1 HGST फिर मैंने देखा कि जो व्यक्ति सिंहासन पर बैठा था, उसने अपने दाहिने हाथ में एक पुस्तक पकड़ी हुई थी। उसने पुस्तक के दोनों ओर शब्द लिखे थे। परन्तु फिर उसने उस पुस्तक को सात मोम के टुकड़ों से बंद कर दिया था{, ताकि कोई भी वह न पढ़ सके जो उसने लिखा था}। BSB BSB: Then I saw a scroll in the right hand of the One seated on the throne. It had writing on both sides and was sealed with seven seals.
2 HGST मैंने एक सामर्थी स्वर्गदूत को देखा जो ऊँचे स्वर में पूछ रहा था:“वह व्यक्ति कौन है जो इस पुस्तक पर लगे मोम के टुकड़ों को तोड़ने और फिर इस पुस्तक को खोलने{ और जो वह कहती है उसे पढ़ने} के योग्य है?” BSB BSB: And I saw a mighty angel proclaiming in a loud voice, “Who is worthy to break the seals and open the scroll?”
3 HGST तब भी कोई स्वर्गीय प्राणी, पृथ्वी का कोई व्यक्ति, और मरे हुओं के निवास का कोई भी उस पुस्तक को खोलने और उसे पढ़ने के लिये पर्याप्त रूप से योग्य नहीं था। BSB BSB: But no one in heaven or on earth or under the earth was able to open the scroll or look inside it.
4 HGST जब मैंने देखा कि कहीं भी कोई भी उस पुस्तक को खोलने और उसे पढ़ने के लिये पर्याप्त रूप से योग्य नहीं था, तो मैं फूट- फूट कर रोया।{ मैं इसलिए रोया क्योंकि मैं जानता था कि परमेश्वर ने जो लिखा था वह महत्वपूर्ण था, परन्तु मैंने सोचा कि कोई भी कभी भी वह मालूम नहीं कर पाएगा जो उसने लिखा है}। BSB BSB: And I began to weep bitterly, because no one was found worthy to open the scroll or look inside it.
7 HGST वह मेम्ना सिंहासन के पास आया, और जो व्यक्ति सिंहासन पर बैठा था उसने उसे वह पुस्तक सौंप दी। BSB BSB: And He came and took the scroll from the right hand of the One seated on the throne.
8 HGST जैसे ही{ मेम्ने ने} वह पुस्तक ग्रहण की, उन चारों जीवित प्राणियों ने और 24 प्राचीनों ने मेम्ने के आगे घुटने टिका दिए। हर एक प्राचीन के हाथ में एक वीणा और कुछ सोने के कटोरे थे जिनमें धूप थी। वह धूप उन लोगों की प्रार्थनाओं का प्रतीक थी जो परमेश्वर से सम्बन्धित हैं। BSB BSB: When He had taken the scroll, the four living creatures and the twenty-four elders fell down before the Lamb. Each one had a harp, and they were holding golden bowls full of incense, which are the prayers of the saints.
9 HGST उन जीवित प्राणियों और प्राचीनों ने एक ऐसा गीत गाया जो पहले कभी किसी ने नहीं गाया था। उन्होंने{ मेम्ने के लिये} गाया,“तू इस पुस्तक को लेने और इसके मोम के टुकड़ों को तोड़ने के योग्य है{ ताकि तू पढ़ सके कि वह क्या कहती है}।{ तू इसके योग्य इसलिए है} क्योंकि जब तूने अपना जीवन त्यागा, तो तूने लोगों को पाप से स्वतंत्र करने के लिये अपने लहू से दाम चुकाया ताकि वे परमेश्वर की आराधना कर सकें और उसकी आज्ञा मान सकें। तूने यह समूचे संसार के लोगों के लिये किया। BSB BSB: And they sang a new song: “Worthy are You to take the scroll and open its seals, because You were slain, and by Your blood You purchased for God those from every tribe and tongue and people and nation.
10 HGST तूने उन्हें ऐसे लोग बना दिया है जिन पर हमारा परमेश्वर शासन करता है और ऐसे लोग बना दिया जो परमेश्वर की आराधना करने के लिये दूसरों की अगुवाई करेंगे। वे इस संसार में रहने वाले लोगों के शासक होंगे।” BSB BSB: You have made them to be a kingdom and priests to serve our God, and they will reign upon the earth.”
11 HGST जब मैं{ इन घटनाओं को} देख रहा था, तो मैंने कई स्वर्गदूतों को गाते हुए सुना। इन स्वर्गदूतों ने सिंहासन, जीवित प्राणियों और प्राचीनों को घेर लिया। वहाँ लाखों स्वर्गदूत थे, जो इतने अधिक थे कि कोई भी गिन नहीं सकता था कि वहाँ वे कितने थे। BSB BSB: Then I looked, and I heard the voices of many angels encircling the throne, and the living creatures and the elders. And their number was myriads of myriads and thousands of thousands.
12 HGST वे स्वर्गदूत ऊँचे स्वर में गा रहे थे,“जिस मेम्ने ने अपना जीवन त्याग दिया, वह योग्य है कि हर कोई उसे आदर, महिमा और आशीष दे और स्वीकार करे कि वह कितना सामर्थी, धनी, बुद्धिमान, और दृढ़ है!” BSB BSB: In a loud voice they were saying: “Worthy is the Lamb who was slain, to receive power and riches and wisdom and strength and honor and glory and blessing!”
13 HGST फिर मैंने स्वर्ग में, पृथ्वी पर, पृथ्वी के नीचे और समुद्र में मौजूद हर प्राणी को भी— हाँ, उन सभी जगहों में रहने वाले प्रत्येक प्राणी को— यह गाते हुए सुना,“हर कोई हमेशा सिंहासन पर बैठे व्यक्ति की और मेम्ने की स्तुति और आदर और महिमा करे और स्वीकार करे कि वे कितने सामर्थी हैं!” BSB BSB: And I heard every creature in heaven and on earth and under the earth and in the sea, and all that is in them, saying: “To Him who sits on the throne and to the Lamb be praise and honor and glory and power forever and ever!”
14 HGST जब लाखों स्वर्गदूतों ने और हर प्राणी ने ये बातें गाईं, तो उन चारों जीवित प्राणियों ने कहा,“यह ऐसा ही हो!” तब उन प्राचीनों ने परमेश्वर और मेम्ने दोनों के सामने उनकी आराधना करने के लिये भूमि पर घुटने टिका दिए। BSB BSB: And the four living creatures said, “Amen,” and the elders fell down and worshiped.
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