2 UDB सब्त के दिन उन्होंने आराधनालय में प्रवेश किया और लोगों को शिक्षा दी। बहुत से लोग जो उनकी सुन रहे थे, वे बहुत आश्चर्यचकित थे। वे सोचते थे कि इन्होंने इतना ज्ञान और चमत्कार करने की सामर्थ्य कहाँ से प्राप्त की है। BSB BSB: When the Sabbath came, He began to teach in the synagogue, and many who heard Him were astonished. “Where did this man get these ideas?” they asked. “What is this wisdom He has been given? And how can He perform such miracles?
4 UDB यीशु ने उनसे कहा, "यह सच है कि लोग अन्य जगहों पर मेरा और अन्य भविष्यद्वक्ताओं का सम्मान करते हैं, लेकिन हमारे नगरों में नहीं! यहाँ तक कि हमारे रिश्तेदारों और हमारे घरों में रहने वाले लोग भी हमें सम्मान नहीं देते!" BSB BSB: Then Jesus said to them, “Only in his hometown, among his relatives, and in his own household is a prophet without honor.”
5 UDB इसलिए, फिर भी उन्होंने वहाँ कुछ बीमार लोगों को ठीक किया, इसके अतिरिक्त उन्होंने और कोई चमत्कार नहीं किया। BSB BSB: So He could not perform any miracles there, except to lay His hands on a few of the sick and heal them.
6 UDB वह उनके अविश्वास से चकित थे, परन्तु वह उनके गाँव में गए और उन्हें शिक्षा दी। BSB BSB: And He was amazed at their unbelief. And He went around from village to village, teaching the people.
7 UDB एक दिन उन्होंने बारह शिष्यों को एक साथ बुलाया, और फिर उन्होंने उन्हें दो-दो करके कई शहरों में लोगों को शिक्षा देने के लिए भेजा। उन्होंने लोगों में से दुष्ट-आत्माओं को बाहर निकालने के लिए उन्हें सामर्थ्य प्रदान की। BSB BSB: Then Jesus called the Twelve to Him and began to send them out two by two, giving them authority over unclean spirits.
8 UDB उन्होंने उन्हें यात्रा में जूते पहनने और छड़ी साथ लेने का निर्देश दिया। उन्होंने उनसे कहा कि भोजन न लें, और न ही थैला जिसमें आवश्यक्ता की वस्तुएँ रख सकें, और न ही यात्रा के लिए कोई पैसा। उन्होंने उनको अतिरिक्त कुर्ता रखने की भी अनुमति नहीं दी थी। BSB BSB: He instructed them to take nothing but a staff for the journey—no bread, no bag, no money in their belts—
10 UDB उन्होंने यह भी निर्देश दिया, "किसी भी शहर में प्रवेश करने के बाद, यदि कोई तुम्हें अपने घर में रहने के लिए आमंत्रित करता है, तो उसके घर में जाना। BSB BSB: And He told them, “When you enter a house, stay there until you leave that area.
11 UDB जिस स्थान के लोग तुम्हारा स्वागत नहीं करते और तुम्हारी बात नहीं सुनते हैं, उस जगह से निकलते समय अपने पैरों से धूल झाड़ देना। ऐसा करने से, तुम यह प्रमाणित करोगे कि उन्होंने तुम्हारा स्वागत नहीं किया।" BSB BSB: If anyone will not welcome you or listen to you, shake the dust off your feet when you leave that place, as a testimony against them.”
12 UDB इसके बाद शिष्यों ने विभिन्न नगरों में जाकर प्रचार किया कि लोग लज्जित हों कि वे पाप करते हैं, और पापों का त्याग करने का निर्णय लें जिससे कि परमेश्वर उन्हें क्षमा करें। BSB BSB: So they set out and preached that the people should repent.
13 UDB उन्होंने कई दुष्ट-आत्माओं को भी लोगों में से बाहर निकलने के लिए विवश किया और वे कई बीमार लोगों को जैतून के तेल से ठीक कर रहे थे। BSB BSB: They also drove out many demons and healed many of the sick, anointing them with oil.
14 UDB अब राजा हेरोदेस अंतिपास ने सुना कि यीशु क्या कर रहे थे, क्योंकि बहुत से लोग इस बारे में बात कर रहे थे। कुछ लोग यीशु के बारे में कह रहे थे, "वह यूहन्ना बपतिस्मा देनेवाला होगा! वह मुर्दों में से जीवित हो उठा है, इसलिए उनके पास इन चमत्कारों को करने के लिए परमेश्वर का सामर्थ्य है!" BSB BSB: Now King Herod heard about this, for Jesus’ name had become well known, and people were saying, “John the Baptist has risen from the dead! That is why miraculous powers are at work in him.”
15 UDB अन्य लोग यीशु के बारे में कह रहे थे, "वह प्राचीन भविष्यद्वक्ता एलिय्याह है, जिसे परमेश्वर ने फिर से वापस भेजने की प्रतिज्ञा की थी।" अन्य लोग यीशु के बारे में कह रहे थे, "नहीं, वह एक अलग भविष्यद्वक्ता है, उन भविष्यद्वक्ताओं में से एक जो बहुत समय पहले रहते थे।" BSB BSB: Others were saying, “He is Elijah,” and still others, “He is a prophet, like one of the prophets of old.”
16 UDB लोग जो कह रहे थे उसे सुनकर राजा हेरोदेस अंतिपास ने स्वयं से यह कहा, "जो व्यक्ति ये चमत्कार कर रहा है वह यूहन्ना होना चाहिए! मैंने अपने सैनिकों को उसका सिर काटने का आदेश दिया था, परन्तु वह फिर से जीवित हो गया है! BSB BSB: But when Herod heard this, he said, “John, whom I beheaded, has risen from the dead!”
17 UDB जो घटना हुई थी वह यह थी कि कुछ समय पहले हेरोदेस ने हेरोदियास से विवाह कर लिया था; वह उसके भाई फिलिप्पुस की पत्नी थी। BSB BSB: For Herod himself had ordered that John be arrested and bound and imprisoned, on account of his brother Philip’s wife Herodias, whom Herod had married.
18 UDB उसके बाद यूहन्ना ने हेरोदेस से कहा, "परमेश्वर की व्यवस्था तुझे अपने भाई के जीवित रहते उसकी पत्नी से विवाह करने की अनुमति नहीं देती है।" तब, क्योंकि हेरोदियास ने यूहन्ना को जेल में डलवाने का आग्रह किया, हेरोदेस ने अपने सैनिकों को यूहन्ना के पास भेज कर यूहन्ना को बन्दी बनवाया और उसे बन्दीगृह में डाल दिया। BSB BSB: For John had been telling Herod, “It is not lawful for you to have your brother’s wife!”
19 UDB परन्तु हेरोदियास यूहन्ना से अधिक बदला लेना चाहती थी, इसलिए वह चाहती थी कि कोई उसे मार डाले, परन्तु वह ऐसा नहीं कर पाई क्योंकि यूहन्ना बन्दीगृह में था, हेरोदेस ने यूहन्ना को उससे सुरक्षित रखा। BSB BSB: So Herodias held a grudge against John and wanted to kill him. But she had been unable,
20 UDB हेरोदेस ने ऐसा इसलिए किया क्योंकि वह यूहन्ना का सम्मान करता था, क्योंकि वह जानता था कि वह एक धर्मी व्यक्ति था, जिसने अपने आप को परमेश्वर के लिए समर्पित कर दिया था। जब हेरोदेस ने उसकी बात सुनी, तो वह बहुत परेशान हो गया और उसे पता नहीं था कि उसे उसके साथ क्या करना चाहिए, लेकिन वह उसे सुनना पसंद करता था। BSB BSB: because Herod feared John and protected him, knowing that he was a righteous and holy man. When he heard John’s words, he was greatly perplexed; yet he listened to him gladly.
21 UDB परन्तु हेरोदियास को आखिरकार यूहन्ना को मार डालने वाला मिला जो उसे मार सकता था। एक दिन हेरोदेस के जन्मदिन पर उसको सम्मान देने के लिए सबसे महत्वपूर्ण सरकारी अधिकारियों, सबसे महत्वपूर्ण सेना के अधिकारियों और गलील के सबसे महत्वपूर्ण नागरिकों को उसके साथ खाने और जन्मदिन मनाने के लिए आमंत्रित किया गया। BSB BSB: On Herod’s birthday, her opportunity arose. Herod held a banquet for his nobles and military commanders and the leading men of Galilee.
22 UDB जब वे खा रहे थे, तो हेरोदियास की बेटी कमरे में आई और राजा और उसके मेहमानों के लिए नृत्य किया। उसने राजा हेरोदेस और उसके मेहमानों को इतना प्रसन्न किया कि उसने उससे कहा, "तुझे मुझसे जो कुछ भी माँगना है माँग, जो भी तेरी इच्छा है, मैं उसे तुझे दे दूँगा!" BSB BSB: When the daughter of Herodias came and danced, she pleased Herod and his guests, and the king said to the girl, “Ask me for whatever you wish, and I will give it to you.”
23 UDB उसने उससे यह भी कहा, "तू जो कुछ भी माँगेगी, मैं उसे दे दूँगा! अगर तू माँगे तो मैं अपना आधा राज्य भी तुझे दे दूँगा।" BSB BSB: And he swore to her, “Whatever you ask of me, I will give you, up to half my kingdom!”
24 UDB लड़की कमरे से निकल कर अपनी माँ के पास गई। उसने उसे बताया कि राजा ने क्या कहा, और उससे पूछा, "मुझे क्या माँगना चाहिए?" उसकी माँ ने उत्तर दिया, "राजा से यूहन्ना बपतिस्मा देने वाले का सिर माँग!" BSB BSB: Then she went out and asked her mother, “What should I request?” And her mother answered, “The head of John the Baptist.”
25 UDB लड़की ने फिर से कमरे में प्रवेश किया। वह राजा के पास गई और उससे कहा, "मैं चाहती हूँ कि तू किसी को यूहन्ना बपतिस्मा देने वाले का सिर काटकर थाली में लाने की आज्ञा दे।" BSB BSB: At once the girl hurried back to the king with her request: “I want you to give me the head of John the Baptist on a platter immediately.”
26 UDB जब उसने यह सुना जो उसने माँगा, तो राजा बहुत परेशान हो गया, क्योंकि वह जानता था कि यूहन्ना एक बहुत ही धर्मी व्यक्ति था। लेकिन वह उसके अनुरोध इन्कार भी नहीं कर सकता था क्योंकि उसने वचन दे दिया था कि वह उससे कुछ भी माँग सकती है और उसके मेहमानों ने सुना था कि उसने क्या वचन दिया है। BSB BSB: The king was consumed with sorrow, but because of his oaths and his guests, he did not want to refuse her.
27 UDB इसलिए राजा ने तुरंत किसी को यूहन्ना का सिर काटकर लाने का आदेश दिया और उसे लड़की के पास लेकर आए। उस व्यक्ति ने बन्दीगृह में जाकर और यूहन्ना का सिर काट दिया। BSB BSB: So without delay, the king commanded that John’s head be brought in. He sent an executioner, who went and beheaded him in the prison.
28 UDB और एक थाली में रख कर ले आया और लड़की को दे दिया। लड़की उसे अपनी माँ के पास ले गई। BSB BSB: The man brought John’s head on a platter and presented it to the girl, who gave it to her mother.
29 UDB जब यूहन्ना के शिष्यों ने यह सुना कि क्या हुआ, तो उन्होंने बन्दीगृह में जाकर यूहन्ना का शरीर लिया; तब उन्होंने उसे दफ़न कर दिया। BSB BSB: When John’s disciples heard about this, they came and took his body and placed it in a tomb.
30 UDB बारह प्रेरित उन जगहों से यीशु के पास लौटे जहाँ से वे चले गए थे। उन्होंने उनको यह बताया कि उन्होंने क्या किया और लोगों को क्या क्या सिखाया। BSB BSB: Meanwhile, the apostles gathered around Jesus and brought Him news of all they had done and taught.
31 UDB उन्होंने उनसे कहा, "मेरे साथ एक ऐसी जगह पर आओ, जहाँ कोई भी नहीं रहता है, कि हम अकेले रह सकें और थोड़ी देर आराम कर सकें।" उन्होंने यह कहा क्योंकि कई लोग लगातार उनके पास आ और जा रहे थे, जिसके परिणामस्वरूप यीशु और उनके शिष्यों को खाने या कुछ भी करने का समय नहीं मिला। BSB BSB: And He said to them, “Come with Me privately to a solitary place, and let us rest for a while.” For many people were coming and going, and they did not even have time to eat.
32 UDB इसलिए वे एक नाव में एक जगह पर चले गए, जहाँ कोई भी नहीं रहता था। BSB BSB: So they went away in a boat by themselves to a solitary place.
33 UDB परन्तु बहुत से लोगों ने उन्हें जाते हुए देखा था। उन्होंने यह भी देखा कि वे यीशु और उनके शिष्य थे, और उन्होंने देखा कि वे कहाँ जा रहे थे। इसलिए वे सभी पास के नगरों से उस जगह की ओर आगे बढ़े, जहाँ यीशु और उनके शिष्य जा रहे थे। वे वास्तव में यीशु और शिष्यों से पहले वहाँ पहुँच गए। BSB BSB: But many people saw them leaving and recognized them. They ran together on foot from all the towns and arrived before them.
34 UDB जब यीशु और उनके शिष्य नाव से उतरे, तो यीशु ने इस बड़ी भीड़ को देखा। यीशु को उन पर दया आई, क्योंकि वे परेशान थे, ऐसी भेड़ों के समान जिनके पास चरवाहा नहीं था। इसलिए यीशु ने उन्हें बहुत सी बातें सिखाईं। BSB BSB: When Jesus stepped ashore and saw a large crowd, He had compassion on them, because they were like sheep without a shepherd. And He began to teach them many things.
35 UDB देर दोपहर बाद शिष्यों ने उनके पास आकर कहा, "यह एक ऐसी जगह है जहाँ कोई नहीं रहता है, और बहुत देर हो चुकी है। BSB BSB: By now the hour was already late. So the disciples came to Jesus and said, “This is a desolate place, and the hour is already late.
36 UDB इसलिए लोगों को विदा करें कि वे आसपास के स्थानों में जा सकें, जहाँ लोग रहते हैं और गाँवों में वे कुछ खरीद कर खा सकें!" BSB BSB: Dismiss the crowd so they can go to the surrounding countryside and villages and buy themselves something to eat.”
37 UDB "परन्तु यीशु ने उनसे कहा," नहीं, तुम उन्हें खाने के लिए कुछ दो!" उन्होंने उत्तर दिया, "हम इस भीड़ को खिलाने के लिए पर्याप्त रोटी नहीं खरीद सकते हैं, चाहे हमारे पास 200 दिनों के काम से कमाया गया पैसा हो। BSB BSB: But Jesus told them, “You give them something to eat.” They asked Him, “Should we go out and spend two hundred denarii to give all of them bread to eat?”
38 UDB यीशु ने उनसे कहा, "तुम्हारे पास कितनी रोटियाँ हैं? जाओ और पता करो!" वे गए और पता किया, और फिर उन्होंने उनसे कहा, "हमारे पास केवल पाँच रोटियाँ और दो मछलियाँ हैं!" BSB BSB: “Go and see how many loaves you have,” He told them. And after checking, they said, “Five—and two fish.”
39 UDB उन्होंने शिष्यों को निर्देश दिया कि वे सभी लोगों को हरी घास पर बैठने के लिए कहें। BSB BSB: Then Jesus directed them to have the people sit in groups on the green grass.
40 UDB इसलिए लोग समूह में बैठ गए। कुछ समूहों में पचास लोग और दूसरे समूह में एक सौ लोग थे। BSB BSB: So they sat down in groups of hundreds and fifties.
41 UDB यीशु ने पाँच रोटियों और दो मछलियों को लिया और स्वर्ग की ओर देखा और उनके लिए परमेश्वर का धन्यवाद किया। फिर उन्होंने रोटियों और मछलियों को टुकड़ों में तोड़ दिया और उन्हें शिष्यों को दे दिया कि वे उन्हें लोगों में बाँटें। BSB BSB: Taking the five loaves and the two fish and looking up to heaven, Jesus spoke a blessing and broke the loaves. Then He gave them to His disciples to set before the people. And He divided the two fish among them all.
42 UDB लोगों ने तब तक खाया, जब तक कि उनका पेट नहीं भरा! BSB BSB: They all ate and were satisfied,
43 UDB फिर शिष्यों ने रोटी के टुकड़े और मछलियों से बारह टोकरियाँ भरकर उठाईं। BSB BSB: and the disciples picked up twelve basketfuls of broken pieces of bread and fish.
44 UDB वे पाँच हजार पुरुष थे जिन्होंने मछलियाँ और रोटियाँ खाईं। उन्होंने महिलाओं और बच्चों की गिनती नहीं की थी। BSB BSB: And there were five thousand men who had eaten the loaves.
46 UDB लोगों को विदा करने के बाद, वह प्रार्थना करने के लिए पहाड़ों पर चले गए। BSB BSB: After bidding them farewell, He went up on the mountain to pray.
47 UDB जब शाम हुई, तो शिष्यों की नाव झील के बीच में थी, और यीशु स्वयं भूमि पर थे। BSB BSB: When evening came, the boat was in the middle of the sea, and Jesus was alone on land.
48 UDB उन्होंने देखा कि हवा उनके विरुद्ध चल रही है क्योंकि वे नाव में थे। जिसके कारण, वे बड़ी कठिनाई में थे। वह सुबह जल्दी जब अँधेरा ही था उनके पास पानी पर चलकर पहुँचे, उनकी इच्छा शिष्यों से पहले पहुँचने की थी। BSB BSB: He could see that the disciples were straining to row, because the wind was against them. About the fourth watch of the night, Jesus went out to them, walking on the sea. He intended to pass by them,
49 UDB उन्होंने यीशु को पानी पर चलते देखा, तो सोचा कि वह भूत है। वे चिल्लाए BSB BSB: but when they saw Him walking on the sea, they cried out, thinking He was a ghost—
50 UDB क्योंकि वे उन्हें देखकर डर गए थे। परन्तु उन्होंने उनसे कहा, "शांत हो जाओ, डरो मत, क्योंकि यह मैं हूँ!" BSB BSB: for they all saw Him and were terrified. But Jesus spoke up at once: “Take courage! It is I. Do not be afraid.”
51 UDB वह नाव में गए और उनके साथ बैठ गए और हवा का बहना बंद हो गया। जो उन्होंने किया उससे वे बहुत आश्चर्यचकित थे। BSB BSB: Then He climbed into the boat with them, and the wind died down. And the disciples were utterly astounded,
52 UDB जबकि उन्होंने देखा था कि यीशु ने पाँच रोटी और दो मछली को बढ़ा दिया था, उन्हें समझ नहीं आया कि वह कितने सामर्थी थे, जैसा कि उन्हें होना चाहिए था। BSB BSB: for they had not understood about the loaves, but their hearts had been hardened.
53 UDB जब वे एक नाव में गलील सागर की ओर से थोड़ा दूर चले तो वे गन्नेसरत के तट पर आए। फिर उन्होंने वहाँ नाव को बाँध दिया। BSB BSB: When they had crossed over, they landed at Gennesaret and moored the boat.
54 UDB जब वे नाव से बाहर निकल आए, तो वहाँ के लोग यीशु को पहचानते थे। BSB BSB: As soon as they got out of the boat, the people recognized Jesus
55 UDB उन्होंने पूरे क्षेत्र में भागकर दूसरों को बताया कि यीशु वहाँ हैं। तब लोगों ने उन लोगों को खाटों पर रखा जो बीमार थे और वे उन्हें उस हर एक स्थान में ले गए जहाँ उन्होंने लोगों को यह कहते सुना कि यीशु थे। BSB BSB: and ran through that whole region, carrying the sick on mats to wherever they heard He was.
56 UDB जिस भी गाँव, शहर या स्थान जहाँ वह गए, वहाँ जो भी बीमार थे, लोग उनको बाजारों में लेकर आए। तब बीमार लोगों ने यीशु से विनती की कि वह उन्हें उनको या उनके कपड़े के किनारे को छूने दे जिससे कि यीशु उन्हें ठीक कर सकें। वे सब जिसने उन्हें या उसके वस्त्र को छुआ वे ठीक हो गए। BSB BSB: And wherever He went—villages and towns and countrysides—they laid the sick in the marketplaces and begged Him just to let them touch the fringe of His cloak. And all who touched Him were healed.