2 UDB नहीं, परमेश्वर ने अपने लोगों का तिरस्कार नहीं किया है, जिन्हें उन्होंने बहुत समय पहले अपनी प्रजा होने के लिए चुना, जिन्हें वह विशेष रूप से आशीषित करते हैं। याद रखें कि एलिय्याह ने गलती से इस्राएल के लोगों के विषय में परमेश्वर से शिकायत की, जैसे धर्मशास्त्र में कहा गया है: BSB BSB: God did not reject His people, whom He foreknew. Do you not know what the Scripture says about Elijah, how he appealed to God against Israel:
3 UDB "हे प्रभु, उन्होंने आपके सारे भविष्यद्वक्ताओं को मार डाला है, और उन्होंने आपकी वेदियों को नष्ट कर दिया है। केवल मैं ही एक हूँ जो आप पर विश्वास करता हूँ और जीवित हूँ, और अब वे मुझे भी मारने का प्रयास कर रहे हैं!" BSB BSB: “Lord, they have killed Your prophets and torn down Your altars. I am the only one left, and they are seeking my life as well”?
4 UDB परमेश्वर ने उसे इस प्रकार उत्तर दिया: "तू अकेला नहीं है जो मेरे प्रति विश्वासयोग्य है, मैंने इस्राएल के सात हजार पुरूषों को अपने लिए रखा है, वे लोग जिन्होंने झूठे देवता बाल की उपासना नहीं की है।" BSB BSB: And what was the divine reply to him? “I have reserved for Myself seven thousand men who have not bowed the knee to Baal.”
5 UDB उसी प्रकार, इस समय भी हम यहूदियों का एक बचा हुआ समूह है, जो विश्वासी बन गया है। परमेश्वर ने हमें विश्वासी होने के लिए चुना है केवल इसलिए क्योंकि वह हम पर दया करते हैं, जिसके हम योग्य नहीं हैं। BSB BSB: In the same way, at the present time there is a remnant chosen by grace.
6 UDB क्योंकि यह केवल इसलिए है कि वह उन लोगों पर दया करते हैं जिन्हें वह चुनते हैं, तो यह इस कारण नहीं है कि उन्होंने अच्छे काम किए हैं, परन्तु इसलिए की उन्होंने उन्हें चुना है। यदि परमेश्वर लोगों को इसलिए चुनते क्योंकि उन्होंने अच्छे काम किए थे, तो उन्हें उन पर दया करने की आवश्यक्ता नहीं होती। BSB BSB: And if it is by grace, then it is no longer by works. Otherwise, grace would no longer be grace.
7 UDB क्योंकि परमेश्वर ने इस्राएल के केवल कुछ लोगों को चुना है, इससे हमें यह पता चलता है कि अधिकांश यहूदी जिसकी खोज कर रहे थे उन्हें पाने में वे विफल रहे- (यद्यपि जिन यहूदियों को परमेश्वर ने चुना था, उन्हें वह मिले)। BSB BSB: What then? What Israel was seeking, it failed to obtain, but the elect did. The others were hardened,
8 UDB अधिकांश यहूदी यह समझने के इच्छुक नहीं थे कि परमेश्वर उनसे क्या कह रहे हैं। यशायाह ने इसी के विषय में लिखा था: "परमेश्वर ने उन्हें हठीला कर दिया। उन्हें मसीह के विषय में सच्चाई समझने में सक्षम होना चाहिए था, परन्तु वे समझ नहीं सकते हैं। जब परमेश्वर कहते हैं, तब उन्हें उनकी आज्ञा माननी चाहिए, परन्तु वे नहीं करते। यह आज के दिन तक ऐसा ही है।" BSB BSB: as it is written: “God gave them a spirit of stupor, eyes that could not see, and ears that could not hear, to this very day.”
9 UDB यहूदी लोग मुझे राजा दाऊद की बात याद दिलाते है, जब उसने परमेश्वर से कहा कि उसके शत्रुओं की इंद्रियाँ सुस्त हो जाएँ: "उन्हें मूर्ख बना दे, ऐसे पशुओं के समान जो जाल या फंदे में पड़ते हैं! उन्हें सुरक्षा का ऐसा आभास हो जैसे वे अपने भोजों में सुरक्षित रहते हैं, परन्तु उन पर्वों को ऐसे समय बना दें जब आप उन्हें पकड़ लेंगे, और वे पाप करेंगे, जिसके परिणामस्वरूप आप उन्हें नष्ट कर देंगे। BSB BSB: And David says: “May their table become a snare and a trap, a stumbling block and a retribution to them.
10 UDB वे खतरे को न देख सकें जब वह उनके ऊपर आए। आप उनकी परेशानियों के कारण उन्हें सदा कष्ट सहने दें।" BSB BSB: May their eyes be darkened so they cannot see, and their backs be bent forever.”
11 UDB यदि मैं पूछूँ, "जब यहूदियों ने मसीह पर विश्वास नहीं करके पाप किया, तो क्या इसका मतलब यह था कि वे सदा के लिए परमेश्वर से अलग हो गए?" मैं उत्तर दूँगा, "नहीं, वे निश्चित रूप से परमेश्वर से सदा के लिए अलग नहीं हुए हैं! इसकी अपेक्षा, कि उन्होंने पाप किया, परमेश्वर गैर-यहूदियों को बचा रहे हैं जिससे की यहूदियों को गैर-यहूदियों की आशीषों के कारण उनसे ईर्ष्या हो, और यहूदी भी मसीह को उन्हें बचाने के लिए कहें।" BSB BSB: I ask then, did they stumble so as to fall beyond recovery? Certainly not! However, because of their trespass, salvation has come to the Gentiles to make Israel jealous.
12 UDB जब यहूदियों ने मसीह का तिरस्कार किया, तो परिणाम यह हुआ कि परमेश्वर ने पृथ्वी के अन्य लोगों को विश्वास करने का अवसर देकर उन्हें भरपूर आशीर्वाद दिया। और जब यहूदी आत्मिक रूप से असफल हो गए, तो परिणाम यह हुआ कि परमेश्वर ने गैर-यहूदियों को बहुतायत से आशीर्वाद दिया। क्योंकि यह सच है, तो यह सोचो कि यह कैसा अद्भुत होगा जब परमेश्वर की चुनी हुई यहूदियों की पूरी संख्या मसीह पर विश्वास करेगी! BSB BSB: But if their trespass means riches for the world, and their failure means riches for the Gentiles, how much greater riches will their fullness bring!
13 UDB अब मैं तुम गैर-यहूदियों से कह रहा हूँ कि इस के आगे क्या होगा। मैं तुम्हारे समान अन्य गैर-यहूदियों के लिए प्रेरित हूँ, और मैं इस काम को बहुत महत्व देता हूँ जिसे परमेश्वर ने मुझे करने के लिए नियुक्त किया है। BSB BSB: I am speaking to you Gentiles. Inasmuch as I am the apostle to the Gentiles, I magnify my ministry
14 UDB परन्तु मैं यह भी आशा करता हूँ कि मेरे इस परिश्रम के द्वारा मैं अपने साथी यहूदियों को ईर्ष्या दिलाऊ, जिसके परिणामस्वरूप उनमें से कुछ विश्वास करें और इस प्रकार बचाए जाएँ। BSB BSB: in the hope that I may provoke my own people to jealousy and save some of them.
15 UDB परमेश्वर ने मेरे साथी यहूदियों में से अधिकांश का तिरस्कार कर दिया क्योंकि उन्होंने विश्वास नहीं किया, जिसका परिणाम यह हुआ की परमेश्वर ने अपने और पृथ्वी के अन्य लोगों के बीच शान्ति बनाईं। तो यदि अधिकांश यहूदियों द्वारा मसीह का तिरस्कार करने के बाद यह हुआ, तो उन उत्तम बातों के विषय में सोचो जो यहूदियों के विश्वास करने के बाद होंगी। यह ऐसा होगा जैसे की वे मरे हुओं में से जी उठे हैं! BSB BSB: For if their rejection is the reconciliation of the world, what will their acceptance be but life from the dead?
16 UDB जैसे आटा पूरी प्रकार से परमेश्वर का होता है, जब लोग उसके पहले भाग से पकाई गई रोटी परमेश्वर के पास लाते हैं, उसी प्रकार सब यहूदी परमेश्वर के होंगे क्योंकि उनके पूर्वज परमेश्वर के थे। और जैसे एक पेड़ की शाखाएं परमेश्वर की होती हैं यदि जड़ परमेश्वर की होती है, और क्योंकि हमारे महान यहूदी पूर्वज, परमेश्वर के थे इसलिए उनके वंशज भी किसी दिन परमेश्वर के होंगे। BSB BSB: If the first part of the dough is holy, so is the whole batch; if the root is holy, so are the branches.
17 UDB परमेश्वर ने अनेक यहूदियों का तिरस्कार कर दिया, जैसे लोग पेड़ की सूखी शाखाओं को तोड़ देते हैं। और तुम में से प्रत्येक गैर-यहूदी जिसे परमेश्वर ने स्वीकार कर लिया है वह एक जंगली जैतून के पेड़ की शाखा के समान है जो एक अच्छे जैतून के पेड़ के तने में जोड़ा गया है। परमेश्वर ने तुमको हमारे पहले यहूदी पूर्वजों के साथ आशीष देकर तुम्हें लाभ पहुँचाया है, जैसे शाखाएँ जैतून के वृक्ष की जड़ से भोजन का लाभ लेती हैं। BSB BSB: Now if some branches have been broken off, and you, a wild olive shoot, have been grafted in among the others to share in the nourishment of the olive root,
18 UDB परन्तु तुम गैर-यहूदियों के लिए यहूदियों को तुच्छ जानना उचित नहीं जिन्हें परमेश्वर ने अस्वीकार कर दिया था, भले ही वे उन शाखाओं के समान हों, जो किसी पेड़ से तोड़े गए हों! यदि तुम इस बात पर घमण्ड करना चाहते हो कि परमेश्वर ने तुमको कैसे बचाया है, तो यह याद रखो: शाखाएँ जड़ को नहीं खिलाती, इसकी अपेक्षा, जड़ शाखाओं को खिलाती है। इसी प्रकार, तुमने यहूदियों से जो कुछ प्राप्त किया है, उसके कारण परमेश्वर ने तुम्हारी सहायता की है! परन्तु तुमने यहूदियों को कुछ नहीं दिया है जो उनकी सहायता कर सके। BSB BSB: do not boast over those branches. If you do, remember this: You do not support the root, but the root supports you.
19 UDB हो सकता है कि तुम मुझसे यह कहो, "परमेश्वर ने यहूदियों को अस्वीकार कर दिया जैसे लोग पेड़ से बुरी शाखाओं को तोड़ देते और उन्हें फेंक देते है, और उन्होंने ऐसा इसलिए किया कि वह हम गैर-यहूदियों को स्वीकार कर सकें, जैसे लोग जंगली जैतून के पेड़ की शाखाओं को एक अच्छे पेड़ के तने के साथ जोड़ देते हैं।" BSB BSB: You will say then, “Branches were broken off so that I could be grafted in.”
20 UDB मैं उत्तर दूँगा कि यह सच है। क्योंकि यहूदियों ने मसीह में विश्वास नहीं किया, इसलिए परमेश्वर ने उन्हें अस्वीकार कर दिया। क्योंकि तुम मसीह पर विश्वास करते हो केवल इसी के कारण तुम दृढ खड़े हो! तो गर्व न करो, परन्तु भय से भरे रहो! BSB BSB: That is correct: They were broken off because of unbelief, but you stand by faith. Do not be arrogant, but be afraid.
21 UDB क्योंकि परमेश्वर ने उन अविश्वासी यहूदियों को नहीं छोड़ा, जो वृक्ष की प्राकृतिक शाखाओं के समान जड़ से उगकर बड़े हुए थे, तो जान लो, अगर तुम विश्वास नहीं करते, तो वह तुम्हें भी नहीं छोड़ेंगे! BSB BSB: For if God did not spare the natural branches, He will certainly not spare you either.
22 UDB ध्यान दो, कि परमेश्वर दया भाव से कार्य करते हैं, परन्तु वह कठोरता का व्यवहार भी करते हैं। उन्होंने मसीह में विश्वास नहीं करने वाले यहूदियों के प्रति कठोरता का व्यवहार किया। परमेश्वर ने तुम्हारे साथ प्रेमपूर्ण व्यवहार किया है, परन्तु यदि तुम मसीह पर भरोसा नहीं रखते हो, तो वह तुम्हारे साथ भी कठोरता का व्यवहार करेंगे। BSB BSB: Take notice, therefore, of the kindness and severity of God: severity to those who fell, but kindness to you, if you continue in His kindness. Otherwise you also will be cut off.
23 UDB और यदि यहूदी मसीह में विश्वास करेंगे, तो परमेश्वर उन्हें फिर से पेड़ से जोड़ देंगे, क्योंकि परमेश्वर ऐसा करने में सक्षम हैं। BSB BSB: And if they do not persist in unbelief, they will be grafted in, for God is able to graft them in again.
24 UDB तुम गैर-यहूदी जो पहले परमेश्वर से अलग थे, यहूदियों को दी गई परमेश्वर की आशीषों का लाभ उठा रहे हो। यह ऐसा है, जैसे शाखाओं को एक जंगली जैतून के पेड़ से काट दिया हो- एक पेड़ जिसे किसी ने नहीं लगाया पर स्वयं बढ़ा- और आम तौर पर लोग जैसा करते हैं उसके विपरीत, उन्हें एक जैतून के वृक्ष के साथ साटा। तो परमेश्वर कितनी अधिक सरलता से यहूदियों को वापस ग्रहण करेंगे क्योंकि वे पहले उनके ही थे! यह मूल शाखाओं को जिन्हें किसी ने काट दिया था, वापस जैतून के पेड़ में लगाए जाने जैसा होगा, जिसकी वे पहले से थी! BSB BSB: For if you were cut from a wild olive tree, and contrary to nature were grafted into one that is cultivated, how much more readily will these, the natural branches, be grafted into their own olive tree!
26 UDB और तब परमेश्वर सब इस्राएलियों को बचाएँगे। फिर धर्मशास्त्र का ये शब्द सत्य हो जाएगा: "जो अपने लोगों को मुक्त करते हैं, वह वहाँ से आएंगे, जहाँ से परमेश्वर यहूदियों के बीच हैं। वह इस्राएलियों के पापों को क्षमा करेंगे।" BSB BSB: And so all Israel will be saved, as it is written: “The Deliverer will come from Zion; He will remove godlessness from Jacob.
27 UDB और जैसा कि परमेश्वर कहते हैं, "जो वाचा मैं उनके साथ बाँधूँगा, उसके द्वारा मैं उनके पापों को क्षमा करूँगा।" BSB BSB: And this is My covenant with them when I take away their sins.”
29 UDB वह अब भी उनसे प्रेम करते हैं, क्योंकि उन्होंने उन्हें देने की जो प्रतिज्ञा की थी और उन्होंने उन्हें अपनी प्रजा बुलाया था, उससे वे नहीं बदलते हैं। BSB BSB: For God’s gifts and His call are irrevocable.
30 UDB तुम गैर-यहूदियों ने परमेश्वर की आज्ञा नहीं मानी थी, परन्तु अब उन्होंने तुम्हारे प्रति दया का व्यवहार किया है, क्योंकि यहूदियों ने उनकी आज्ञा नहीं मानी। BSB BSB: Just as you who formerly disobeyed God have now received mercy through their disobedience,
31 UDB इसी प्रकार, अब यहूदियों ने परमेश्वर की आज्ञा नहीं मानी है, इसका परिणाम यह है कि जिस प्रकार उन्होंने तुम्हारे प्रति दया का व्यवहार किया, उसी प्रकार वह उनके प्रति भी फिर से दया का व्यवहार करेंगे। BSB BSB: so they too have now disobeyed, in order that they too may now receive mercy through the mercy shown to you.
32 UDB परमेश्वर ने घोषणा की और सिद्ध कर दिया है कि सब लोगों ने, यहूदियों और गैर-यहूदियों दोनों ने उनकी आज्ञा नहीं मानी है। उन्होंने यह घोषित किया है क्योंकि वह हम पर दया करना चाहते हैं। BSB BSB: For God has consigned everyone to disobedience so that He may have mercy on everyone.
34 UDB मुझे याद है कि धर्मशास्त्र में लिखा है, "किसी ने कभी नहीं जाना कि परमेश्वर क्या सोचते हैं। कोई भी कभी उन्हें परामर्श नहीं दे पाया।" BSB BSB: “Who has known the mind of the Lord? Or who has been His counselor?”
35 UDB और, "किसी ने भी परमेश्वर को कुछ नहीं दिया है जिसके लिए परमेश्वर उसे प्रतिफल दें।" BSB BSB: “Who has first given to God, that God should repay him?”
36 UDB परमेश्वर ही ने सब वस्तुओं को बनाया है। वही सब वस्तुओं को संभालते हैं। उन्होंने उन्हें इसलिए बनाया था, कि वे उनकी प्रशंसा कर सकें। सब लोग सदा के लिए उनका सम्मान करें! ऐसा ही हो! BSB BSB: For from Him and through Him and to Him are all things. To Him be the glory forever! Amen.
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