2 HGST { जब वे पहुँचीं,} तो उन्होंने पाया कि किसी ने कब्र पर से उस पत्थर को{ जिसने प्रवेश द्वार को बन्द कर रखा था} लुढ़का कर दूर कर दिया था। BSB BSB: They found the stone rolled away from the tomb,
3 HGST वे{ कब्र में} भीतर गईं, परन्तु यीशु का शव वहाँ पर नहीं था! BSB BSB: but when they entered, they did not find the body of the Lord Jesus.
4 HGST वे नहीं जानती थीं कि इसके विषय में क्या विचार करना है। तभी दो पुरुष उज्ज्वल, चमकते वस्त्र पहने हुए अचानक से उनके समीप आ खड़े हुए! BSB BSB: While they were puzzling over this, suddenly two men in radiant apparel stood beside them.
5 HGST इस बात ने उन स्त्रियों को बहुत डरा दिया। वे भूमि की ओर झुक कर बैठ गईं। उन दो पुरुषों ने उनसे कहा,“जो मनुष्य जीवित हो तुम को किसी ऐसे जन की खोज उस स्थान पर नहीं करनी चाहिए जहाँ पर वे मृत लोगों के शवों को दफनाते हैं! BSB BSB: As the women bowed their faces to the ground in terror, the two men asked them, “Why do you look for the living among the dead?
6 HGST वह यहाँ पर नहीं है। नहीं, वह जीवित हो गया है! स्मरण करो जिस समय पर वह तुम्हारे साथ गलील में ही था, तो उसने तुम से कहा था, BSB BSB: He is not here; He has risen! Remember how He told you while He was still in Galilee:
7 HGST ‘वे मुझ, मनुष्य के पुत्र, को पापी मनुष्यों के हाथों में सौंप देंगे। वे मनुष्य मुझे क्रूस पर चढ़ा देने के द्वारा मार डालेंगे। परन्तु दो दिनों के पश्चात, मैं फिर से जीवित हो जाऊँगा।’” BSB BSB: ‘The Son of Man must be delivered into the hands of sinful men, and be crucified, and on the third day rise again.’”
8 HGST उन स्त्रियों को स्मरण आ गया जो यीशु ने उनसे कहा था। BSB BSB: Then they remembered His words.
9 HGST इसलिए वे कब्र को छोड़ कर यीशु के उन 11 प्रेरितों और अन्य चेलों के पास गईं और जो घटित हुआ था वह उनको बताया। BSB BSB: And when they returned from the tomb, they reported all these things to the Eleven and to all the others.
10 HGST जिन स्त्रियों ने इन बातों को प्रेरितों को बताया वे मगदला गाँव की रहने वाली मरियम, योअन्ना, याकूब की माता मरियम, और अन्य स्त्रियाँ थीं जो उनके साथ थीं, BSB BSB: It was Mary Magdalene, Joanna, Mary the mother of James, and the other women with them who told this to the apostles.
12 HGST तथापि, पतरस ने{ यह देखने का कि कहानी सच थी या नहीं} निर्णय लिया। वह कब्र की ओर दौड़ गया। वह नीचे झुका{ और भीतर झाँका}। उसने वह सनी के कपड़े देखे{ जिसमें यीशु का शव लिपटा हुआ था, परन्तु यीशु वहाँ नहीं था}। इसलिए जो कुछ घटित हुआ था उसके विषय में विचार करते हुए, वह कब्र पर से चला गया। BSB BSB: Peter, however, got up and ran to the tomb. And after bending down and seeing only the linen cloths, he went away, wondering to himself what had happened.
14 HGST वे उन सभी बातों के विषय में एक दूसरे से बात कर रहे थे जो{ यीशु के साथ} घटित हुई थीं। BSB BSB: They were talking with each other about everything that had happened.
15 HGST जिस समय पर वे बातें कर रहे थे और{ उन बातों की} चर्चा कर रहे थे, तो यीशु स्वयं उनके पास पहुँचा और उनके साथ- साथ चलने लगा। BSB BSB: And as they talked and deliberated, Jesus Himself came up and walked along with them.
16 HGST परन्तु परमेश्वर ने उन्हें यह समझने से रोक दिया कि वह यीशु था। BSB BSB: But their eyes were kept from recognizing Him.
17 HGST यीशु ने उनसे पूछा,“तुम दोनों चलते- चलते किस विषय में बात कर रहे थे?” वे रुक गए, और उनके मुँह पर बहुत दुःखी भाव थे। BSB BSB: He asked them, “What are you discussing so intently as you walk along?” They stood still, with sadness on their faces.
18 HGST परन्तु तभी उनमें से एक ने, जिसका नाम क्लियुपास था, प्रत्युत्तर दिया,“तू ही एकमात्र व्यक्ति होगा जो यरूशलेम की यात्रा कर रहा है और जो हाल ही के दिनों में वहाँ पर घटित हुई घटनाओं के विषय में नहीं जानता है!” BSB BSB: One of them, named Cleopas, asked Him, “Are You the only visitor to Jerusalem who does not know the things that have happened there in recent days?”
19 HGST उसने उनसे पूछा,“कैसी घटनाएँ?” उन्होंने प्रत्युत्तर दिया,“वे बातें जो यीशु के साथ घटित हुईं, वह मनुष्य जो नासरत का रहने वाला था, जो कि एक भविष्यद्वक्ता था। परमेश्वर ने उसे बड़े- बड़े चमत्कार दिखाने में और अद्भुत सन्देशों की शिक्षा देने में सक्षम किया। अधिकांश लोगों के विचार में वह अद्भुत था। BSB BSB: “What things?” He asked. “The events involving Jesus of Nazareth,” they answered. “This man was a prophet, powerful in speech and action before God and all the people.
20 HGST परन्तु हमारे प्रधान याजकों और अगुवों ने उसे{ रोमी अधिकारियों को} सौंप दिया। उन्होंने उसे मृत्युदण्ड दिया, और उन्होंने उसे क्रूस पर चढ़ा कर मार डाला। BSB BSB: Our chief priests and rulers delivered Him up to the sentence of death, and they crucified Him.
21 HGST हम आशा कर रहे थे कि वह वही जन था जो हम इस्राएलियों को हमारे शत्रुओं से स्वतंत्र करेगा! परन्तु अब यह सम्भव नहीं लगता है, क्योंकि रोमियों के द्वारा उसे मार डाले जाने के पश्चात से तीन दिन बीत चुके हैं। BSB BSB: But we were hoping He was the One who would redeem Israel. And besides all this, it is the third day since these things took place.
22 HGST इसके अतिरिक्त, हमारे समूह की कुछ स्त्रियों ने हमें चकित कर दिया। आज सुबह भोर में वे उस कब्र पर गईं{ जहाँ यीशु को दफनाया गया था}, BSB BSB: Furthermore, some of our women astounded us. They were at the tomb early this morning,
23 HGST परन्तु यीशु का शव वहाँ पर नहीं था! उन्होंने वापस आकर हमें बताया कि उन्होंने दर्शन में कुछ स्वर्गदूतों को भी देखा। उन स्वर्गदूतों ने बताया कि यीशु जीवित है! BSB BSB: but they did not find His body. They came and told us they had seen a vision of angels, who said that Jesus was alive.
24 HGST तब उनमें से कुछ जो हमारे साथ थे{ जब उन स्त्रियों ने आकर यह बताया तो} कब्र पर गए। उन्होंने देखा कि वे बातें उसी प्रकार से थीं जैसी उन स्त्रियों ने सूचना दी थी। परन्तु उन्होंने यीशु को नहीं देखा। BSB BSB: Then some of our companions went to the tomb and found it just as the women had described. But Him they did not see.”
26 HGST निश्चित रूप से तुम को मालूम होना चाहिए कि मसीह के लिए यह आवश्यक था कि उन सब बातों में दुःख उठाए{ और मर जाए}, और फिर परमेश्वर की ओर से महान सम्मान को प्राप्त करे!” BSB BSB: Was it not necessary for the Christ to suffer these things and then to enter His glory?”
27 HGST तब यीशु ने उन्हें वे सब बातें समझा दीं जो पवित्रशास्त्र में उसके विषय में कही गई हैं। उसने मूसा की लिखी बातों से आरम्भ किया, और फिर उसने समझाया कि सारे ही भविष्यवक्ताओं ने क्या लिखा था। BSB BSB: And beginning with Moses and all the Prophets, He explained to them what was written in all the Scriptures about Himself.
28 HGST जब वे उस गाँव के निकट पहुँच गए जहाँ वे दोनों पुरुष जा रहे थे, और ऐसा प्रतीत हुआ कि यीशु सड़क पर चलते हुए आगे जा रहा था। BSB BSB: As they approached the village where they were headed, He seemed to be going farther.
29 HGST परन्तु उन्होंने उससे{ ऐसा नहीं करने के लिए} विनती की। उन्होंने कहा,“आज रात हमारे साथ रह, क्योंकि दोपहर बीत गया है और शीघ्र ही अंधेरा हो जाएगा।” इसलिए वह उनके साथ रहने के लिए{ घर में} भीतर गया। BSB BSB: But they pleaded with Him, “Stay with us, for it is nearly evening and the day is almost over.” So He went in to stay with them.
30 HGST जब वे सब भोजन करने के लिए बैठ गए, तो यीशु ने थोड़ी रोटी ली और उसके लिए परमेश्वर को धन्यवाद दिया। फिर उसने उसे टुकड़ों में तोड़ा और उन दो पुरुषों को कुछ देने लगा। BSB BSB: While He was reclining at the table with them, He took bread, spoke a blessing and broke it, and gave it to them.
31 HGST और तब परमेश्वर ने उनको उसे पहचानने में सक्षम किया। परन्तु तुरन्त ही वह अदृश्य हो गया! BSB BSB: Then their eyes were opened and they recognized Jesus—and He disappeared from their sight.
32 HGST उन्होंने एक दूसरे से कहा,“जिस समय पर हम सड़क पर चले रहे थे और वह हम से बातें कर रहा था और हमें पवित्रशास्त्र को समझने में सक्षम कर रहा था, हम भीतर से अत्यन्त उत्साहित हो गए थे!{ इन सब का यही अर्थ निकलता है कि मसीह को दुःख उठाना ही होगा परन्तु तत्पश्चात महान सम्मान प्राप्त होगा।}” BSB BSB: They asked each other, “Were not our hearts burning within us as He spoke with us on the road and opened the Scriptures to us?”
33 HGST इसलिए वे तुरन्त ही निकल कर यरूशलेम को लौट गए। वहाँ उन्होंने उन 11 प्रेरितों और कुछ अन्य लोगों को पाया जो उनके साथ इकट्ठे हो गए थे। BSB BSB: And they got up that very hour and returned to Jerusalem. There they found the Eleven and those with them, gathered together
34 HGST प्रेरितों ने उन दो पुरुषों से कहा,“यह सत्य है कि यीशु फिर से जी उठा है। वह शमौन को दिखाई भी दिया है!” BSB BSB: and saying, “The Lord has indeed risen and has appeared to Simon!”
35 HGST फिर उन दो पुरुषों ने दूसरों को बताया कि जब वे सड़क पर चल रहे थे तब क्या घटित हुआ था। उन्होंने उन्हें यह भी बताया कि कैसे वे दोनों यीशु को पहचान गए जब उसने उनके लिए कुछ रोटी तोड़ी। BSB BSB: Then the two told what had happened on the road, and how they had recognized Jesus in the breaking of the bread.
37 HGST परन्तु{ वे शान्तिपूर्ण नहीं थे।} वे चौंक गए थे और डर गए थे क्योंकि उन्हें लगा कि वे किसी भूत को देख रहे हैं! BSB BSB: But they were startled and frightened, thinking they had seen a spirit.
38 HGST उसने उनसे कहा,“तुम को चिन्तित नहीं होना चाहिए! और तुम को सन्देह भी नहीं करना चाहिए{ कि मैं जीवित हूँ}। BSB BSB: “Why are you troubled,” Jesus asked, “and why do doubts arise in your hearts?
39 HGST { मेरे हाथों के घावों को} और मेरे पाँवों को देखो! इस प्रकार से तुम सुनिश्चित हो सकते हो कि यह वास्तव में मैं ही हूँ। भूतों के शरीर नहीं होते, जैसा कि तुम देखते हो कि मेरे पास है, और तुम मुझे यह साबित करने के लिए छू भी सकते हो कि मेरा शरीर वास्तविक है।” BSB BSB: Look at My hands and My feet. It is I Myself. Touch Me and see—for a spirit does not have flesh and bones, as you see I have.”
40 HGST उसके ऐसा कहने के पश्चात, उसने उनको अपने हाथों और अपने पाँवों{ में घावों} को दिखाया। BSB BSB: And when He had said this, He showed them His hands and feet.
41 HGST वे इतने आनन्दित थे कि वे अभी भी बड़ी कठिनाई से विश्वास कर पा रहे थे{ कि वह वास्तव में जीवित था}। इसलिए उसने उनसे कहा,“क्या तुम्हारे पास यहाँ पर कुछ है जिसे मैं खा सकूँ?” BSB BSB: While they were still in disbelief because of their joy and amazement, He asked them, “Do you have anything here to eat?”
42 HGST अतः उन्होंने उसे भुनी हुई मछली का एक टुकड़ा दिया। BSB BSB: So they gave Him a piece of broiled fish,
43 HGST और जबकि वे देख ही रहे थे, उसने उसे लेकर खा लिया। BSB BSB: and He took it and ate it in front of them.
45 HGST तब उसने उनको पवित्रशास्त्र{ की उन बातों को}{ जो उसके विषय में कही गई थीं} समझने में सक्षम कर दिया। उसने उनसे कहा, BSB BSB: Then He opened their minds to understand the Scriptures.
46 HGST “यह वही है जो पवित्रशास्त्र में तुम पढ़ सकते हो: कि मसीह दुःख उठाएगा{ और मर जाएगा}, परन्तु उसके पश्चात तीसरे दिन, वह फिर से जीवित हो जाएगा। BSB BSB: And He told them, “This is what is written: The Christ will suffer and rise from the dead on the third day,
47 HGST { पवित्रशास्त्र यह भी कहता है कि} जो मसीह पर विश्वास करते हैं वे जाकर उसकी ओर से घोषणा करें कि परमेश्वर उन लोगों को क्षमा कर देगा जो पाप करना बन्द कर देते हैं। मैं चाहता हूँ कि तुम यह करो कि यहाँ यरूशलेम से आरम्भ करके संसार में रहने वाले प्रत्येक लोगों के समूहों के पास जाओ। BSB BSB: and in His name repentance and forgiveness of sins will be proclaimed to all nations, beginning in Jerusalem.
48 HGST { तुम को लोगों को बताना है कि} तुम ने मेरे साथ घटित हुई उन सब बातों को देखा है जिनके लिए पवित्रशास्त्र कहता है कि वे मसीह के साथ घटित होंगी। BSB BSB: You are witnesses of these things.
49 HGST और जैसा कि मेरे पिता ने वादा किया था, मैं तुम्हारे पास पवित्र आत्मा को भेजने वाला हूँ। परन्तु तुम को उस समय तक इस नगर में ठहरे रहना है जब तक कि परमेश्वर तुम को{ पवित्र आत्मा की} सामर्थ प्रदान न करे।” BSB BSB: And behold, I am sending the promise of My Father upon you. But remain in the city until you have been clothed with power from on high.”
50 HGST फिर यीशु उनको{ नगर से} बाहर ले गया जब तक कि वे बैतनिय्याह{ गाँव} के निकट तक नहीं आ गए। वहाँ पर उसने अपने हाथों को उठा कर उनको आशीर्वाद दिया। BSB BSB: When Jesus had led them out as far as Bethany, He lifted up His hands and blessed them.
51 HGST जब वह ऐसा कर रहा था, तो वह उनको छोड़ कर स्वर्ग को चला गया। BSB BSB: While He was blessing them, He left them and was carried up into heaven.
52 HGST उसकी आराधना करने के पश्चात, वे बड़े आनन्द के साथ यरूशलेम को लौट गए। BSB BSB: And they worshiped Him and returned to Jerusalem with great joy,
53 HGST प्रत्येक दिन वे मंदिर में गए और वहाँ पर परमेश्वर की आराधना करने में समय को व्यतीत किया। BSB BSB: praising God continually in the temple.