring you this good news.
20 HGST अब सुन! जो मैंने तुझे बताया है वह निश्चित रूप से उस समय पर घटित होगा जो परमेश्वर ने निश्चित किया है। परन्तु क्योंकि तूने मेरे सन्देश पर विश्वास नहीं किया, इसलिए परमेश्वर तुझे बोलने से रोक देगा। तेरे पुत्र के जन्म लेने के दिन तक तू बोलने में सक्षम नहीं होगा!” BSB BSB: And now you will be silent and unable to speak until the day this comes to pass, because you did not believe my words, which will be fulfilled at their proper time.”
21 HGST { जिस समय जकर्याह और स्वर्गदूत मंदिर में बातें कर रहे थे,} लोग आँगन में जकर्याह के बाहर आने की प्रतीक्षा कर रहे थे। उन्होंने आश्चर्य किया कि वह मंदिर में इतने लम्बे समय तक क्यों ठहरा हुआ था। BSB BSB: Meanwhile, the people were waiting for Zechariah and wondering why he took so long in the temple.
22 HGST तब वह मंदिर से बाहर निकला, परन्तु वह उनसे बात करने में सक्षम नहीं था। क्योंकि वह बोल नहीं सकता था, उसने अपने हाथों से संकेत करके यह समझाने का प्रयास किया कि क्या हुआ था। इससे लोगों ने यह निष्कर्ष निकाला कि जिस समय पर वह मंदिर के भीतर था उसने परमेश्वर की ओर से कोई दर्शन देखा है। BSB BSB: When he came out and was unable to speak to them, they realized he had seen a vision in the temple. He kept making signs to them but remained unable to speak.
23 HGST जब जकर्याह ने उस समय को समाप्त कर लिया जिसमें उसे मंदिर में याजक के रूप में कार्य करना आवश्यक था, उसने यरूशलेम को छोड़ दिया और अपने घर को वापस लौट गया। BSB BSB: And when the days of his service were complete, he returned home.
24 HGST इसके कुछ समय के पश्चात, उसकी पत्नी, एलीशिबा, गर्भवती हो गई, और वह पाँच महीने तक बाहर लोगों में नहीं गई। उसने स्वयं से कहा, BSB BSB: After these days, his wife Elizabeth became pregnant and for five months remained in seclusion. She declared,
25 HGST “प्रभु ने मुझे गर्भवती होने के लिए सक्षम किया है। इस रीति से, उसने अपनी अनुकम्पा को मुझ पर प्रकट किया है। उसका धन्यवाद हो, अब मुझे अन्य लोगों के सामने और अधिक लज्जित नहीं होना पड़ेगा।” BSB BSB: “The Lord has done this for me. In these days He has shown me favor and taken away my disgrace among the people.”
27 HGST परमेश्वर ने उसे वहाँ एक कुँवारी से बात करने के लिए भेजा जिसका नाम मरियम था।{ उसके माता- पिता ने यह वायदा किया हुआ था कि} वह यूसुफ नाम के एक पुरुष से विवाह करेगी, जो कि राजा दाऊद का वंशज था। BSB BSB: to a virgin pledged in marriage to a man named Joseph, who was of the house of David. And the virgin’s name was Mary.
28 HGST जहाँ पर मरियम थी स्वर्गदूत आया और उससे कहा,“नमस्कार, हे आशीषित! तू परमेश्वर के लिए अत्यन्त विशिष्ट है!” BSB BSB: The angel appeared to her and said, “Greetings, you who are highly favored! The Lord is with you.”
29 HGST परन्तु जब उसने यह कहा, तो वह असमंजस में पड़ गई। उसे यह समझने का प्रयास करना पड़ा कि इस अभिवादन का क्या अर्थ हो सकता है। BSB BSB: Mary was greatly troubled at his words and wondered what kind of greeting this might be.
30 HGST तब स्वर्गदूत ने उससे कहा,“हे मरियम, परमेश्वर तुझे आशीषित करने की इच्छा रखता है, इसलिए भयभीत न हो! BSB BSB: So the angel told her, “Do not be afraid, Mary, for you have found favor with God.
31 HGST अब सुन। तू गर्भवती होगी, और तू एक पुत्र को जन्म देगी। उसका नाम यीशु रखना। BSB BSB: Behold, you will conceive and give birth to a son, and you are to give Him the name Jesus.
32 HGST वह महान होगा, और वह परम प्रधान परमेश्वर का पुत्र होगा। परमेश्वर प्रभु उसे अपने लोगों पर राजा बनाएगा, जैसे उसका पूर्वज दाऊद था। BSB BSB: He will be great and will be called the Son of the Most High. The Lord God will give Him the throne of His father David,
33 HGST वह इस्राएल के लोगों पर सदैव राजा बना रहेगा। वह उन पर सर्वदा शासन करेगा!” BSB BSB: and He will reign over the house of Jacob forever. His kingdom will never end!”
35 HGST स्वर्गदूत ने उत्तर देकर कहा,“पवित्र आत्मा तुझ पर उतरेगा। परम प्रधान परमेश्वर की सामर्थ तुझ पर पड़ने वाली छाया के समान होगी। इसलिए जिस बालक को तू जन्म देगी वह पवित्र होगा। वह परमेश्वर का पुत्र होगा। BSB BSB: The angel replied, “The Holy Spirit will come upon you, and the power of the Most High will overshadow you. So the Holy One to be born will be called the Son of God.
36 HGST यह भी सुन ले। तेरी कुटुम्बिनी एलीशिबा भी गर्भवती है, और वह एक पुत्र को प्राप्त करने वाली है। क्योंकि वह बहुत वृद्ध है, लोगों ने सोचा था कि वह सन्तान उत्पन्न नहीं कर सकती है। परन्तु इस समय पर वह लगभग छः महीने की गर्भवती है। BSB BSB: Look, even Elizabeth your relative has conceived a son in her old age, and she who was called barren is in her sixth month.
37 HGST इसलिए तू देख, कि परमेश्वर कुछ भी कर सकता है!" BSB BSB: For no word from God will ever fail.”
39 HGST इसके तुरन्त पश्चात ही, मरियम तैयार हो गई और जितना शीघ्र उससे हो सका उस नगर के लिए यात्रा की जो यहूदिया के पहाड़ी इलाकों में था, जहाँ पर जकर्याह रहता था। BSB BSB: In those days Mary got ready and hurried to a town in the hill country of Judah,
40 HGST उसने जकर्याह के घर में प्रवेश किया और उसकी पत्नी, एलीशिबा को नमस्कार किया। BSB BSB: where she entered the home of Zechariah and greeted Elizabeth.
41 HGST जैसे ही एलीशिबा ने मरियम को नमस्कार करते सुना, तो एलीशिबा के अंदर के बालक ने अचानक हलचल की। उसी क्षण पवित्र आत्मा ने इलीशिबा को बोलने के लिए प्रेरित किया। BSB BSB: When Elizabeth heard Mary’s greeting, the baby leaped in her womb, and Elizabeth was filled with the Holy Spirit.
42 HGST उसने ऊँचे स्वर से पुकारकर मरियम से कहा,“परमेश्वर ने तुझे आशीषित किया है किसी अन्य स्त्री से बढ़कर आशीषित किया है, और उसने उस बालक को भी आशीषित किया है जिसे तू उत्पन्न करेगी! BSB BSB: In a loud voice she exclaimed, “Blessed are you among women, and blessed is the fruit of your womb!
43 HGST मैं इस योग्य नहीं, कि तू, मेरे प्रभु की माता, मुझ से मिलने के लिए आए! BSB BSB: And why am I so honored, that the mother of my Lord should come to me?
44 HGST मैं यह सब इसलिए जानती हूँ क्योंकि जैसे ही मैंने सुना कि तू मुझे नमस्कार करती है, तो मेरे गर्भ के शिशु ने हिलना- डुलना आरम्भ कर दिया क्योंकि वह बहुत उत्साहित था! BSB BSB: For as soon as the sound of your greeting reached my ears, the baby in my womb leaped for joy.
45 HGST तू धन्य है क्योंकि तूने विश्वास किया था कि जो प्रभु ने तुझ से कहा था कि पूरा होगा।” BSB BSB: Blessed is she who has believed that the Lord’s word to her will be fulfilled.”
47 HGST और मैं परमेश्वर के विषय में अत्यन्त आनन्दित अनुभव करती हूँ, वही जो मुझे बचाता है! BSB BSB: and my spirit rejoices in God my Savior!
49 HGST वे ऐसा इसलिए कहेंगे क्योंकि परमेश्वर ने, जो सामर्थी और पवित्र है, मेरे लिए बड़े- बड़े काम किए हैं। BSB BSB: For the Mighty One has done great things for me. Holy is His name.
50 HGST वह हर जगह सभी समयकालों में उन लोगों के प्रति बड़े ही दयापूर्ण भाव से व्यवहार करता है जो उसका भय मानते हैं। BSB BSB: His mercy extends to those who fear Him, from generation to generation.
51 HGST उसने लोगों पर यह प्रकट किया है कि वह अत्यन्त सामर्थी है। उसने उन लोगों को भगा दिया है जो अपने आप में घमण्ड करते हैं। BSB BSB: He has performed mighty deeds with His arm; He has scattered those who are proud in the thoughts of their hearts.
52 HGST उसने शासकों को शासन करने से रोक दिया है, परन्तु जो दीन हैं उसने उन लोगों का सम्मान किया है। BSB BSB: He has brought down rulers from their thrones, but has exalted the humble.
53 HGST उसने लोगों को जो भूखे थे उनके तृप्त होने तक अच्छा भोजन खिलाया है, परन्तु उसने धनवानों को बिना कुछ दिए ही निकाल बाहर किया है। BSB BSB: He has filled the hungry with good things, but has sent the rich away empty.
54 HGST उसने इस्राएल की, अर्थात् उन लोगों की सहायता की है जो उसकी सेवा करते हैं। बहुत समय पहले उसने हमारे पूर्वजों से यह प्रतिज्ञा की थी कि वह उन पर दयावन्त रहेगा। उसने उस प्रतिज्ञा को पूरा किया और उसने अब्राहम और उससे उत्पन्न हुए वंशजों के प्रति सदा ही दयापूर्ण रीति से व्यवहार किया है। BSB BSB: He has helped His servant Israel, remembering to be merciful,
55 HGST मरियम लगभग तीन महीने तक एलीशिबा के साथ रही। उसके पश्चात, वह घर वापस चली गई। BSB BSB: as He promised to our fathers, to Abraham and his descendants forever.”
57 HGST जब एलीशिबा के अपने बच्चे को जन्म देने का समय आया, तो उसने एक पुत्र को जन्म दिया। BSB BSB: When the time came for Elizabeth to have her child, she gave birth to a son.
58 HGST जब उसके पड़ोसियों और कुटुम्बियों ने इस विषय में सुना कि उसे एक पुत्र देने के द्वारा किस प्रकार से परमेश्वर उस पर कृपालु हुआ है, तो वे एलीशिबा के साथ अत्यन्त प्रसन्न हुए। BSB BSB: Her neighbors and relatives heard that the Lord had shown her great mercy, and they rejoiced with her.
59 HGST आठ दिनों के पश्चात, बालक का खतना करने के लिए लोग एक साथ इकट्ठा हुए{ यह प्रकट करने के लिए कि वह परमेश्वर को समर्पित है}।{ इसी के साथ- साथ यह उस बालक का नाम रखने का भी समय था।} लोग उस बालक का नाम जकर्याह रखना चाहते थे क्योंकि वह उसके पिता का नाम था। BSB BSB: On the eighth day, when they came to circumcise the child, they were going to name him after his father Zechariah.
60 HGST परन्तु उसकी माता ने कहा,“नहीं,{ उसका नाम जकर्याह नहीं रखा जाएगा।} उसका नाम यूहन्ना रखा जाएगा!” BSB BSB: But his mother replied, “No! He shall be called John.”
61 HGST अतः उन्होंने उस से कहा,“परन्तु यूहन्ना नाम तो तेरे कुटुम्बियों में से किसी का भी नहीं है!” BSB BSB: They said to her, “There is no one among your relatives who bears this name.”
62 HGST फिर उन्होंने उसके पिता को उससे यह पूछने के लिए अपने हाथों से चिन्ह दिखाए कि वह संकेत करे कि वह अपने पुत्र का क्या नाम रखना चाहता है। BSB BSB: So they made signs to his father to find out what he wanted to name the child.
63 HGST अतः उसने संकेत किया कि वे उसे लिखने के लिए एक पटिया उपलब्ध करवाएँ।{ जब उन्होंने उसे वह उपलब्ध करवाई,} तो उसने उस पर लिखा,“उसका नाम यूहन्ना है।” इस बात ने उन सब लोगों को स्तब्ध कर दिया जो वहाँ पर उपस्थित थे! BSB BSB: Zechariah asked for a tablet and wrote, “His name is John.” And they were all amazed.
64 HGST तुरन्त ही, जकर्याह फिर से बोलने में सक्षम हो गया, और उसने परमेश्वर की स्तुति करना आरम्भ कर दिया। BSB BSB: Immediately Zechariah’s mouth was opened and his tongue was released, and he began to speak, praising God.
65 HGST { जब} आसपास रहने वाले लोगों ने{ इन बातों के विषय में सुना, तो उन्होंने} परमेश्वर के लिए बड़ी ऋद्धा का अनुभव किया।{ जो घटित हुआ था उन्होंने उसके विषय में बहुत से लोगों को बताया,} और यह बात यहूदिया के सम्पूर्ण पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों में फैल गई। BSB BSB: All their neighbors were filled with awe, and people throughout the hill country of Judea were talking about these events.
66 HGST इन बातों के विषय में जिसने सुना हर कोई उनके विषय में विचार करता रहा। उन्होंने सोचा,“निश्चित रूप से यह बालक बड़ा होकर कोई अति विशिष्ट जन बनेगा!”{ उन्होंने ऐसा इसलिए सोचा} क्योंकि{ वे देख पा रहे थे कि} परमेश्वर सामर्थी रूप से उसके जीवन में उपस्थित था। BSB BSB: And all who heard this wondered in their hearts and asked, “What then will this child become?” For the Lord’s hand was with him.
67 HGST उस बालक के पिता, जकर्याह, के फिर से बोलने में सक्षम होने के पश्चात, पवित्र आत्मा ने जकर्याह को प्रेरित किया और वह परमेश्वर की ओर से इन बातों को बोलने लगाः BSB BSB: Then his father Zechariah was filled with the Holy Spirit and prophesied:
68 HGST “प्रभु की स्तुति करो, परमेश्वर की जिसकी हम इस्राएली लोग आराधना करते हैं, क्योंकि वह हमें, जो उसके लोग हैं, स्वतंत्र करने के लिए आ गया है। BSB BSB: “Blessed be the Lord, the God of Israel, because He has visited and redeemed His people.
69 HGST उसने एक ऐसे जन को भेजा है जो हमें सामर्थी रूप से बचाएगा, एक ऐसा जन जो दाऊद का वंशज है, जिसे उसने राजा होने के लिए चुन लिया है। BSB BSB: He has raised up a horn of salvation for us in the house of His servant David,
70 HGST (बहुत समय पहले परमेश्वर ने अपने भविष्यद्वक्ताओं को यह कहने के लिए प्रेरित किया था कि वह इन कामों को करेगा।) BSB BSB: as He spoke through His holy prophets, those of ages past,
71 HGST { परमेश्वर इस छुड़ाने वाले को इसलिए भेज रहा है} कि हमें हमारे शत्रुओं से सुरक्षित करे, और हर उस जन की सामर्थ से{ वह हमें छुड़ा लेगा} जो हम से द्वेष रखते हैं। BSB BSB: salvation from our enemies and from the hand of all who hate us,
72 HGST परमेश्वर ने ऐसा इसलिए किया है क्योंकि वह हमारे पूर्वजों के प्रति विश्वासयोग्य रहा है और इसी कारण से पवित्र प्रतिज्ञा को पूरा कर रहा है जो उसने उनसे की थी। BSB BSB: to show mercy to our fathers and to remember His holy covenant,
73 HGST यह वह शपथ है जो उसने हमारे पूर्वज अब्राहम के साथ सत्यनिष्ठा से इस विषय में शपथ खाई थी कि वह हमारे साथ क्या करेगा। BSB BSB: the oath He swore to our father Abraham, to grant us
74 HGST उसने शपथ खाई थी कि वह हमारे शत्रुओं की सामर्थ से हमें छुड़ाएगा ताकि उनसे भयभीत हुए बिना हम उसकी सेवा कर सकें। BSB BSB: deliverance from hostile hands, that we may serve Him without fear,
75 HGST इसके परिणामस्वरूप, जब तक हम जीवित हैं, तब तक हम सही रीति से जीवन को ऐसे लोगों के रूप में जीएँ जो पूर्णरूप से उसके हैं।” BSB BSB: in holiness and righteousness before Him all the days of our lives.
76 HGST { फिर जकर्याह ने अपने शिशु पुत्र से कहा,}“और जैसा कि तेरे लिए, हे मेरे बच्चे, तू परम प्रधान परमेश्वर का एक भविष्यद्वक्ता होगा। तू प्रभु के आगमन से पूर्व ही अपने कार्य को आरम्भ करेगा ताकि तू लोगों को उसके लिए तत्पर रहने के लिए तैयार कर सके। BSB BSB: And you, child, will be called a prophet of the Most High; for you will go on before the Lord to prepare the way for Him,
77 HGST तू परमेश्वर के लोगों को बताएगा कि वह उनके पापों को क्षमा करने के द्वारा उनको बचाना चाहता है। BSB BSB: to give to His people the knowledge of salvation through the forgiveness of their sins,
78 HGST परमेश्वर हमें इसलिए बचाना चाहता है क्योंकि वह तरस खाने वाला और दयावान है। इसी कारण से हमारी सहायता करने के लिए वह स्वर्ग से इस उद्धारकर्ता को भेज रहा है। BSB BSB: because of the tender mercy of our God, by which the Dawn will visit us from on high,
79 HGST यह उद्धारकर्ता उन लोगों पर सत्य को प्रकट करेगा जो उसे नहीं जानते हैं, यहाँ तक कि उन लोगों पर भी जो उसे बिलकुल भी नहीं जानते हैं। वह हमें दिखाएगा कि परमेश्वर को प्रसन्न करनेवाले तरीके से कैसे जियें। BSB BSB: to shine on those who live in darkness and in the shadow of death, to guide our feet into the path of peace.”
80 HGST समय बीतने के साथ- साथ, जकर्याह और एलीशिबा का शिशु बालक बढ़ता गया और आत्मिक रूप से बलवन्त होता गया। फिर वह एक निर्जन क्षेत्र में रहने के लिए चला गया। वह उस समय भी वहीं पर रह रहा था जब उसने सार्वजनिक रूप से परमेश्वर की प्रजा, इस्राएलियों पर प्रचार करना आरम्भ किया था। BSB BSB: And the child grew and became strong in spirit; and he lived in the wilderness until the time of his public appearance to Israel.