1 HGST इसलिए फिर,{ हे संगी विश्वासियों} जिनसे मैं प्रेम रखता हूँ, क्योंकि परमेश्वर ने हमसे इन बातों की प्रतिज्ञा की है, इसलिए हमें हर उस वस्तु से छुटकारा पा लेना चाहिए जो हमें बाहर से और भीतर से अशुद्ध करती है। जब हम परमेश्वर का भय मानते हैं तो हमें पूर्ण रीति से पवित्र होना चाहिए। BSB BSB: Therefore, beloved, since we have these promises, let us cleanse ourselves from everything that defiles body and spirit, perfecting holiness in the fear of God.
2 HGST { हम तुमसे} हमारी चिंता करने के लिए{ विनती करते हैं}! हमने किसी को भी चोट नहीं पहुँचाई, किसी को धोखा नहीं दिया, या किसी को नष्ट नहीं किया। BSB BSB: Make room for us in your hearts. We have wronged no one, we have corrupted no one, we have exploited no one.
3 HGST मैं ये बातें तुम पर दोष लगाने के लिए नहीं कह रहा हूँ। वास्तव में, जैसा मैंने पहले ही{ इस पत्री में} लिख दिया है कि चाहे कुछ भी हो जाए, हमें तुम्हारी बड़ी चिंता रहती है। BSB BSB: I do not say this to condemn you. I have said before that you so occupy our hearts that we live and die together with you.
4 HGST मैं बहुत आश्वस्त हूँ{ कि} तुम{ वही करोगे जो सही है}।{ वास्तव में,} मैं अक्सर तुम्हारे बारे में बड़ी- बड़ी बातें कहता हूँ। तुम मुझे बहुत प्रोत्साहित करते हो, और जब हम दुःख उठा रहे होते हैं तब भी मैं{ तुम्हारे विषय में} बहुत आनन्दित होता हूँ। BSB BSB: Great is my confidence in you; great is my pride in you; I am filled with encouragement; in all our troubles my joy overflows.
5 HGST अब{ मैंने कैसे यात्रा की} इस पर वापस लौटते हुए, जब हम मकिदुनिया पहुँचे, तो हमारे लिए सब बातें आसान नहीं थीं। बजाए इसके, हमने कई तरीकों से कष्ट सहा। दूसरे लोगों ने हमसे झगड़ा किया, और हम अक्सर डरे हुए थे। BSB BSB: For when we arrived in Macedonia, our bodies had no rest, but we were pressed from every direction—conflicts on the outside, fears within.
6 HGST हालाँकि, परमेश्वर निराश महसूस करने वाले लोगों को प्रोत्साहित करता है। उसने तीतुस को{ हम} में शामिल करने के द्वारा हमें प्रोत्साहित किया। BSB BSB: But God, who comforts the downcast, comforted us by the arrival of Titus,
7 HGST तीतुस के{ हम} में शामिल होने के द्वारा आंशिक रूप से{ परमेश्वर ने हमें प्रोत्साहित किया}, परन्तु इससे भी अधिक तुमने जो किया उसने तीतुस को प्रोत्साहित किया। उसने हमें बताया कि तुम{ मुझसे मिलना} चाहते हो, क्योंकि{ जो तुमने किया था उसका} तुम्हें खेद है, और यह कि तुम मेरा सम्मान करने के प्रयास में हो। उन बातों के कारण, मैं{ पहले से भी अधिक} आनन्दित हुआ हूँ। BSB BSB: and not only by his arrival, but also by the comfort he had received from you. He told us about your longing, your mourning, and your zeal for me, so that I rejoiced all the more.
8 HGST मुझे{ मेरी लिखी हुई पिछली पत्री का} खेद नहीं है, भले ही मैंने मेरी लिखी हुई बातों से तुम्हें चोट पहुँचाई। वास्तव में, वह एकमात्र कारण{ कि मैंने उस पत्री को लिखा} जिसके लिए मैं खेद प्रकट करूँ वह यह है कि मुझे मालूम है कि यद्यपि केवल थोड़ी देर के लिए ही सही, परन्तु उस पत्री ने तुम्हें चोट पहुँचाई है। BSB BSB: Even if I caused you sorrow by my letter, I do not regret it. Although I did regret it—for I see that my letter caused you sorrow, but only for a short time—
9 HGST हालाँकि, अब{ जो बातें तीतुस ने तुम्हारे विषय में हमें बताई उनसे} मैं बहुत प्रसन्न हूँ।{ मैं प्रसन्न इसलिए नहीं हूँ} क्योंकि मैंने तुम्हें चोट पहुँचाई। बल्कि,{ मैं प्रसन्न इसलिए हूँ} क्योंकि जब मैंने तुम्हें चोट पहुँचाई, तो{ जो तुमने किया था उसके लिए} तुम्हें खेद हुआ और तुमने{ उसे करना} बंद कर दिया। वास्तव में, तुमने उस रीति से आहत महसूस किया जिससे परमेश्वर का सम्मान होता है। इसलिए, हमने भी तुम्हें किसी भली वस्तु से वंचित नहीं किया। BSB BSB: yet now I rejoice, not because you were made sorrowful, but because your sorrow led you to repentance. For you felt the sorrow that God had intended, and so were not harmed in any way by us.
10 HGST { ऐसा इसलिए है} क्योंकि, जब लोग उस रीति से आहत महसूस करते हैं जिससे परमेश्वर का सम्मान होता है, तो{ उन्होंने जो किया था उसके लिए} यह उन्हें खेदित होने के लिए और{ उसे करना} बंद कर दने के लिए प्रेरित करता है। उन्हें खेद इसलिए नहीं होता{ कि उन्होंने आहत महसूस किया}, क्योंकि{ वे जैसा महसूस करते हैं परमेश्वर उसका उपयोग} उन्हें बचाने के लिए करता है। हालाँकि, जब लोग उस रीति से आहत महसूस करते हैं जैसा कि अधिकांश लोग करते हैं, तो{ जैसा उन्हें महसूस होता है} वही अंत में उनके मर जाने का कारण बनता है। BSB BSB: Godly sorrow brings repentance that leads to salvation without regret, but worldly sorrow brings death.
11 HGST जहाँ तक तुम्हारी बात है, जब तुमने इस रीति से आहत महसूस किया जिससे परमेश्वर का सम्मान होता है, तो निश्चय ही इसने तुम्हें{ सही काम करने के लिए} बहुत उत्सुक होने के लिए प्रेरित किया। तुमने तर्क दिया कि तुम दोषी नहीं थे।{ जो कुछ घटित हुआ था उसके विषय में} तुम परेशान थे।{ जो घटित हो सकता है} तुम उससे भयभीत थे। तुम{ हम से मिलना} चाहते थे। तुमने{ हमें} सम्मान देने के प्रयास में थे।{ जिस व्यक्ति ने गलत काम किया था उसे} तुमने दंडित किया।{ उन सब कामों} को करने के द्वारा, तुमने दिखा दिया कि जो घटित हुआ उसके उत्तर में तुमने सही काम किया है। BSB BSB: Consider what this godly sorrow has produced in you: what earnestness, what eagerness to clear yourselves, what indignation, what alarm, what longing, what zeal, what vindication! In every way you have proved yourselves to be innocent in this matter.
12 HGST इसलिए, जब मैंने तुम्हें[पिछली पत्री} भेजी, तो मैं मुख्य रूप से उस व्यक्ति से बात नहीं कर रहा था, जिसने गलत काम किया था। साथ ही, मैं मुख्य रूप से उस व्यक्ति से भी बात नहीं कर रहा था जिसे उसने चोट पहुँचाई थी। बजाए इसके, मेरी तुम्हें यह दिखाने की मंशा थी कि तुम हमारे प्रति{ उचित रीति से कार्य करने में} कितने उत्सुक हो और परमेश्वर{ इसे} मंजूरी देता है। BSB BSB: So even though I wrote to you, it was not on account of the one who did wrong or the one who was harmed, but rather that your earnestness on our behalf would be made clear to you in the sight of God.
13 HGST चूँकि इन तरीकों से उत्तर देकर तुमने हमें प्रोत्साहित किया है। वास्तव में, यद्यपि तुमने हमें प्रोत्साहित किया, परन्तु जैसे तुमने तीतुस को प्रसन्न किया, उसके विषय में हम उससे भी अधिक प्रसन्न हैं।{ तुमने ऐसा तब किया} जब तुम सबने उसे दिलासा देकर मजबूत किया। BSB BSB: On account of this, we are encouraged. In addition to our own encouragement, we were even more delighted by the joy of Titus. For his spirit has been refreshed by all of you.
14 HGST { हम इतने आनन्दित इसलिए हुए} क्योंकि जब मैंने तीतुस से तुम्हारे विषय में बड़ी- बड़ी बातें कहीं, तब तुमने मुझे लज्जित नहीं होने दिया। बजाए इसके, तीतुस ने पाया कि तुम्हारे बारे में हमने जो बड़ी- बड़ी बातें कही थीं, वे वास्तव में सच थीं।{ यह} ठीक वैसा ही है जैसे वह सब कुछ भी सच था जो हमने तुम्हें बताया था। BSB BSB: Indeed, I was not embarrassed by anything I had boasted to him about you. But just as everything we said to you was true, so our boasting to Titus has proved to be true as well.
15 HGST तीतुस को यह स्मरण आता है कि तुम सबने किस रीति से हमारी बात मानी, विशेष करके जब वह आया तो कैसे तुमने उसका भय माना।{ उस कारण से,} वह अब तुम्हारी और भी अधिक चिंता करता है। BSB BSB: And his affection for you is even greater when he remembers that you were all obedient as you welcomed him with fear and trembling.
16 HGST मैं प्रसन्न हूँ क्योंकि मुझे पूर्ण रूप से यह निश्चय है कि तुम{ वही कर रहे हो जो सही है}। BSB BSB: I rejoice that I can have complete confidence in you.
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