1 HGST अब, बहुत से चुंगी लेने वाले और अन्य लोग जिनको धार्मिक अगुवे पापी मानते थे यीशु के पास उसे शिक्षा देते हुए सुनने के लिए चले आ रहे थे। BSB BSB: Now all the tax collectors and sinners were gathering around to listen to Jesus.
2 HGST { जब} फरीसियों और यहूदी व्यवस्था के शिक्षकों ने{ यह देखा, तो वे} कुड़कुड़ाने लगे। उन्होंने कहा,“यह मनुष्य तो पापियों का स्वागत करता है और यहाँ तक कि उनके साथ भोजन भी करता है।”{ उन्होंने सोचा कि ऐसा करने के द्वारा यीशु स्वयं को अशुद्ध कर रहा था।} BSB BSB: So the Pharisees and scribes began to grumble: “This man welcomes sinners and eats with them.”
3 HGST इसलिए यीशु ने उनको यह दृष्टान्त बताया: BSB BSB: Then Jesus told them this parable:
4 HGST “मान लो कि तुम में से एक के पास 100 भेड़ें हैं और तुम उनमें से एक को खो देते हो। निश्चित रूप से तुम उन अन्य 99 भेड़ों को जंगल में छोड़ कर और जाकर उस खोई हुई भेड़ को तब तक ढूँढ़ते रहोगे जब तक कि वह तुम को मिल न जाए। BSB BSB: “What man among you, if he has a hundred sheep and loses one of them, does not leave the ninety-nine in the pasture and go after the one that is lost, until he finds it?
5 HGST और जब वह तुम को मिल जाए, तो तुम आनन्दपूर्वक उसे उसे घर ले जाने के लिए अपने कंधों पर उठा लोगे। BSB BSB: And when he finds it, he joyfully puts it on his shoulders,
6 HGST फिर जब तुम घर पहुँच जाओगे, तो तुम अपने मित्रों और पड़ोसियों को एक साथ बुला कर उनसे कहोगे,:‘मेरे साथ आनन्दित होओ, क्योंकि मेरी वह भेड़ मुझे मिल गई है जो खो गई थी!’ BSB BSB: comes home, and calls together his friends and neighbors to tell them, ‘Rejoice with me, for I have found my lost sheep!’
7 HGST तुम जान लो कि, इसी प्रकार से, वहां स्वर्ग में जो हैं उनके मध्य में आनन्द मनाया जाता है जब एक पापी अपने पापों से पश्चाताप करता है। वह आनन्द उन बहुत से लोगों पर किए गए आनन्द से कहीं अधिक बढ़ कर है जो पहले से ही परमेश्वर के साथ सही हैं और जिनको पश्चाताप करने की आवश्यकता नहीं है। BSB BSB: I tell you that in the same way there will be more joy in heaven over one sinner who repents than over ninety-nine righteous ones who do not need to repent.
8 HGST या मान लो कि एक स्त्री के पास चांदी के दस मूल्यवान सिक्के हों परन्तु वह उनमें से एक को खो दे। निश्चित रूप से वह एक दीया जलाएगी और फर्श को बुहारेगी, और तब तक ध्यानपूर्वक खोजती रहेगी जब तक कि वह उसे मिल न जाए। BSB BSB: Or what woman who has ten silver coins and loses one of them does not light a lamp, sweep her house, and search carefully until she finds it?
9 HGST जब वह उसे मिल जाए, तो वह अपने मित्रों और पड़ोसियों को एक साथ बुलाएगी और उनसे कहेगी,:‘मेरे साथ प्रसन्न होओ, क्योंकि मेरा वह सिक्का मुझे मिल गया है जो खो गया था!’ BSB BSB: And when she finds it, she calls together her friends and neighbors to say, ‘Rejoice with me, for I have found my lost coin.’
10 HGST मैं तुम को बताता हूँ कि, इसी प्रकार से, परमेश्वर के स्वर्गदूतों के मध्य में वहां बहुत आनन्द मनाया जाता है जब एक पापी अपने पापों से पश्चाताप करता है। BSB BSB: In the same way, I tell you, there is joy in the presence of God’s angels over one sinner who repents.”
12 HGST एक दिन छोटे पुत्र ने अपने पिता से कहा,‘हे पिता, मुझे अभी ही अपनी सम्पत्ति का वह हिस्सा दे दे जो मुझे तब मिलता जब तेरी मृत्यु हो जाती।’ अतः पिता ने अपनी सम्पत्ति को अपने दोनों पुत्रों के मध्य में बाँट दिया। BSB BSB: The younger son said to him, ‘Father, give me my share of the estate.’ So he divided his property between them.
13 HGST केवल कुछ ही दिनों के पश्चात, छोटे पुत्र ने सब कुछ इकट्ठा किया जो उसका अपना था और एक दूर देश की ओर यात्रा की। वहाँ उस देश में उसने अपने सारे धन को मूर्खतापूर्ण रीति से व्यर्थ और अनैतिक जीवन जीने में खर्च कर दिया। BSB BSB: After a few days, the younger son got everything together and journeyed to a distant country, where he squandered his wealth in wild living.
14 HGST उसके अपना सारा धन खर्च कर देने के पश्चात, वहां उस सम्पूर्ण देश में भयंकर अकाल पड़ा। शीघ्र ही उसके पास जीवित रहने के लिए कुछ भी बचा नहीं रहा। BSB BSB: After he had spent all he had, a severe famine swept through that country, and he began to be in need.
15 HGST इसलिए वह उस देश में रहने वाले एक व्यक्ति के पास गया और उससे उसे भाड़े में रख लेने के लिए निवेदन किया। अतः उस व्यक्ति ने अपने खेतों में उसे अपने सूअरों को चराने के लिए भेज दिया। BSB BSB: So he went and hired himself out to a citizen of that country, who sent him into his fields to feed the pigs.
16 HGST { वह इतना भूखा हो गया कि} वह चाहता था कि वह उन सेम की फलियों को खा सके जिनको सूअर खाते थे, तौभी उसे किसी ने कुछ नहीं दिया। BSB BSB: He longed to fill his belly with the pods the pigs were eating, but no one would give him a thing.
17 HGST अन्ततः वह स्पष्ट रूप से इस विषय में विचार करने लगा कि वह कितना मूर्ख था, और उसने स्वयं से कहा:‘मेरे पिता के सारे ही भाड़े के दासों को खाने के लिए पर्याप्त से भी अधिक भोजन मिलता है, परन्तु मैं यहाँ इसलिए मर रहा हूँ क्योंकि मेरे पास खाने के लिए कुछ भी नहीं है! BSB BSB: Finally he came to his senses and said, ‘How many of my father’s hired servants have plenty of food, but here I am, starving to death!
18 HGST इसलिए मैं यहाँ से निकल कर और अपने पिता के पास वापस चला जाऊँगा। मैं उससे कहूँगा,“हे पिता, मैंने परमेश्वर के विरोध में और तेरे विरोध में पाप किया है। BSB BSB: I will get up and go back to my father and say to him, “Father, I have sinned against heaven and against you.
19 HGST मैं इस योग्य नहीं हूँ कि अब तू मुझे अपना पुत्र समझे। कृपया मुझे तेरे भाड़े पर रखे हुए दासों में से एक के समान ही तेरे लिए काम करने दे।”’ BSB BSB: I am no longer worthy to be called your son. Make me like one of your hired servants.”’
20 HGST अतः वह वहाँ से निकला और अपने पिता के घर को वापस जाने के लिए यात्रा को आरम्भ किया। परन्तु जब वह अभी भी घर से बहुत दूर था, उसके पिता ने उसे देखा और उसके लिए अथाह करुणा की अनुभूति की। वह दौड़ कर अपने पुत्र के पास गया और उसे गले से लगा लिया और उसके गाल पर चूम लिया। BSB BSB: So he got up and went to his father. But while he was still in the distance, his father saw him and was filled with compassion. He ran to his son, embraced him, and kissed him.
21 HGST उसके पुत्र ने उससे कहा,‘हे पिता, मैंने परमेश्वर के विरोध में और तेरे विरोध में पाप किया है। इसलिए मैं इस योग्य नहीं हूँ कि अब तू मुझे अपना पुत्र समझे।’ BSB BSB: The son declared, ‘Father, I have sinned against heaven and against you. I am no longer worthy to be called your son.’
22 HGST परन्तु उसके पिता ने अपने दासों से कहा;‘शीघ्रता से जाओ और मेरा सबसे उत्तम परिधान लेकर आओ और उसे मेरे पुत्र को पहनाओ। साथ ही उसकी उंगली में अंगूठी और उसके पाँवों में जूतियाँ पहनाओ! BSB BSB: But the father said to his servants, ‘Quick! Bring the best robe and put it on him. Put a ring on his finger and sandals on his feet.
23 HGST और उस बछड़े को लेकर आओ जिसे हम ने विशेष समारोह के लिए मोटा किया हुआ है और उसे मार डालो, ताकि हम उसे खाएँ और उत्सव मनाएँ! BSB BSB: Bring the fattened calf and kill it. Let us feast and celebrate.
24 HGST हमें उत्सव इसलिए मनाना है क्योंकि मेरा यह पुत्र मर चुके व्यक्ति के समान हो गया था, परन्तु अब वह फिर से जी उठा है! वह एक खोए हुए व्यक्ति के समान हो गया था, परन्तु हम ने उसे फिर से प्राप्त कर लिया है!’ इसलिए वे उत्सव मनाने लगे। BSB BSB: For this son of mine was dead and is alive again! He was lost and is found!’ So they began to celebrate.
25 HGST { जिस समय पर यह सब कुछ घटित हो रहा था,} उस समय उस पिता का बड़ा पुत्र बाहर खेतों में काम कर रहा था।{ जब उसने काम करना समाप्त कर लिया तो उसके पश्चात,} वह घर की ओर चल पड़ा। जब वह घर के निकट पहुँचा, तो उसने लोगों को संगीत बजाते और नाचते हुए सुना। BSB BSB: Meanwhile the older son was in the field, and as he approached the house, he heard music and dancing.
26 HGST उसने दासों में से एक को बुला कर पूछा कि क्या हो रहा है। BSB BSB: So he called one of the servants and asked what was going on.
27 HGST उस दास ने उससे कहा,‘तेरा भाई घर लौट आया है। तेरे पिता ने हम से उत्सव मनाने के लिए मोटे बछड़े को मारने के लिए बोला था क्योंकि तेरा भाई सुरक्षित और स्वस्थ लौट आया है।’ BSB BSB: ‘Your brother has returned,’ he said, ‘and your father has killed the fattened calf, because he has him back safe and sound.’
28 HGST परन्तु बड़ा भाई क्रोधित हो गया और उसने उत्सव में सम्मिलित नहीं होना चाहा। इसलिए उसका पिता बाहर आया और उससे भीतर आने के लिए याचना की। BSB BSB: The older son became angry and refused to go in. So his father came out and pleaded with him.
29 HGST परन्तु उसने अपने पिता को प्रत्युत्तर दिया,‘सुन! इन सारे वर्षों में मैंने तेरे लिए एक गुलाम के समान कठोर परिश्रम किया है। जो कुछ भी तूने मुझे करने के लिए बोला मैंने उसका सदा ही पालन किया है। परन्तु तूने मुझे कभी बकरी के बच्चे के जितना भी नहीं दिया जिसे मैं अपने मित्रों के लिए एक भोज की मेजबानी करने के लिए उपयोग कर सकूँ। BSB BSB: But he answered his father, ‘Look, all these years I have served you and never disobeyed a commandment of yours. Yet you never gave me even a young goat so I could celebrate with my friends.
30 HGST परन्त अब जब तेरा यह पुत्र, तेरे धन को वेश्याओं पर उड़ा देने के पश्चात घर वापस आ गया है और तूने अपने दासों से उत्सव मनाने के लिए मोटे बछड़े को मारने के लिए बोला है!’ BSB BSB: But when this son of yours returns from squandering your wealth with prostitutes, you kill the fattened calf for him!’
31 HGST परन्तु उसके पिता ने उससे कहा,‘हे मेरे पुत्र, तू तो सदा से मेरे साथ है, और जो कुछ मेरे पास है वह तेरा ही तो है। BSB BSB: ‘Son, you are always with me,’ the father said, ‘and all that is mine is yours.
32 HGST परन्तु हमारे लिए उत्सव मनाना और आनन्दित होना ही उचित है, क्योंकि यह ऐसा है जैसे कि तेरा भाई मर गया था और फिर से जी उठा है! यह ऐसा है जैसे वह खो गया था और वह हमें फिर से मिल गया है!’” BSB BSB: But it was fitting to celebrate and be glad, because this brother of yours was dead and is alive again; he was lost and is found.’”