2 HGST उसने कहा,“एक नगर में एक न्यायाधीश रहता था जो न तो परमेश्वर से डरता था और न ही लोगों के विषय में परवाह करता था। BSB BSB: “In a certain town there was a judge who neither feared God nor respected men.
3 HGST उस नगर में एक विधवा रहती थी जो उस न्यायाधीश के पास आ- आकर कहा करती थी,‘कृपया मुझे उस व्यक्ति के सामने न्याय दिला जो न्यायालय में मेरा विरोध कर रहा है।’ BSB BSB: And there was a widow in that town who kept appealing to him, ‘Give me justice against my adversary.’
4 HGST एक लम्बे समय तक वह न्यायाधीश उसकी सहायता करने से मना करता रहा। परन्तु बाद में, उसने स्वयं से कहा,‘मैं न तो परमेश्वर से डरता हूँ और न ही लोगों के विषय में परवाह करता हूँ। BSB BSB: For a while he refused, but later he said to himself, ‘Though I neither fear God nor respect men,
5 HGST परन्तु यह विधवा मुझे परेशान करती रहती है! इसलिए मैं उसके मामले का न्याय करूँगा और सुनिश्चित करूँगा कि उसके साथ उचित रीति से व्यवहार किया गया है। मैं चिन्तित हूँ कि यदि मैंने ऐसा नहीं किया, तो वह लगातार मेरे पास आ- आकर मुझे थका देगी!’” BSB BSB: yet because this widow keeps pestering me, I will give her justice. Otherwise, she will wear me out with her perpetual requests.’”
6 HGST तब यीशु ने कहा,“इस विषय में सावधानीपूर्वक विचार करो कि इस अधर्मी न्यायी ने क्या कहा है। BSB BSB: And the Lord said, “Listen to the words of the unjust judge.
7 HGST { इससे भी बढ़कर} निश्चित रूप से परमेश्वर{, जो न्यायी है,} अपने उन चुने हुए लोगों के लिए न्याय लेकर आएगा, जो दिन भर उससे आग्रहपूर्वक प्रार्थना करते हैं! और वह सदा उनके साथ धीरज रखता है। BSB BSB: Will not God bring about justice for His elect who cry out to Him day and night? Will He delay in helping them?
8 HGST मैं तुम से कहता हूँ कि परमेश्वर तुरन्त ही अपने उन चुने हुओं के लिए न्याय लेकर आएगा! तौभी, जब मैं, मनुष्य का पुत्र, पृथ्वी पर वापस आऊँगा, तब भी यहाँ बहुत से ऐसे लोग होंगे जो मुझ पर विश्वास नहीं करते होंगे।” BSB BSB: I tell you, He will promptly carry out justice on their behalf. Nevertheless, when the Son of Man comes, will He find faith on earth?”
10 HGST { उसने कहा,}“दो पुरुष प्रार्थना करने के लिए यरूशलेम के मंदिर में गए। उनमें से एक पुरुष फरीसी था। और दूसरा पुरुष कोई ऐसा जन था जो रोमी सरकार के लिए लोगों से कर वसूला करता था। BSB BSB: “Two men went up to the temple to pray. One was a Pharisee and the other a tax collector.
11 HGST उस फरीसी ने खड़े होकर स्वयं के विषय में इस रीति से प्रार्थना की,‘हे परमेश्वर, मैं तेरा धन्यवाद करता हूँ कि मैं अन्य लोगों के समान नहीं हूँ। कुछ लोग अन्यों का धन चुरा लेते हैं। कुछ अन्यों के साथ अन्यायपूर्ण रीति से व्यवहार करते हैं। कुछ व्यभिचार करते हैं। मैं इनमें से कोई भी काम नहीं करता हूँ। और निश्चित रूप से मैं इस पापी चुंगी लेने वाले के समान भी नहीं हूँ जो लोगों के साथ छल करता है! BSB BSB: The Pharisee stood by himself and prayed, ‘God, I thank You that I am not like other men—swindlers, evildoers, adulterers—or even like this tax collector.
12 HGST मैं प्रत्येक सप्ताह के दौरान दो दिनों को उपवास रखता हूँ, और जो कुछ भी मैं मंदिर में से कमाता हूँ उसका दसवाँ भाग मैं दान करता हूँ!’ BSB BSB: I fast twice a week and pay tithes of all that I acquire.’
13 HGST परन्तु वह चुंगी लेने वाला मंदिर के आँगन में अन्य लोगों से दूर खड़ा हो गया। यहाँ तक कि उसने ऊपर स्वर्ग की ओर भी नहीं देखा। बजाए इसके, उसने अपनी छाती को पीट- पीटकर कहा,‘हे परमेश्वर, कृपया मुझे क्षमा कर, क्योंकि मैं एक भयंकर पापी हूँ!’” BSB BSB: But the tax collector stood at a distance, unwilling even to lift up his eyes to heaven. Instead, he beat his breast and said, ‘God, have mercy on me, a sinner!’
14 HGST फिर यीशु ने कहा,“मैं तुम से कहता हूँ कि जब वे घर से निकालकर चले गए, तो परमेश्वर ने उस चुंगी लेने वाले को क्षमा कर दिया था, परन्तु परमेश्वर ने उस फरीसी को क्षमा नहीं किया था। ऐसा इसलिए था क्योंकि परमेश्वर हर उस जन को नम्र करेगा जो स्वयं को बड़ा बनाता है, और परमेश्वर हर उस जन को बड़ा बनाएगा जो स्वयं को नम्र करता है।” BSB BSB: I tell you, this man, rather than the Pharisee, went home justified. For everyone who exalts himself will be humbled, but the one who humbles himself will be exalted.”
15 HGST एक दिन लोग अपने बच्चों को भी यीशु के पास ला रहे थे ताकि वह उन पर अपने हाथ रखे और उन्हें आशीर्वाद दे। जब चेलों ने यह देखा तो उन्होंने उनसे ऐसा न करने को कहा। BSB BSB: Now people were even bringing their babies to Jesus for Him to place His hands on them. And when the disciples saw this, they rebuked those who brought them.
16 HGST परन्तु यीशु ने बच्चों को उसके पास लेकर आने के लिए बोला। उसने कहा,“छोटे बच्चों को मेरे पास आने दो! उन्हें मत रोको, क्योंकि यह लोग इन बच्चों की तरह{ नम्र और निर्भर} हैं जो परमेश्वर को अपने जीवनों पर शासन करने देते हैं। BSB BSB: But Jesus called the children to Him and said, “Let the little children come to Me, and do not hinder them! For the kingdom of God belongs to such as these.
17 HGST मैं तुम से सच कहता हूँ, कि जो कोई नम्रता और भोलेपन से परमेश्वर को अपने जीवन पर शासन करने नहीं देगा वह परमेश्वर के शासन को कभी भी स्वीकार नहीं करेगा।” BSB BSB: Truly I tell you, anyone who does not receive the kingdom of God like a little child will never enter it.”
18 HGST एक बार एक यहूदी अगुवे ने यीशु से पूछा,“हे उत्तम गुरु, अनन्त जीवन प्राप्त करने की खातिर मुझे क्या करना चाहिए?” BSB BSB: Then a certain ruler asked Him, “Good Teacher, what must I do to inherit eternal life?”
19 HGST यीशु ने उससे कहा,“तू मुझे उत्तम क्यों कहता है? केवल परमेश्वर ही एकमात्र है जो वास्तव में उत्तम है! BSB BSB: “Why do you call Me good?” Jesus replied. “No one is good except God alone.
20 HGST { और तेरे प्रश्न के उत्तर में, निश्चित रूप से} तू उन आज्ञाओं को जानता है{ जिनको परमेश्वर ने मूसा को हमारे लिए पालन करने हेतु दिया था}:‘व्यभिचार मत करना। किसी की हत्या मत करना। चोरी मत करना। झूठी जानकारी मत देना। अपने पिता और माता का आदर करना।’” BSB BSB: You know the commandments: ‘Do not commit adultery, do not murder, do not steal, do not bear false witness, honor your father and mother.’”
21 HGST उस व्यक्ति ने कहा,“मैंने तो उन सब आज्ञाओं का पालन तब से ही किया है जब मैं जवान था।” BSB BSB: “All these I have kept from my youth,” he said.
22 HGST जब यीशु ने उसे ऐसा कहते हुए सुना, तो उसने उसे प्रत्युत्तर दिया,“तुझे अभी भी एक और काम करने की आवश्यकता है। जो कुछ भी तेरे पास है उसे बेच दे। फिर उस धन को ऐसे लोगों को दान कर दे जिनके पास जीवित रहने के लिए बहुत थोड़ा ही है। परिणाम यह होगा कि तुझे स्वर्ग में आत्मिक धन प्राप्त होगा। तब आकर मेरा चेला हो जा!” BSB BSB: On hearing this, Jesus told him, “You still lack one thing: Sell everything you own and give to the poor, and you will have treasure in heaven. Then come, follow Me.”
23 HGST जब उसने यह सुना तो वह व्यक्ति जो बहुत दुःखी हो गया, क्योंकि वह अत्यन्त धनी था। BSB BSB: But when the ruler heard this, he became very sad, because he was extremely wealthy.
24 HGST जब यीशु ने उस व्यक्ति को देखा तो कहा,“जो धनी हैं यह उन लोगों के अति कठिन है कि वे परमेश्वर को उन पर शासन करने दें। BSB BSB: Seeing the man’s sadness, Jesus said, “How hard it is for the rich to enter the kingdom of God!
25 HGST बल्कि, धनवान लोगों के परमेश्वर को अपने जीवनों पर शासन करने देने की तुलना में एक ऊँट के लिए यह सरल है कि वह सूई के नाके में से निकल जाए।” BSB BSB: Indeed, it is easier for a camel to pass through the eye of a needle than for a rich man to enter the kingdom of God.”
26 HGST जिन लोगों ने यीशु को यह कहते हुए सुना उन्होंने प्रत्युत्तर दिया,“तब तो लगता है कि परमेश्वर इस पर ध्यान नहीं देगा कि किसी को अनन्त जीवन प्राप्त हो!” BSB BSB: Those who heard this asked, “Who then can be saved?”
27 HGST परन्तु यीशु ने कहा,“जो लोगों के लिए असम्भव है वह परमेश्वर के लिए सम्भव है।” BSB BSB: But Jesus said, “What is impossible with man is possible with God.”
28 HGST तब पतरस ने कहा,“तो हमारे विषय में क्या? हम ने तो तेरे चेले होने की खातिर जो कुछ हमारे पास था वह सब कुछ त्याग दिया है।” BSB BSB: “Look,” said Peter, “we have left all we had to follow You.”
30 HGST वे इस जीवन में जितना उन्होंने पीछे छोड़ दिया है उससे कहीं अधिक बढ़कर प्राप्त करेंगे और, आने वाले समय में, वे अनन्त जीवन को प्राप्त करेंगे।” BSB BSB: will fail to receive many times more in this age—and in the age to come, eternal life.”
31 HGST यीशु अपने साथ उन 12 चेलों को एक स्थान पर लेकर गया। उसने उनसे कहा,“ध्यानपूर्वक सुनो! हम यरूशलेम जाने के अपने मार्ग पर हैं। जब हम वहाँ होंगे, तो जो कुछ भी भविष्यद्वक्ताओं ने बहुत समय पहले मुझ, मनुष्य के पुत्र, के विषय में लिखा था, वह घटित होगा। BSB BSB: Then Jesus took the Twelve aside and said to them, “Look, we are going up to Jerusalem, and everything the prophets have written about the Son of Man will be fulfilled.
32 HGST यह तब घटित होगा जब मेरे शत्रु मुझे उन अधिकारियों के हाथों में सौंप देंगे जो यहूदी नहीं हैं। ने मेरा ठठ्ठा करेंगे, तिरस्कार सहित मुझ से व्यवहार करेंगे, और मुझ पर थूकेंगे। BSB BSB: He will be delivered over to the Gentiles and will be mocked and insulted and spit upon.
33 HGST वे मुझे कोड़े मारेंगे और फिर वे मुझे मार डालेंगे। परन्तु दो दिनों के पश्चात मैं फिर से जी उठूँगा।” BSB BSB: They will flog Him and kill Him, and on the third day He will rise again.”
34 HGST परन्तु वे चेले उनमें से किसी भी बात को नहीं समझे जो उसने कही थीं। परमेश्वर ने उन्हें उनके महत्व को पहचानने से रोक दिया, इसलिए वे नहीं जान पाए कि जो यीशु उनसे कह रहा था उससे उसका क्या अर्थ था। BSB BSB: But the disciples did not understand any of these things. The meaning was hidden from them, and they did not comprehend what He was saying.
35 HGST जब यीशु और उसके चेले यरीहो नगर के समीप पहुँचे, तो एक अंधा व्यक्ति सड़क के किनारे पर बैठा हुआ था। वह धन के लिए भीख माँग रहा था। BSB BSB: As Jesus drew near to Jericho, a blind man was sitting beside the road, begging.
36 HGST जब उसने लोगों की भीड़ को पास से जाते हुए सुना, तो{ जो उसके आसपास थे} उनसे वह पूछने लगा,“क्या हो रहा है?” BSB BSB: When he heard the crowd going by, he asked what was happening.
37 HGST उन्होंने उसे बताया,“{ यहाँ एक भीड़ है क्योंकि} वह व्यक्ति यीशु, जो नासरत का रहने वाला है, सड़क पर से जा रहा है।” BSB BSB: “Jesus of Nazareth is passing by,” they told him.
38 HGST वह पुकार उठा,“हे यीशु, तू जो राजा दाऊद का वंशज है, मुझ पर दया कर!” BSB BSB: So he called out, “Jesus, Son of David, have mercy on me!”
39 HGST जो लोग भीड़ के आगे- आगे चल रहे थे उन्होंने उसे डाँटा और उससे चुप रहने के लिए बोला। परन्तु वह तो और भी अधिक ऊँचे स्वर में पुकारने लगा,“तू जो राजा दाऊद का वंशज है, मुझ पर दया कर!” BSB BSB: Those who led the way admonished him to be silent, but he cried out all the louder, “Son of David, have mercy on me!”
40 HGST यीशु चलते- चलते रुक गया और लोगों को आदेश दिया कि उस व्यक्ति को उसके पास लेकर आएँ। जब वह अंधा व्यक्ति उसके पास आया, तो यीशु ने उससे पूछा, BSB BSB: Jesus stopped and directed that the man be brought to Him. When he had come near, Jesus asked him,
41 HGST “तू क्या चाहता है कि मैं तेरे लिए करूँ?” उसने प्रत्युत्तर दिया,“हे प्रभु, मैं चाहता हूँ कि तू मुझे देखने में सक्षम बना दे!” BSB BSB: “What do you want Me to do for you?” “Lord,” he said, “let me see again.”
42 HGST यीशु ने उससे कहा,“तो मैं अब तेरी दृष्टि को ठीक करता हूँ! क्योंकि तूने मुझ पर भरोसा किया, इसलिए मैंने तुझे चंगा कर दिया!” BSB BSB: “Receive your sight!” Jesus replied. “Your faith has healed you.”
43 HGST तुरन्त ही वह देखने में सक्षम हो गया। और वह परमेश्वर की स्तुति करता हुआ, यीशु के साथ हो लिया। और जब वहाँ पर उपस्थित सब लोगों ने यह देखा, तो उन्होंने भी परमेश्वर की स्तुति की। BSB BSB: Immediately he received his sight and followed Jesus, glorifying God. And all the people, when they saw it, gave praise to God.