1 HGST तब यीशु ने यहूदी अगुवों को अन्य कहानियाँ सुनाईं। पहली कहानी इस प्रकार थी: BSB BSB: Once again, Jesus spoke to them in parables:
2 HGST “जब परमेश्वर स्वर्ग से शासन करेगा, तो यह उस राजा के समान होगा जिसने अपने सेवकों से कहा कि उन्हें उसके पुत्र के लिए विवाह का भोज तैयार करना चाहिए। BSB BSB: “The kingdom of heaven is like a king who prepared a wedding banquet for his son.
3 HGST जब भोज तैयार हो गया, तो राजा ने अपने सेवकों को उन लोगों को यह बताने के लिए भेजा जिन्हें उसने आमंत्रित किया था कि उनके लिए विवाह के भोज में आने का समय हो गया है। सेवकों ने बाहर जाकर लोगों को बताया, परन्तु जिन लोगों को राजा ने आमंत्रित किया था उन्होंने आना न चाहा। BSB BSB: He sent his servants to call those he had invited to the banquet, but they refused to come.
4 HGST अत: राजा ने फिर से दूसरे सेवकों को उन लोगों को भोज में आने के लिए कहने को भेजा। उसने उनसे कहा,' राजा तुम से यह कहता है,“मेरे सेवकों ने भोजन तैयार कर लिया है। उन्होंने बैलों को और मोटे- मोटे बछड़ों को काटकर पका लिया है। सब कुछ तैयार है। अब तुम्हारे लिए विवाह के भोज में आने का समय हो गया है!”’ BSB BSB: Again, he sent other servants and said, ‘Tell those who have been invited that I have prepared my dinner. My oxen and fattened cattle have been killed, and everything is ready. Come to the wedding banquet.’
5 HGST परन्तु जब सेवकों ने उनसे ये बातें कहीं, तो उन्होंने सेवकों की कही हुई बातों पर ध्यान नहीं दिया। उनमें से कुछ अपने खेतों को चले गए। दूसरे लोग अपने व्यापार के स्थानों को चले गए। BSB BSB: But they paid no attention and went away, one to his field, another to his business.
6 HGST राजा ने जिन लोगों को आमंत्रित किया था, उनमें से बाकी के लोगों ने उसके सेवकों को पकड़कर उनके साथ बुरा बर्ताव किया और उन्हें मार डाला। BSB BSB: The rest seized his servants, mistreated them, and killed them.
7 HGST जब राजा ने यह सुना जो घटित हुआ था, तो वह क्रोधित हो गया। उसने अपने सैनिकों को आदेश दिया कि जाकर उन हत्यारों को मार डालें और उनके नगर को जला दें। BSB BSB: The king was enraged, and he sent his troops to destroy those murderers and burn their city.
8 HGST उसके सैनिकों के ऐसा करने के बाद, राजा ने अपने अन्य सेवकों से कहा,‘मैंने विवाह का भोज तैयार कर लिया है, परन्तु जिन लोगों को मैंने आमंत्रित किया था, वे इसमें आने के योग्य नहीं हैं। BSB BSB: Then he said to his servants, ‘The wedding banquet is ready, but those I invited were not worthy.
9 HGST अत: तुम नगर के मुख्य मार्गों के चौराहों पर जाओ। वहाँ जो कोई भी तुम्हें मिले, उनसे कहो कि उन्हें विवाह के भोज में आना है।’ BSB BSB: Go therefore to the crossroads and invite to the banquet as many as you can find.’
10 HGST अत: सेवक वहाँ चले गए। और उन्हें जितने भी लोग मिल पाए, बुरे लोग या अच्छे लोग दोनों, उनको उन्होंने इकट्ठा कर लिया। वे उन्हें उस भवन में ले आए जहाँ विवाह का भोज होने वाला था, ताकि वे लोग उस भवन को भर दें। BSB BSB: So the servants went out into the streets and gathered everyone they could find, both evil and good, and the wedding hall was filled with guests.
11 HGST परन्तु जब राजा अतिथियों को देखने के लिए भवन में गया, तो उसने एक व्यक्ति को देखा जो विवाह के भोज में उसकी ओर से अतिथियों के पहनने के लिए उपलब्ध करवाए गए वस्त्र नहीं पहने हुए था। BSB BSB: But when the king came in to see the guests, he spotted a man who was not dressed in wedding clothes.
12 HGST राजा ने उससे कहा,‘हे मित्र, तुम्हें इस भवन में प्रवेश नहीं करना चाहिए था। क्योंकि तू विवाह के भोज में अतिथियों के द्वारा पहने जाने वाले वस्त्र नहीं पहने हुए है!’ उस व्यक्ति ने कुछ नहीं कहा, क्योंकि वह नहीं जानता था कि क्या कहना है। BSB BSB: ‘Friend,’ he asked, ‘how did you get in here without wedding clothes?’ But the man was speechless.
13 HGST तब राजा ने अपने सेवकों से कहा,‘इस व्यक्ति के पाँव और हाथ बाँधकर इसे बाहर फेंक दो जहाँ घोर अंधकार है। यही वह जगह है जहाँ लोग जिस पीड़ा में वे हैं उसके कारण रोते हैं और अपने दाँत पीसते हैं।’” BSB BSB: Then the king told the servants, ‘Tie him hand and foot, and throw him into the outer darkness, where there will be weeping and gnashing of teeth.’
14 HGST तब यीशु ने कहा,“इस कहानी का संदेश यह है कि परमेश्वर ने बहुतों को अपने पास आने के लिए आमंत्रित किया है, परन्तु केवल कुछ ही लोग ऐसे हैं जिन्हें उसने आने के लिए चुना है।” BSB BSB: For many are called, but few are chosen.”
15 HGST यीशु के ऐसा कहने के बाद, फरीसी यह योजना बनाने के लिए एक साथ इकट्ठे हुए कि वे उसे कुछ ऐसा कहने के लिए कैसे प्रेरित करें जो उन्हें उसे पकड़ने में सक्षम करे। BSB BSB: Then the Pharisees went out and conspired to trap Jesus in His words.
16 HGST उन्होंने अपने कुछ चेलों को, कुछ ऐसे यहूदियों के साथ जो गलील प्रांत पर शासन करने वाले हेरोदेस अन्तिपास का समर्थन करते थे, यीशु के पास भेजा। उन्होंने यीशु से कहा,“हे गुरु, हम जानते हैं कि तू केवल उसी बात की शिक्षा देता है जो सत्य है। हम यह भी जानते हैं कि लोगों की राय तुझे प्रभावित नहीं करती। इसके बजाय, तू सब लोगों को सच्चाई से वही शिक्षा देता है जो परमेश्वर उनसे चाहता है। तू उनकी सामाजिक स्थिति का सम्मान नहीं करता। BSB BSB: They sent their disciples to Him along with the Herodians. “Teacher,” they said, “we know that You are honest and that You teach the way of God in accordance with the truth. You seek favor from no one, because You pay no attention to external appearance.
17 HGST अत: हमें बता कि तू इस मामले के बारे में क्या सोचता है: क्या यह सही है कि हम रोमी सरकार को कर देते हैं, या यह गलत है कि हम उसे कर देते हैं?” BSB BSB: So tell us what You think: Is it lawful to pay taxes to Caesar or not?”
18 HGST परन्तु यीशु जानता था कि वे उससे यह केवल इसलिए पूछ रहे थे क्योंकि वे उसे या तो यहूदियों के साथ या फिर रोमी अधिकारियों के साथ परेशानी में डालने का कारण ढूँढ़ना चाहते थे। अत: उसने उनसे कहा,“तुम पाखण्डी हो! मुझ से असली प्रश्न पूछने का दिखावा करना बंद करो! BSB BSB: But Jesus knew their evil intent and said, “You hypocrites, why are you testing Me?
19 HGST मुझे वह एक सिक्का दिखाओ जिससे लोग रोमी कर चुकाते हैं।” अत: उन्होंने उसे एक सिक्का दिखाया जिसे दीनार कहा जाता था। BSB BSB: Show Me the coin used for the tax.” And they brought Him a denarius.
20 HGST उसने उनसे पूछा,“इस सिक्के पर किसका चित्र है? और इस पर किसका नाम है?” BSB BSB: “Whose image is this,” He asked, “and whose inscription?”
21 HGST उन्होंने उत्तर दिया,“इस पर कैसर का एक चित्र और उसका नाम है, अर्थात् वह व्यक्ति जो रोमी सरकार पर शासन करता है।” तब उसने उनसे कहा,“ऐसी स्थिति में जो सरकार का है, वह सरकार को दो और जो परमेश्वर का है, वह परमेश्वर को दो।” BSB BSB: “Caesar’s,” they answered. So Jesus told them, “Give to Caesar what is Caesar’s, and to God what is God’s.”
22 HGST जब उन लोगों ने यीशु को यह कहते हुए सुना, तो उसके उत्तर ने उन्हें चकित कर दिया। फिर वे उसके पास से चले गए। BSB BSB: And when they heard this, they were amazed. So they left Him and went away.
24 HGST “हे गुरु, मूसा ने पवित्रशास्त्र में लिखा है,‘यदि कोई ऐसा व्यक्ति मर जाता है जिसके कोई सन्तान नहीं है, तो उस मरे हुए व्यक्ति की विधवा से उसके भाई को विवाह करना चाहिए। ऐसा इसलिए है ताकि वह स्त्री उस व्यक्ति से एक सन्तान उत्पन्न करे जिसे उस मरे हुए व्यक्ति का वंशज माना जाएगा। इस प्रकार उस मरे हुए व्यक्ति के वंशज होंगे।’ BSB BSB: “Teacher,” they said, “Moses declared that if a man dies without having children, his brother is to marry the widow and raise up offspring for him.
25 HGST एक परिवार में सात भाई थे। सबसे बड़े ने किसी से विवाह किया। उसके और उसकी पत्नी के कोई सन्तान नहीं थी, और वह मर गया। अत:, दूसरे भाई ने उस विधवा से विवाह किया। BSB BSB: Now there were seven brothers among us. The first one married and died without having children. So he left his wife to his brother.
26 HGST उस दूसरे भाई के साथ भी यही बात हुई, और साथ ही अन्य पाँच भाइयों के साथ भी यही बात हुई, जिनमें से प्रत्येक ने उस स्त्री से विवाह किया, और उसके बाद बिना कोई सन्तान उत्पन्न किए मर गए। BSB BSB: The same thing happened to the second and third brothers, down to the seventh.
27 HGST अंत में, वह स्त्री भी मर गई। BSB BSB: And last of all, the woman died.
28 HGST अत:, जब परमेश्वर लोगों को मरने के बाद फिर से जीवित करेगा, तो उन सात भाइयों में से कौन उसका पति होगा? उन सभी ने अलग- अलग समयों पर उससे विवाह किया था। BSB BSB: In the resurrection, then, whose wife will she be of the seven? For all of them were married to her.”
29 HGST यीशु ने उन्हें उत्तर दिया,“तुम जो सोच रहे हो उसमें तुम गलत हो। जो पवित्रशास्त्र में लिखा है उसे तुम नहीं समझते। तुम यह भी नहीं समझते कि परमेश्वर लोगों को फिर से जीवित करने में सक्षम है। BSB BSB: Jesus answered, “You are mistaken because you do not know the Scriptures or the power of God.
30 HGST जब परमेश्वर उन सब लोगों को जो मर चुके हैं फिर से जीवित करेगा, तो कोई भी विवाह नहीं करेगा। इसके बजाय, वे उन स्वर्गदूतों के समान होंगे जो परमेश्वर के साथ हैं। क्योंकि वे भी विवाह नहीं करते। BSB BSB: In the resurrection, people will neither marry nor be given in marriage. Instead, they will be like the angels in heaven.
31 HGST परन्तु निश्चय ही तुम ने यह पढ़ा होगा जो परमेश्वर ने तुम्हारे पूर्वजों से इस बारे में कहा था कि वह कैसे लोगों को मरने के बाद फिर से जीवित करता है। उसने कहा, BSB BSB: But concerning the resurrection of the dead, have you not read what God said to you:
33 HGST जब लोगों की भीड़ ने यीशु को यह शिक्षा देते हुए सुना, तो इसने उन्हें चकित कर दिया। BSB BSB: When the crowds heard this, they were astonished at His teaching.
34 HGST परन्तु जब फरीसियों ने सुना कि यीशु ने सदूकियों को इस रीति से उत्तर दिया है कि सदूकी उसे प्रतिक्रिया देने में सक्षम नहीं हुए, तो फरीसी इस बात की योजना बनाने के लिए एक साथ इकट्ठे हुए कि वे उससे क्या कहेंगे। उसके बाद वे उसके पास गए। BSB BSB: And when the Pharisees heard that Jesus had silenced the Sadducees, they themselves gathered together.
35 HGST उनमें से एक व्यक्ति, जो परमेश्वर के द्वारा मूसा को दी गई व्यवस्था का विशेषज्ञ था, यीशु की परीक्षा लेना चाहता था। उसने उससे पूछा, BSB BSB: One of them, an expert in the law, tested Him with a question:
36 HGST “हे गुरु, परमेश्वर ने मूसा को जो व्यवस्था दी थी, उसमें कौन सी आज्ञा सबसे महत्वपूर्ण है?” BSB BSB: “Teacher, which commandment is the greatest in the Law?”
37 HGST यीशु ने उत्तर देते हुए व्यवस्था को उद्धृत किया,“‘तुझे प्रभु अपने परमेश्वर से अपनी सारी भावनाओं के साथ, अपनी सारी इच्छाओं के साथ और अपने सारे विचारों के साथ प्रेम रखना चाहिए।’ BSB BSB: Jesus declared, “‘Love the Lord your God with all your heart and with all your soul and with all your mind.’
38 HGST परमेश्वर ने मूसा को जो व्यवस्था दी थी, उसमें सबसे महत्वपूर्ण आज्ञा यही है। BSB BSB: This is the first and greatest commandment.
39 HGST अगली सबसे महत्वपूर्ण आज्ञा जिसका हर किसी को निश्चय ही पालन करना चाहिए, वह है:‘तुझे अपने आसपास के लोगों से उतना ही प्रेम रखना चाहिए जितना तू स्वयं से रखता है।’ BSB BSB: And the second is like it: ‘Love your neighbor as yourself.’
40 HGST ये दो आज्ञाएँ हर उस व्यवस्था का आधार है जो मूसा ने पवित्रशास्त्र में लिखी है और उन सब बातों का भी जो भविष्यद्वक्ताओं ने लिखी हैं।” BSB BSB: All the Law and the Prophets hang on these two commandments.”
41 HGST जिस समय फरीसी यीशु के पास एक साथ इकट्ठे हुए, तो यीशु ने उनसे पूछा, BSB BSB: While the Pharisees were assembled, Jesus questioned them:
42 HGST “मसीह के बारे में तुम क्या सोचते हो? वह किसका वंशज है?” उन्होंने उससे कहा,“वह राजा दाऊद का वंशज है।” BSB BSB: “What do you think about the Christ? Whose son is He?” “David’s,” they answered.
43 HGST तब यीशु ने उनसे कहा,“यदि मसीह राजा दाऊद का वंशज है, तो दाऊद ने उसे उस समय‘प्रभु’ क्यों कहा, जब उसने वही बोला था जो पवित्र आत्मा ने उसे बोलने के लिए कहा था और उसने कहा, BSB BSB: Jesus said to them, “How then does David in the Spirit call Him ‘Lord’? For he says:
44 HGST ‘परमेश्वर ने मेरे प्रभु से कहा,“यहाँ मेरी दाहिनी ओर बैठ, अर्थात् उस स्थान पर जहाँ मैं तुझे सब लोगों के ऊपर सर्वोच्च सम्मान दूँगा! यहाँ उस समय तक बैठ जब तक कि मैं तेरे शत्रुओं को पूरी तरह से परास्त न कर दूँ!”’ BSB BSB: ‘The Lord said to my Lord, “Sit at My right hand until I put Your enemies under Your feet.”’
45 HGST अत:, चूँकि राजा दाऊद ने मसीह को‘मेरे प्रभु’ कहा, इस कारण मसीह कोई ऐसा व्यक्ति नहीं हो सकता जो केवल दाऊद का वंशज हो! वह दाऊद से बहुत बढ़कर होना चाहिए!” BSB BSB: So if David calls Him ‘Lord,’ how can He be David’s son?”
46 HGST यीशु ने जो कहा, उसे सुनने वाला कोई भी व्यक्ति उसे उत्तर में कुछ कहने के लिए विचार करने में सक्षम नहीं हुआ। उसके बाद, किसी और ने उसे फँसाने का प्रयत्न करने के लिए उससे कोई और प्रश्न पूछने का साहस नहीं किया। BSB BSB: No one was able to answer a word, and from that day on no one dared to question Him any further.