1 HGST { जो मैंने पहले कहा था उसी पर} वापस लौटते हुए, यह ऐसा है कि जैसे परमेश्वर ने तुम्हें फिर से जीवित इसलिए कर दिया{ क्योंकि उसने तुम्हें उसमें सम्मिलित कर दिया} जब उसने मसीह को फिर से जीवित कर दिया था।{ इस कारण से,} मैं चाहता हूँ कि जो वस्तुएँ स्वर्ग में है तुम उस पर ध्यान लगाए रहो, क्योंकि मसीह वहीं पर है। वह परमेश्वर पिता के बगल में सिंहासन पर बैठा हुआ है{ और सारी वस्तुओं पर शासन करता है}। BSB BSB: Therefore, since you have been raised with Christ, strive for the things above, where Christ is seated at the right hand of God.
2 HGST मैं चाहता हूँ कि तुम उस वस्तु की इच्छा करो जो स्वर्ग में{ परमेश्वर ने तुम्हारे लिए तैयार कर रखी है}, उस वस्तु की नहीं जो तुम पृथ्वी पर{ यहाँ प्राप्त कर सकते हो}। BSB BSB: Set your minds on things above, not on earthly things.
3 HGST { तुम्हें इस रीति से इसलिए सोचना चाहिए} क्योंकि यह ऐसा है कि जैसे तुम मर गए हो। तुम आत्मिक रूप से केवल इसलिए जीवित हो क्योंकि परमेश्वर ने अपने साथ घनिष्ठ सम्बन्ध में तुम्हें मसीह के साथ एकजुट कर दिया है, और{ इस समय पृथ्वी पर} इसे देखा नहीं जा सकता। BSB BSB: For you died, and your life is now hidden with Christ in God.
4 HGST तुम इसलिए जीवित हो क्योंकि परमेश्वर ने तुम्हें मसीह के साथ एकजुट कर दिया है।{ इसलिए,} जब{ वह पृथ्वी पर वापस लौटे और} हर एक जन उसे देखे, तो उस समय पर तुम उसके साथ होओगे। तब, हर एक जन देखने पाएगा कि तुम भी{ उसके समान} तेजस्वी प्राणी बन गए हो। BSB BSB: When Christ, who is your life, appears, then you also will appear with Him in glory.
5 HGST क्योंकि{ यही तुम्हारा भविष्य है}, इसलिए इस संसार में बुरे काम करने की इच्छाओं को शत्रु के समान समझो जिन्हें तुम्हें मारना ही है।{ तुम जिन बुरे कामों की इच्छा कर सकते हो उनमें सम्मिलित हैं} अनुचित यौन- सम्बन्ध बनाना, अशुद्ध कार्य करना, गलत भावनाओं का आनन्द लेना, बुरे कामों की इच्छा करना, और जो तुम्हारी आवश्यकता है उससे अधिक चाहना, जो किसी दूसरे ईश्वर की उपासना करने के समान है। BSB BSB: Put to death, therefore, the components of your earthly nature: sexual immorality, impurity, lust, evil desires, and greed, which is idolatry.
6 HGST क्योंकि लोगों में ये इच्छाएँ होती हैं, इसलिए परमेश्वर उन पर क्रोधित है और उन्हें दण्ड देगा। BSB BSB: Because of these, the wrath of God is coming on the sons of disobedience.
7 HGST उनकी ही तरह, तुम भी बुरे कामों को करने की इन इच्छाओं को रखते थे।{ वह उस समय था} जब तुम ने इन इच्छाओं को पूरा किया। BSB BSB: When you lived among them, you also used to walk in these ways.
8 HGST परन्तु अब{ जबकि तुम ने विश्वास किया है}, तुम्हें सब बुरे तरीकों से बर्ताव करना बन्द कर देना चाहिए।{ इन बुरे तरीकों में सम्मिलित हैं} क्रोधित तरीकों से कार्य करना, दूसरों पर क्रोधित होना, दूसरों को चोट पहुँचाने की इच्छा रखना, दूसरों के बारे में बुरा बोलना और शर्मनाक बातों को बोलना। BSB BSB: But now you must put aside all such things as these: anger, rage, malice, slander, and filthy language from your lips.
9 HGST तुम्हें एक दूसरे से झूठ नहीं बोलना चाहिए। तुम वह व्यक्ति नहीं हो जो तुम हुआ करते थे, एक ऐसा व्यक्ति जिसने सामान्य रूप से इन बुरे तरीकों से व्यवहार किया था। BSB BSB: Do not lie to one another, since you have taken off the old self with its practices,
10 HGST अब तुम एक नए व्यक्ति हो,{ ऐसा व्यक्ति} जिसमें परमेश्वर कार्य कर रहा है कि तुम्हें ऐसा बनाए कि तुम उसे और अधिक जानो।{ तुम अब ऐसे व्यक्ति हो} जो परमेश्वर के समान है, जिसने तुम्हें इस नए व्यक्ति में बदल दिया है। BSB BSB: and have put on the new self, which is being renewed in knowledge in the image of its Creator.
11 HGST चूँकि{ तुम बिलकुल नए लोग हो},{ यह महत्वपूर्ण नहीं है कि} चाहे कोई जन गैर- यहूदी है या यहूदी, या चाहे किसी का खतना हुआ हो या नहीं, या चाहे कोई विदेशी या असभ्य व्यक्ति है, या चाहे कोई दास है या नहीं। बजाए इसके, यह मसीह ही है जो सबसे महत्वपूर्ण है, और परमेश्वर ने उसे{ तुम} सभी के साथ एकजुट किया है। BSB BSB: Here there is no Greek or Jew, circumcised or uncircumcised, barbarian, Scythian, slave, or free, but Christ is all and is in all. 12 HGST परमेश्वर ने तुम्हें चुना है, उसने तुम्हें अपने लोगों के रूप में अलग किया है, और वह तुम से प्रेम करता है। इन बातों के कारण और क्योंकि{ तुम नए लोग हो}, तुम्हें हमेशा{ दूसरों के प्रति} उचित व्यवहार करना चाहिए।{ इसमें सम्मिलित है} उनकी परवाह करना, उनके प्रति दयालु होना, गर्व न करना, कठोर व्यवहार न करना और क्रोधित होने में लम्बा समय लेना। BSB BSB: Therefore, as the elect of God, holy and beloved, clothe yourselves with hearts of compassion, kindness, humility, gentleness, and patience.
13 HGST तुम्हें आसानी से एक दूसरे से चिढ़ना नहीं चाहिए। जब तुम अन्य लोगों पर उनके द्वारा किए गए कार्यों के लिए दोष लगाते हो, तो तुम्हें उनको क्षमा कर देना चाहिए। तुम्हें{ एक दूसरे को क्षमा करने के द्वारा} इसका अनुकरण करना चाहिए कि प्रभु ने तुम्हें कैसे क्षमा किया। BSB BSB: Bear with one another and forgive any complaint you may have against someone else. Forgive as the Lord forgave you.
14 HGST अन्त में, अब तक हर एक बात जो{ मैंने कही} उससे अधिक महत्वपूर्ण{ जो है}, वह यह है कि तुम एक दूसरे से प्रेम करो। ऐसा करने के द्वारा तुम स्वयं को साथ में एकजुट कर लोगे, जैसा परमेश्वर ने तुम्हें करने के लिए बुलाया है। BSB BSB: And over all these virtues put on love, which is the bond of perfect unity.
15 HGST तुम्हें उस शान्ति को स्थापित करना चाहिए जिसे मसीह ने तुम्हें ऐसे प्राथमिक कारक के रूप में तब दिया है जब तुम चुनाव करते हो कि क्या करना है।{ तुम्हें यह अवश्य ही करना चाहिए} क्योंकि परमेश्वर ने तुम्हें शान्ति के लिए चुना है जब वह तुम्हें एक साथ समीपता में जोड़ता है, इतनी समीपता में जैसे कि तुम एक व्यक्ति की देह थे। साथ ही, तुम्हें परमेश्वर का धन्यवाद भी करना चाहिए। BSB BSB: Let the peace of Christ rule in your hearts, for to this you were called as members of one body. And be thankful.
16 HGST जब तुम सोचते हो और कार्य करते हो, तो तुम्हें पूरी तरह से मसीह के बारे में सन्देश पर ध्यान देना चाहिए। तुम्हें एक दूसरे को पवित्रशास्त्र के गीतों, यीशु के बारे में गीतों और पवित्र आत्मा द्वारा तुम्हें दिए गए गीतों का उपयोग करके बहुत बुद्धिमानी से सिखाना और निर्देश देना चाहिए। तुम्हें धन्यवाद के साथ और ईमानदारी से परमेश्वर के लिए गाना चाहिए। BSB BSB: Let the word of Christ richly dwell within you as you teach and admonish one another with all wisdom, and as you sing psalms, hymns, and spiritual songs with gratitude in your hearts to God.
17 HGST जब भी तुम कुछ कहते या करते हो, तो हर स्थिति में{ तुम्हें उन लोगों के समान व्यवहार करना चाहिए}{ जो} प्रभु यीशु का प्रतिनिधित्व करते हैं। साथ ही, तुम्हें परमेश्वर का धन्यवाद करना चाहिए,{ जो हमारा} पिता है। केवल मसीह के{ कामों के} कारण{ तुम ऐसा कर सकते हो}। BSB BSB: And whatever you do, in word or deed, do it all in the name of the Lord Jesus, giving thanks to God the Father through Him.
18 HGST पत्नियों को अपने पतियों के साथ{ अपने परिवारों के} अगुवों के रूप में व्यवहार करना चाहिए, क्योंकि यह उनके लिए उपयुक्त व्यवहार है जिन्हें परमेश्वर ने प्रभु के साथ एकजुट किया है। BSB BSB: Wives, submit to your husbands, as is fitting in the Lord.
19 HGST पतियों को भी अपनी पत्नियों से प्रेम रखना चाहिए और उनके साथ कठोरता से व्यवहार नहीं करना चाहिए। BSB BSB: Husbands, love your wives and do not be harsh with them.
20 HGST बच्चों को हर परिस्थिति में अपने माता- पिता का आज्ञापालन करना चाहिए। यह परमेश्वर को प्रसन्न करता है और उनके लिए{ उपयुक्त है} जिन्हें परमेश्वर ने प्रभु के साथ एकजुट किया है। BSB BSB: Children, obey your parents in everything, for this is pleasing to the Lord.
21 HGST पिताओं को अपने बच्चों को क्रोधित नहीं करना चाहिए। अन्यथा, बच्चे हार मान जाना महसूस कर सकते हैं। BSB BSB: Fathers, do not provoke your children, so they will not become discouraged.
22 HGST दासों को उनका आज्ञापालन करना चाहिए जो इस संसार में हर परिस्थिति में उनके स्वामी हैं।{ उन्हें आज्ञापालन करना चाहिए} न केवल तब जब उनके स्वामी देख रहे हों, जो केवल मनुष्यों को प्रसन्न करना चाहते हैं वे इसी तरह से व्यवहार करते हैं। बजाए इसके,{ उन्हें अपने स्वामियों का आज्ञापालन इसलिए} ईमानदारी से करना चाहिए क्योंकि वे प्रभु के साथ श्रद्धापूर्वक व्यवहार करते हैं। BSB BSB: Slaves, obey your earthly masters in everything, not only to please them while they are watching, but with sincerity of heart and fear of the Lord.
23 HGST तुम्हें जो भी काम करना है उसे पूरी लगन से करो, जैसे कि केवल मानवीय स्वामियों के बजाए तुम प्रभु के लिए{ काम कर रहे हो}। BSB BSB: Whatever you do, work at it with your whole being, as for the Lord and not for men,
24 HGST { तुम्हें इस रीति से आज्ञापालन और सेवा इसलिए करनी है} क्योंकि तुम जानते हो कि तुम्हें वह देने के द्वारा प्रभु न्यायपूर्वक तुम्हें उसका भुगतान करेगा, जो उसने तुम्हारे लिए रखा हुआ है।{ स्मरण रखो कि} प्रभु मसीह उनका{ सच्चा स्वामी} है जिनके लिए तुम काम कर रहे हो। BSB BSB: because you know that you will receive an inheritance from the Lord as your reward. It is the Lord Christ you are serving.
25 HGST { तुम्हें स्मरण रखना चाहिए कि सच्चा स्वामी कौन है} क्योंकि जो कोई भी गलत करता है, उन गलत कामों के अनुपात में परमेश्वर उसे सजा देगा।{ ऐसा इसलिए है क्योंकि} परमेश्वर लोगों का आंकलन इस आधार पर नहीं करता कि वे कैसे दिखते हैं या वे कौन हैं, परन्तु इस पर कि उन्होंने क्या किया है। BSB BSB: Whoever does wrong will be repaid for his wrong, and there is no favoritism.
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