1 IEV उन दिनों में, सब्त के एक दिन, यीशु और शिष्य कुछ अनाज के खेतों से होकर जा रहे थे। शिष्यों को भूख लगी थी, तो वे कुछ अनाज की बालें तोड़ कर खाने लगे, मूसा की व्यवस्था में ऐसा करने की अनुमति नहीं थी। BSB BSB: At that time Jesus went through the grainfields on the Sabbath. His disciples were hungry and began to pick the heads of grain and eat them.
2 IEV कुछ फरीसियों ने उन्हें ऐसा करते देखा, तो उन्होंने यीशु से कहा,“देख, तेरे शिष्य विश्राम के दिन में कार्य कर रहे हैं। BSB BSB: When the Pharisees saw this, they said to Him, “Look, Your disciples are doing what is unlawful on the Sabbath.”
4 IEV दाऊद ने आराधना के पवित्र- तम्बू में प्रवेश किया और जो रोटी परमेश्वर के लिए भेंट की हुई थीं उन्हें खाया। परन्तु मूसा की व्यवस्था के अनुसार, केवल याजकों को वह रोटी खाने की अनुमति थी, दाऊद और उसके साथियों ने उन्हें खाया था। BSB BSB: He entered the house of God, and he and his companions ate the consecrated bread, which was not lawful for them to eat, but only for the priests.
5 IEV इसके अतिरिक्त तुमने निश्चय ही पढ़ा होगा जो मूसा ने लिखा है, याजक, सब्त के दिन आराधनालय में कार्य करके, यहूदी विश्रामदिन के व्यवस्था का पालन नहीं करते हैं, तो भी वे दोषी नहीं हैं। BSB BSB: Or haven’t you read in the Law that on the Sabbath the priests in the temple break the Sabbath and yet are innocent?
6 IEV मैं तुम्हें समझता हूँ कि इसका क्या अर्थ है: मैं तुम्हारे पास आया हूँ, और मैं, आराधनालय से अधिक महत्वपूर्ण हूँ। BSB BSB: But I tell you that One greater than the temple is here.
7 IEV तुमको पवित्रशास्त्रों में लिखे हुए परमेश्वर के इन वचनों पर विचार करना चाहिए:‘मैं चाहता हूँ कि तुम लोगों के साथ दया का व्यवहार करो और केवल बलिदान न चढ़ाओ।’ यदि तुम समझते हो कि इसका क्या अर्थ है, तो तुम मेरे शिष्यों की निन्दा नहीं करोगे, जिन्होंने कोई गलत कार्य नहीं किया है। BSB BSB: If only you had known the meaning of ‘I desire mercy, not sacrifice,’ you would not have condemned the innocent.
8 IEV मैं मनुष्य का पुत्र हूँ, और मेरे पास लोगों को यह बताने का अधिकार है कि वे सब्त के दिन क्या कर सकते हैं।” BSB BSB: For the Son of Man is Lord of the Sabbath.”
9 IEV उसी दिन यीशु वहाँ से निकल कर, एक आराधनालय में गए। BSB BSB: Moving on from there, Jesus entered their synagogue,
10 IEV वहाँ उन्होंने एक सूखे हाथ वाले व्यक्ति को देखा। फरीसी सब्त के विषय में यीशु के साथ विवाद करना चाहते थे, इसलिए उन्होंने उनसे पूछा,“क्या व्यवस्था हमें विश्राम के दिन लोगों को स्वस्थ करने की अनुमति देती है?” BSB BSB: and a man with a withered hand was there. In order to accuse Jesus, they asked Him, “Is it lawful to heal on the Sabbath?”
11 IEV वे अपेक्षा कर रहे थे कि यीशु कुछ गलत कहकर पाप करेंगे। उन्होंने उन्हें उत्तर दिया,“मान लो कि तुम्हारे पास एक भेड़ है, और वह सब्त के दिन एक गहरे गड्ढे में गिर गई, क्या तुम उसे वहाँ छोड़ दोगे? कदापि नहीं! तुम उसे पकड़ोगे और उठा कर तुरन्त बाहर निकालोगे! BSB BSB: He replied, “If one of you has a sheep and it falls into a pit on the Sabbath, will he not take hold of it and lift it out?
12 IEV परन्तु मनुष्य भेड़ की तुलना में बहुत अधिक मूल्यवान है। इसलिए यह निश्चय ही हमारे लिए सही होगा, कि किसी भी व्यक्ति को स्वस्थ करके भलाई करें, चाहे वह हमारे विश्राम का दिन ही क्योंकि हो!” BSB BSB: How much more valuable is a man than a sheep! Therefore it is lawful to do good on the Sabbath.”
13 IEV तब उन्होंने उस व्यक्ति से कहा,“अपना हाथ बढ़ा!” उसने अपना सूखा हाथ बढ़ाया, और वह, दूसरे हाथ के समान स्वस्थ हो गया! BSB BSB: Then Jesus said to the man, “Stretch out your hand.” So he stretched it out, and it was restored to full use, just like the other.
14 IEV तब फरीसी आराधनालय छोड़ कर चले गए। उन्होंने एक साथ योजना बनाना आरम्भ कर दिया कि वे यीशु को कैसे मार सकते थे। BSB BSB: But the Pharisees went out and plotted how they might kill Jesus.
15 IEV क्योंकि यीशु को पता था कि फरीसी उन्हें मारने का षड्यन्त्र रच रहे हैं, वह वहाँ से चले गए। कई बीमार लोगों सहित एक बड़ी भीड़, उनके पीछे हो ली, और उन्होंने उन सबको स्वस्थ किया। BSB BSB: Aware of this, Jesus withdrew from that place. Large crowds followed Him, and He healed them all,
16 IEV परन्तु उन्होंने उन्हें दृढ़ता से कहा कि वे किसी को भी इसके विषय में नहीं बताएँ। BSB BSB: warning them not to make Him known.
18 IEV “यह मेरे दास हैं जिन्हें मैंने चुना है, जिनसे मैं प्रेम करता हूँ और जिन्होंने मुझे प्रसन्न किया है। मैं उनमें अपना आत्मा डालूँगा, और वह गैर- यहूदियों के लिए न्याय और उद्धार लाएँगे।” BSB BSB: “Here is My Servant, whom I have chosen, My beloved, in whom My soul delights. I will put My Spirit on Him, and He will proclaim justice to the nations.
19 IEV वह लोगों के साथ झगड़ा नहीं करेंगे, न ही वह चिल्लाएँगे और सड़कों में उनका शब्द सुनाई नहीं देगा। BSB BSB: He will not quarrel or cry out; no one will hear His voice in the streets.
20 IEV वह निर्बल लोगों के साथ कोमल होंगे; यदि कोई व्यक्ति बड़ी कठिनाई से जीवित है, तो वह उसे नहीं मारेंगे। और वह लोगों का न्याय निष्पक्षता से करेंगे और घोषित करेंगे कि वे दोषी नहीं हैं। BSB BSB: A bruised reed He will not break, and a smoldering wick He will not extinguish, till He leads justice to victory.
21 IEV इसलिए गैर- यहूदी उन पर भरोसा करेंगे।” BSB BSB: In His name the nations will put their hope.”
22 IEV एक दिन कुछ लोग यीशु के पास एक अंधे और बोलने में असमर्थ व्यक्ति को लाए, जिसमें एक दुष्ट- आत्मा थी। यीशु ने दुष्ट- आत्मा को निकाल दिया और उसे स्वस्थ किया। तब वह व्यक्ति बात करने लगा और देखने में सक्षम हो गया। BSB BSB: Then a demon-possessed man who was blind and mute was brought to Jesus, and He healed the man so that he could speak and see.
23 IEV सारी भीड़ यह देख कर आश्चर्यचकित हुई। वे एक दूसरे से कहने लगे,“क्या यह मनुष्य मसीह है, राजा दाऊद का वंशज, जिनकी हम आशा कर रहे थे?” BSB BSB: The crowds were astounded and asked, “Could this be the Son of David?”
24 IEV क्योंकि फरीसियों ने इस चमत्कार के विषय में सुना, उन्होंने कहा,“यह परमेश्वर नहीं है, यह दुष्ट- आत्माओं के शासक बालजबूल की सहायता से लोगों में से दुष्ट- आत्माओं को निकालता है!” BSB BSB: But when the Pharisees heard this, they said, “Only by Beelzebul, the prince of demons, does this man drive out demons.”
25 IEV यीशु जानते थे कि फरीसी क्या सोच रहे थे। इसलिए उन्होंने उनसे कहा,“यदि एक देश के लोग एक- दूसरे के विरुद्ध लड़ते हैं, तो वे अपने देश को नष्ट कर देंगे। यदि एक ही शहर या घर में रहने वाले लोग एक- दूसरे से लड़ते हैं, तो वे एक समूह या परिवार के रूप में नहीं रह सकते हैं। BSB BSB: Knowing their thoughts, Jesus said to them, “Every kingdom divided against itself will be laid waste, and every city or household divided against itself will not stand.
26 IEV इसी प्रकार यदि शैतान अपने स्वयं के दुष्ट- आत्माओं को निकाल रहा है, तो वह स्वयं के विरुद्ध लड़ रहा है। उसका राज्य नाश हो जाएगा। BSB BSB: If Satan drives out Satan, he is divided against himself. How then can his kingdom stand?
27 IEV इसके अतिरिक्त यदि यह सच है कि शैतान मुझे दुष्ट- आत्माओं को बाहर निकालने में समर्थ बनाता है, तो क्या यह भी सच है कि तुम्हारे शिष्य भी जो दुष्ट- आत्माओं को बाहर निकालते हैं, क्या शैतान की शक्ति से ऐसा करते हैं? नहीं! इसलिए वे तुम्हारा न्याय करेंगे। BSB BSB: And if I drive out demons by Beelzebul, by whom do your sons drive them out? So then, they will be your judges.
28 IEV परन्तु क्योंकि यह परमेश्वर के आत्मा हैं जो मुझे दुष्ट- आत्माओं को निकालने में समर्थ बनाते हैं, यह सिद्ध करता है कि स्वर्ग से परमेश्वर का शासन पहले से ही यहाँ हैं। BSB BSB: But if I drive out demons by the Spirit of God, then the kingdom of God has come upon you.
29 IEV मैं तुमको दिखाता हूँ कि मैं दुष्ट- आत्माओं को निकालने में क्यों समर्थ हूँ। जैसे एक बलवन्त मनुष्य के घर में कोई नहीं जा सकता है और यदि वह पहले उस बलवन्त मनुष्य को बाँध न ले तो उसकी सम्पत्ति को नहीं ले सकता है। परन्तु यदि वह उसे बाँध देता है, तो वह उसकी सम्पत्ति लेने में समर्थ हो जाएगा। BSB BSB: Or again, how can anyone enter a strong man’s house and steal his possessions, unless he first ties up the strong man? Then he can plunder his house.
30 IEV जो लोग यह स्वीकार नहीं करते हैं कि पवित्र- आत्मा मुझे दुष्ट- आत्माओं को निकालने में समर्थ बनाते हैं, वे मेरा विरोध करते हैं, और जो मेरे शिष्य बनने के लिए लोगों को एकत्र नहीं करते हैं, वे लोगों को मुझसे दूर कर रहे हैं। BSB BSB: He who is not with Me is against Me, and he who does not gather with Me scatters.
31 IEV तुम कह रहे हो कि यह पवित्र- आत्मा नहीं हैं जो मुझे दुष्ट- आत्माओं को निकालने में समर्थ बना रहे हैं। तो मैं तुमसे ये कहूँगा: यदि जो लोग किसी भी तरह से किसी व्यक्ति का अपमान करते हैं और उन्हें अपनी गलती का पछतावा होता है और वे परमेश्वर से क्षमा माँगते हैं तो परमेश्वर उन्हें क्षमा करेंगे। परन्तु वह उन लोगों को क्षमा नहीं करेंगे जो पवित्र- आत्मा का अपमान करते हैं। BSB BSB: Therefore I tell you, every sin and blasphemy will be forgiven men, but the blasphemy against the Spirit will not be forgiven.
32 IEV जो लोग मेरे अर्थात् मनुष्य के पुत्र के विरुद्ध करते हैं, उन्हें क्षमा करने के लिए परमेश्वर इच्छुक हैं। परन्तु मैं तुमको चेतावनी देता हूँ कि वह उन लोगों को क्षमा नहीं करेंगे जो पवित्र- आत्मा के विषय में बुरी बातें कहते हैं। परमेश्वर न तो उन्हें इस समय क्षमा करेंगे, न ही आने वाले संसार में क्षमा करेंगे।” BSB BSB: Whoever speaks a word against the Son of Man will be forgiven, but whoever speaks against the Holy Spirit will not be forgiven, either in this age or in the one to come.
33 IEV “जब तुम किसी पेड़ में फल देखते हो, तो तुम निर्णय लेते हो कि क्या फल अच्छा है या बुरा है। यदि फल अच्छा है, तो तुम जानते हो कि उसका पेड़ भी अच्छा है। यदि मैं अच्छे कार्य कर रहा हूँ, तो तुमको पता होना चाहिए कि मैं अच्छा हूँ या नहीं। BSB BSB: Make a tree good and its fruit will be good, or make a tree bad and its fruit will be bad, for a tree is known by its fruit.
34 IEV तुम विषैले साँपों के बच्चों के समान हो! तुम कुछ भी अच्छा नहीं कह सकते, क्योंकि तुम बुरे हो। व्यक्ति वही कहता है जो उसके मन में होता है। BSB BSB: You brood of vipers, how can you who are evil say anything good? For out of the overflow of the heart the mouth speaks.
35 IEV अच्छे लोग अच्छी बातें कहते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि उन्होंने इन सब अच्छी वस्तुओं को किसी सुरक्षित स्थान में रखा है और किसी भी समय उन्हें बाहर निकाल सकते हैं। परन्तु बुरे लोग बुरी बातें करते हैं। ऐसा इसलिए है कि उन्होंने इन सब बुरी वस्तुओं को एकत्र कर रखा है और उन्हें उस जगह से किसी भी समय बाहर निकाल सकते हैं जहाँ उन्होंने उसे एकत्र किया हुआ है। BSB BSB: The good man brings good things out of his good store of treasure, and the evil man brings evil things out of his evil store of treasure.
36 IEV मैं तुमसे कहता हूँ कि उस दिन जब परमेश्वर न्याय करेंगे, तो वह लोगों को उनके हर एक व्यर्थ के शब्द को स्मरण कराएँगे, जो उन्होंने कहे हैं, और वह उन लोगों द्वारा कहीं गई बातों के अनुसार, उनका न्याय करेंगे। BSB BSB: But I tell you that men will give an account on the day of judgment for every careless word they have spoken.
37 IEV परमेश्वर या तो तुम्हारे द्वारा कहे गए उन शब्दों के आधार पर तुम्हें धर्मी घोषित करेंगे, या जो तुमने कहा है उसके आधार पर तुम्हें दोषी घोषित करेंगे। BSB BSB: For by your words you will be acquitted, and by your words you will be condemned.”
40 IEV योना एक बड़ी मछली के पेट में तीन दिन और तीन रात था, इसी प्रकार, तीन दिन और रात तक, मनुष्य के पुत्र पृथ्वी की गहराई में होंगे। BSB BSB: For as Jonah was three days and three nights in the belly of the great fish, so the Son of Man will be three days and three nights in the heart of the earth.
41 IEV जब परमेश्वर हर सबका न्याय करेंगे, तो जो लोग नीनवे शहर में रहते थे वह तुम्हारे साथ परमेश्वर के सामने खड़े होंगे। परन्तु जब योना ने उनको चेतावनी दी, तब उन्होंने पाप करना बन्द कर दिया। अब मैं तुम्हारे पास आया हूँ, और मैं योना की तुलना में कहीं अधिक महत्वपूर्ण हूँ, परन्तु तुमने पाप करना नहीं त्यागा है। इसलिए परमेश्वर तुम्हारा न्याय करेंगे। BSB BSB: The men of Nineveh will stand at the judgment with this generation and condemn it; for they repented at the preaching of Jonah, and now One greater than Jonah is here.
42 IEV इस्राएल देश के दक्षिण से शेबा की रानी, कई वर्षों पहले बहुत दूर से सुलैमान की बातें सुनने के लिए आई क्योंकि वह बुद्धिमानी की बातों की शिक्षा देता था। अब मैं तुम्हारे पास आया हूँ, और मैं सुलैमान की तुलना में बहुत अधिक महत्वपूर्ण हूँ, परन्तु तुमने पाप करना नहीं त्यागा है। इसलिए जब परमेश्वर सबका न्याय करेंगे तब शेबा की रानी परमेश्वर के सामने तुम्हारे पास खड़ी होगी और वह तुम्हें दोषी ठहराएगी।” BSB BSB: The Queen of the South will rise at the judgment with this generation and condemn it; for she came from the ends of the earth to hear the wisdom of Solomon, and now One greater than Solomon is here.
43 IEV “जब एक दुष्ट- आत्मा मनुष्य को छोड़ देती है, तो वह निर्जन क्षेत्रों में भटकती है, कि कोई ऐसा जन मिले, जिसमें वह आराम कर सके। यदि उसे कोई नहीं मिलता है, BSB BSB: When an unclean spirit comes out of a man, it passes through arid places seeking rest and does not find it.
44 IEV तब वह कहती है,“मैं उस व्यक्ति में वापस लौट जाऊँगी जिसमें मैं पहले रहती थी।” तो वह वापस चली जाती है और उसे पता चलता है कि उस व्यक्ति का जीवन परमेश्वर के आत्मा के वश में नहीं है। उस व्यक्ति का जीवन एक ऐसे घर के समान है जिसे साफ किया गया है और सब कुछ व्यवस्थित है परन्तु यह खाली है। BSB BSB: Then it says, ‘I will return to the house I left.’ On its return, it finds the house vacant, swept clean, and put in order.
45 IEV तब यह दुष्ट- आत्मा जाती है और सात अन्य दुष्ट- आत्माओं को साथ ले लेती है जो और भी अधिक बुरी हैं, और वे सब उस व्यक्ति में प्रवेश करती हैं और वहाँ रहने लगती हैं। इसलिए हालाँकि उस व्यक्ति की स्थिति, अब पहले की तुलना में बहुत खराब हो जाती है। यही तुम दुष्ट लोगों के साथ होगा।” BSB BSB: Then it goes and brings with it seven other spirits more wicked than itself, and they go in and dwell there. And the final plight of that man is worse than the first. So will it be with this wicked generation.”
46 IEV “जब यीशु भीड़ से बात कर रहे थे, तब उनकी माँ और छोटे भाई आए। वे घर के बाहर खड़े हुए थे, और वे उनके साथ बात करना चाहते थे। BSB BSB: While Jesus was still speaking to the crowds, His mother and brothers stood outside, wanting to speak to Him.
47 IEV किसी ने उनसे कहा,“आपकी माँ और आपके छोटे भाई घर के बाहर खड़े हैं, और वे आप से बात करना चाहते हैं।” BSB BSB: Someone told Him, “Look, Your mother and brothers are standing outside, wanting to speak to You.”
48 IEV तब यीशु ने उस व्यक्ति से कहा,“मैं तुम्हें बताता हूँ कि वास्तव में मेरी माता और भाई कौन हैं।’ BSB BSB: But Jesus replied, “Who is My mother, and who are My brothers?”
49 IEV तब उन्होंने अपने शिष्यों की ओर संकेत करके कहा,“ये मेरी माँ और मेरे भाइयों का स्थान लेते हैं। BSB BSB: Pointing to His disciples, He said, “Here are My mother and My brothers.
50 IEV जो मेरे स्वर्गीय पिता की इच्छा के अनुसार कार्य करते हैं, वही मेरे भाई, मेरी बहन या मेरी माँ का स्थान लेते हैं।” BSB BSB: For whoever does the will of My Father in heaven is My brother and sister and mother.”