1 HGST उसी दिन, यीशु और उसके चेले उस घर से निकलकर जहाँ वह उपदेश दे रहा था, गलील की झील के किनारे गए। वहाँ वह बैठ गया। BSB BSB: That same day Jesus went out of the house and sat by the sea.
2 HGST वहाँ पहुँचने के बाद, एक बड़ी भीड़ उसके पास आई। अत: यीशु बैठने{ और शिक्षा देने} के लिए नाव पर चढ़ गया और सभी लोग{ उसकी बातें सुनने के लिए} किनारे पर खड़े हो गए। BSB BSB: Such large crowds gathered around Him that He got into a boat and sat down, while all the people stood on the shore.
3 HGST यीशु ने बहुत से दृष्टांतों का उपयोग करके उन्हें शिक्षा दी। उसने कहा,“जो मैं कहता हूँ उसे ध्यान से सुनो! एक मनुष्य बीज बोने के लिए अपने खेत में गया। BSB BSB: And He told them many things in parables, saying, “A farmer went out to sow his seed.
4 HGST जब वह मिट्टी पर बीज बिखेर रहा था, तो कुछ बीज मार्ग के किनारे गिर गए। फिर, कुछ पक्षियों ने आकर उन बीजों को खा लिया। BSB BSB: And as he was sowing, some seed fell along the path, and the birds came and devoured it.
5 HGST अन्य बीज भूमि पर ऐसी जगह गिरे, जहाँ चट्टानों के ऊपर बहुत अधिक मिट्टी नहीं थी। जल्दी ही सूरज ने उथली मिट्टी को गर्म कर दिया, अत: बीज बहुत जल्दी अंकुरित हो गए। BSB BSB: Some fell on rocky ground, where it did not have much soil. It sprang up quickly because the soil was shallow.
6 HGST परन्तु जब दिन बहुत गर्म हो गया तो पौधे झुलस गए, क्योंकि सूर्य आकाश में अपने सबसे चरम बिंदु पर था। फिर, चूँकि{ उथली मिट्टी के कारण} उनकी जड़ें गहरी नहीं थीं, इसलिए वे सूख गए। BSB BSB: But when the sun rose, the seedlings were scorched, and they withered because they had no root.
7 HGST अन्य बीज ऐसी भूमि पर गिरे जहाँ कंटीले जंगली पौधे थे। थीं। उन पौधों की तुलना में कंटीले जंगली पौधे बहुत तेजी से बढ़े, अत: उन्होंने पौधों को दबा दिया। BSB BSB: Other seed fell among thorns, which grew up and choked the seedlings.
8 HGST तब पर भी अन्य बीज अच्छी मिट्टी पर गिरे। इन पौधों ने बढ़कर बहुत सारा अनाज उत्पन्न किया। कुछ पौधों ने बोए गए बीजों से 100 गुना अधिक अनाज उत्पन्न किया। कुछ पौधों ने 60 गुना अधिक उत्पन्न किया। कुछ पौधों ने 30 गुना अधिक उत्पन्न किया। BSB BSB: Still other seed fell on good soil and produced a crop—a hundredfold, sixtyfold, or thirtyfold.
9 HGST जो कोई सुनने के लिए इच्छुक है, वह सुन ले जो मैं कहता हूँ।” BSB BSB: He who has ears, let him hear.”
10 HGST यीशु के द्वारा यह दृष्टान्त बताने के बाद, उसके चेलों ने उसके पास आकर उससे पूछा,“जब तू भीड़ से बातें करता है तो दृष्टान्तों का उपयोग क्यों करता है?” BSB BSB: Then the disciples came to Jesus and asked, “Why do You speak to the people in parables?”
11 HGST यीशु ने उत्तर दिया,“परमेश्वर तुम्हारे सामने वह बात प्रकट कर रहा है जो उसने इस बारे में पहले प्रकट नहीं की कि वह लोगों को अपने लोग कैसे बना रहा है कि स्वर्ग से उन पर शासन करे। परन्तु उसने इस भीड़ के लोगों के सामने यह बात प्रकट नहीं की। BSB BSB: He replied, “The knowledge of the mysteries of the kingdom of heaven has been given to you, but not to them.
12 HGST जो लोग उस बात को समझने में सक्षम हैं जो परमेश्वर ने उन पर प्रकट की है, परमेश्वर उन्हें और अधिक समझने में सक्षम करेगा। परन्तु जो लोग उस बात को समझने में सक्षम नहीं हैं जो मैं मेरे दृष्टांतों में कहता हूँ, परमेश्वर उनसे वह थोड़ा सा भी ले लेगा जिसे समझने में वे सक्षम हैं। BSB BSB: Whoever has will be given more, and he will have an abundance. Whoever does not have, even what he has will be taken away from him.
13 HGST इसी कारण, जब मैं लोगों से बात करता हूँ तो दृष्टांतों का उपयोग करता हूँ, क्योंकि यद्यपि वे मेरे द्वारा किए गए आश्चर्यकर्मों को देखते हैं, तौभी वे नहीं समझते कि इसका क्या अर्थ है, और यद्यपि वे मेरी शिक्षाओं को सुनते हैं, तौभी वे वास्तव में नहीं सीखते कि इसका क्या अर्थ है। BSB BSB: This is why I speak to them in parables: ‘Though seeing, they do not see; though hearing, they do not hear or understand.’
14 HGST जो ये लोग करते हैं वह पूर्णरूप से उसी बात को पूरा करता है जो परमेश्वर ने बहुत पहले यशायाह भविष्यद्वक्ता से बोली थी जब उसने कहा था:' जो मैं कहता हूँ तुम उसे सुनोगे, परन्तु तुम उसे समझोगे नहीं। उसी रीति से, जो मैं करता हूँ तुम उसे देखोगे, परन्तु तुम नहीं जान पाओगे कि इसका क्या अर्थ है।’ BSB BSB: In them the prophecy of Isaiah is fulfilled: ‘You will be ever hearing but never understanding; you will be ever seeing but never perceiving.
15 HGST परमेश्वर ने यशायाह से यह भी कहा था,‘ये लोग इन बातों को समझने में सक्षम नहीं हैं। भले ही उनके पास ऐसे कान हैं जो सुनने में सक्षम हैं, तौभी वे मेरे संदेश को नहीं समझते। भले ही मैंने उनके देखते- देखते बहुत से बड़े- बड़े कार्य किए, तौभी यह ऐसा है कि मानो वे अपनी आँखें बंद कर लेते हैं। क्योंकि वे उन बातों को नहीं समझते जो उन्होंने मुझे करते हुए देखा है। यदि उन्होंने ऐसा न किया होता, तो जो मैंने किया है वे उसे अपनी आँखों से देख पाने में और समझ पाने में सक्षम होते। इसी रीति से, वे मेरे संदेश को सुन पाने में और समझ पाने में सक्षम होते कि इसका क्या अर्थ है। जो मैंने किया है और जो मैंने कहा है, वे उसे समझ पाने में सक्षम होते, और उन्होंने अपने पापों का पश्चाताप कर लिया होता, और मैंने उनके पापों को क्षमा कर दिया होता।’ BSB BSB: For this people’s heart has grown callous; they hardly hear with their ears, and they have closed their eyes. Otherwise they might see with their eyes, hear with their ears, understand with their hearts, and turn, and I would heal them.’
16 HGST परन्तु तुम जो अपनी आँखों से देखते हो और अपने कानों से सुनते हो, उसे समझने में सक्षम करने के द्वारा परमेश्वर ने तुम्हें आशीष दी है। BSB BSB: But blessed are your eyes because they see, and your ears because they hear.
17 HGST क्योंकि जो मैं तुम से कहता हूँ वह सत्य है: बहुत से भविष्यद्वक्ताओं और धर्मी लोगों ने जो बहुत पहले रहते थे, यह देखने की इच्छा की थी, परन्तु वे इसे न देख पाए जो तुम मुझे करते हुए देखते हो। उन भविष्यद्वक्ताओं और धर्मी लोगों ने भी उन बातों को सुनने की इच्छा की थी जो तुम ने मुझे कहते हुए सुनी हैं, परन्तु वे इसे न सुन पाए जो तुम ने मुझे कहते हुए सुना है।” BSB BSB: For truly I tell you, many prophets and righteous men longed to see what you see but did not see it, and to hear what you hear but did not hear it.
18 HGST अब उस दृष्टान्त की व्याख्या करते हुए मुझे सुनो जो उस मनुष्य के बारे में है जिसने विभिन्न प्रकार की मिट्टी में बीज बोए। BSB BSB: Consider, then, the parable of the sower:
19 HGST कुछ लोग इस बारे में सन्देश सुनते हैं कि कैसे परमेश्वर लोगों को अपने लोग बनने के लिए प्रेरित कर रहा है, परन्तु वे इसे समझते नहीं। वे उस मार्ग के समान हैं जहाँ कुछ बीज गिरे थे। बीज खाने वाले पक्षी के समान, शैतान, अर्थात् दुष्ट, आकर इन लोगों को वह भुला देता है जो उन्होंने सुना है। BSB BSB: When anyone hears the message of the kingdom but does not understand it, the evil one comes and snatches away what was sown in his heart. This is the seed sown along the path.
20 HGST कुछ लोग परमेश्वर का सन्देश सुनकर तुरन्त ही इसे प्रसन्नतापूर्वक स्वीकार करते हैं। वे उन चट्टानी जगहों के समान हैं जहाँ कुछ बीज गिरे थे। BSB BSB: The seed sown on rocky ground is the one who hears the word and at once receives it with joy.
21 HGST परन्तु क्योंकि गहरी जड़ों की तरह यह उनके मनों में गहराई तक नहीं पहुँचता, इसलिए वे इस पर केवल थोड़े समय के लिए विश्वास करते हैं। जब दूसरे लोग उनके साथ बुरा व्यवहार करते हैं और उन्हें कष्ट देते हैं क्योंकि वे उन बातों पर विश्वास करते हैं जो मैंने उनसे कही हैं, तो वे आगे को उस पर विश्वास करना तुरन्त छोड़ देते हैं। BSB BSB: But since he has no root, he remains for only a season. When trouble or persecution comes because of the word, he quickly falls away.
22 HGST कुछ लोग परमेश्वर का संदेश सुनते तो हैं, परन्तु वे धनी होने की इच्छा रखते हैं, अत: धन और सम्पत्ति के साथ- साथ वे केवल उन्हीं बातों की चिन्ता करते हैं जो उन्हें जीवन बिताने के लिए चाहिए। ये बातें परमेश्वर के संदेश की उनकी समझ को ऐसे दबा देती हैं जैसे जंगली पौधे उनके बीच उगने वाले पौधे को दबा देते हैं। जिसके परिणामस्वरूप, वे उन कामों को नहीं कर पाते जो परमेश्वर को प्रसन्न करते हैं। BSB BSB: The seed sown among the thorns is the one who hears the word, but the worries of this life and the deceitfulness of wealth choke the word, and it becomes unfruitful.
23 HGST परन्तु कुछ लोग मेरा संदेश सुनकर उसे समझते हैं। वे ऐसे बहुत से काम करते हैं जो परमेश्वर को प्रसन्न करते हैं। इस रीति से वे उस बीज के समान हैं जो अच्छी मिट्टी पर गिरता है और तीस, साठ, या सौ दाने उत्पन्न करता है।” BSB BSB: But the seed sown on good soil is the one who hears the word and understands it. He indeed bears fruit and produces a crop—a hundredfold, sixtyfold, or thirtyfold.”
25 HGST जिस समय वह मनुष्य सो रहा था और खेत की रखवाली नहीं कर रहा था, तो किसी ऐसे व्यक्ति ने आकर जो उसे पसंद नहीं करता था, अच्छे बीजों के बीच में जंगली पौधे के बीज बिखेर दिए। फिर वह चला गया। BSB BSB: But while everyone was asleep, his enemy came and sowed weeds among the wheat, and slipped away.
26 HGST बीजों के अंकुरित होने और पौधों के बढ़ने के बाद, अनाज की बालें बनने लगीं। परन्तु जंगली पौधे भी बढ़कर उस मनुष्य को दिखाई देने लगे। BSB BSB: When the wheat sprouted and bore grain, then the weeds also appeared.
27 HGST अत: उस जमींदार के सेवकों ने आकर उससे कहा,' हे स्वामी, निश्चय ही तूने हमें अच्छे बीज दिए थे और वही हमने तेरे खेत में बोए हैं। अत: ये जंगली पौधे कहाँ से आए?’ BSB BSB: The owner’s servants came to him and said, ‘Sir, didn’t you sow good seed in your field? Where then did the weeds come from?’
28 HGST जमींदार ने उनसे कहा,‘मेरे बैरी ने यह किया है।’ तब उसके सेवकों ने उससे कहा,‘क्या तू चाहता है कि हम जंगली पौधे उखाड़ दें?’ BSB BSB: ‘An enemy did this,’ he replied. So the servants asked him, ‘Do you want us to go and pull them up?’
29 HGST उसने उनसे कहा,‘नहीं! ऐसा मत करो। क्योंकि हो सकता है कि तुम जंगली पौधे उखाड़ने के साथ- साथ कुछ गेहूँ भी उखाड़ दो। BSB BSB: ‘No,’ he said, ‘if you pull the weeds now, you might uproot the wheat with them.
30 HGST कटनी के समय तक गेहूँ और जंगली पौधों को साथ- साथ बढ़ने दो। उस समय, मैं काटने वालों से कहूँगा,‘पहले जंगली पौधों को बटोर लो और उन्हें जलाने के लिए गट्ठरों में बाँध लो। फिर गेहूँ को बटोरकर मेरे भण्डारगृह में रख दो।’” BSB BSB: Let both grow together until the harvest. At that time I will tell the harvesters: First collect the weeds and tie them in bundles to be burned; then gather the wheat into my barn.’”
31 HGST यीशु ने यह दृष्टान्त भी बताया:“जब परमेश्वर लोगों को अपने लोग बनाता है कि स्वर्ग से उन पर शासन करे, तो यह उसी के समान है जैसा उस समय होता है जब किसी मनुष्य के द्वारा अपने खेत में राई के बीज बोने के बाद वे बढ़ते हैं। BSB BSB: He put before them another parable: “The kingdom of heaven is like a mustard seed that a man took and planted in his field.
32 HGST क्योंकि राई का बीज किसी भी बीज से सबसे छोटा होने से आरम्भ करता है। परन्तु बढ़ने के बाद, यह एक ऐसा पेड़ बन जाता है जिस पर पक्षी निवास कर सकते हैं, यह वाटिका में लगाए जाने वाले किसी भी अन्य पौधे से कहीं अधिक बड़ा होता है। यह उसी रीति से है जब परमेश्वर लोगों को अपने लोग बनाता है कि स्वर्ग से उन पर शासन करे। यह थोड़े लोगों के साथ आरम्भ होता है, परन्तु अंत में, बहुत से लोग परमेश्वर के लोग बन जाते हैं जिन पर वह शासन करता है।” BSB BSB: Although it is the smallest of all seeds, yet it grows into the largest of garden plants and becomes a tree, so that the birds of the air come and nest in its branches.”
33 HGST यीशु ने यह दृष्टांत भी बताया:“जब परमेश्वर लोगों को अपने लोग बनाता है कि स्वर्ग से उन पर शासन करे, तो यह ऐसा है कि जैसे एक स्त्री ने 40 किलो रोटी के आटे में ख़मीर मिला दिया। इससे रोटी बड़ी हो गई। उसी रीति से, परमेश्वर का राज्य छोटे से आरम्भ होगा, परन्तु बहुत बड़ा हो जाएगा।” BSB BSB: He told them still another parable: “The kingdom of heaven is like leaven that a woman took and mixed into three measures of flour, until all of it was leavened.”
34 HGST जब यीशु ने भीड़ को ये शिक्षाएँ दीं, तो उसने उन्हें केवल दृष्टांतों का उपयोग करके शिक्षा दी। BSB BSB: Jesus spoke all these things to the crowds in parables. He did not tell them anything without using a parable.
35 HGST ऐसा करने के द्वारा, उसने उस बात को सत्य प्रमाणित किया जो परमेश्वर ने बहुत पहले एक भविष्यद्वक्ता को लिखने के लिए कही थी:“मैं दृष्टांतों में बात करूँगा; मैं उन बातों की शिक्षा देने के लिए दृष्टांत बताऊँगा जो मैंने संसार की सृष्टि करने के बाद से गुप्त रखी हैं।” BSB BSB: So was fulfilled what was spoken through the prophet: “I will open My mouth in parables; I will utter things hidden since the foundation of the world.”
36 HGST यीशु के भीड़ को विदा करने के बाद, वह घर में गया। तब चेलों ने उसके पास आकर कहा,“गेहूँ के खेत में उगने वाले जंगली पौधों वाला दृष्टांत हमें समझा दे।” BSB BSB: Then Jesus dismissed the crowds and went into the house. His disciples came to Him and said, “Explain to us the parable of the weeds in the field.”
37 HGST उसने उत्तर दिया,“इस कहानी में जो व्यक्ति अच्छा बीज बोता है, वह मुझ, मनुष्य के पुत्र को दर्शाता है। BSB BSB: He replied, “The One who sows the good seed is the Son of Man.
38 HGST खेत इस संसार को दर्शाता है, जहाँ लोग रहते हैं। जिन बीजों से भोजन उगता है, वे परमेश्वर के लोगों को दर्शाते हैं, जिन पर वह उनके पिता के रूप में शासन करता है। जंगली पौधे उन लोगों को दर्शाते हैं, जिनके पास पिता के रूप में शैतान है। BSB BSB: The field is the world, and the good seed represents the sons of the kingdom. The weeds are the sons of the evil one,
39 HGST जिस बैरी ने जंगली पौधे के बीज बोए, वह शैतान को दर्शाता है। जिस समय काटने वाले अनाज की कटनी करेंगे, वह उस समय को दर्शाता है जब यह संसार समाप्त हो जाएगा। काटने वाले लोग स्वर्गदूतों को दर्शाते हैं। BSB BSB: and the enemy who sows them is the devil. The harvest is the end of the age, and the harvesters are angels.
40 HGST इन जंगली पौधों को खेत से इकट्ठा करके जला दिया जाता है। यह इस बात को दर्शाता है कि उस समय{ बुरे लोगों के साथ} क्या होगा, जब परमेश्वर सभी लोगों का न्याय करेगा, और जब यह संसार समाप्त हो जाएगा। यह इस प्रकार होगा: BSB BSB: As the weeds are collected and burned in the fire, so will it be at the end of the age.
41 HGST मैं, मनुष्य का पुत्र, अपने स्वर्गदूतों को भेजूँगा, और वे उन सभी लोगों में से जिन पर मैं शासन करता हूँ, उन लोगों को इकट्ठा करेंगे जो दूसरों को पाप करने के लिए प्रेरित करते हैं और उन सभी लोगों को इकट्ठा करेंगे जो परमेश्वर की व्यवस्था का उल्लंघन करते हैं। BSB BSB: The Son of Man will send out His angels, and they will weed out of His kingdom every cause of sin and all who practice lawlessness.
42 HGST स्वर्गदूत उन लोगों को नरक की आग में फेंक देंगे, जो एक भट्टी के समान है। वहाँ वे अपने दु: ख के कारण रोएँगे, और अपने दाँत पीसेंगे क्योंकि वे बहुत पीड़ा में होंगे। BSB BSB: And they will throw them into the fiery furnace, where there will be weeping and gnashing of teeth.
43 HGST हालाँकि, जिन लोगों ने अपने कार्यों से परमेश्वर को प्रसन्न किया है, वे स्वर्ग में उसके साथ महिमा पाएँगे जब वह एक प्रेमी पिता के रूप में उन पर शासन करेगा। जो कोई सुनने के लिए इच्छुक है, वह सुन ले जो मैं कहता हूँ। BSB BSB: Then the righteous will shine like the sun in the kingdom of their Father. He who has ears, let him hear.
44 HGST “जब परमेश्वर स्वर्ग से शासन करने के लिए लोगों को अपने लोग बनाता है, तो यह उस खजाने की तरह है जो एक मनुष्य को मिला था जिसे किसी दूसरे व्यक्ति ने एक खेत में गाड़ दिया था। जब उसने इसे खोदा, तो उसने इसे फिर से गाड़ दिया ताकि यह किसी और को न मिल जाए। फिर वह प्रसन्न होकर गया और उस खेत को खरीदने के लिए धन जुटाने के लिए अपनी सारी सम्पत्ति बेच दी। फिर उसने जाकर वह खेत खरीदकर उस खजाने को हासिल कर लिया। BSB BSB: The kingdom of heaven is like treasure hidden in a field. When a man found it, he hid it again, and in his joy he went and sold all he had and bought that field.
45 HGST साथ ही, जब परमेश्वर स्वर्ग से शासन करने के लिए लोगों को अपने लोग बनाता है, तो यह उस व्यापारी के जैसा है जो खरीदने के लिए बहुत मूल्यवान मोती खोज रहा था। BSB BSB: Again, the kingdom of heaven is like a merchant in search of fine pearls.
46 HGST जब उसे एक बहुत मूल्यवान मोती मिला जो बिक्री के लिए था, तो उसने उस मोती को खरीदने के लिए पर्याप्त धन इकट्ठा करने हेतु अपनी सारी सम्पत्ति बेच दी। फिर उसने जाकर उसे खरीद लिया। BSB BSB: When he found one very precious pearl, he went away and sold all he had and bought it.
47 HGST उसी रीति से, जब परमेश्वर स्वर्ग से शासन करने के लिए लोगों को अपने लोग बनाता है, तो यह वैसा ही है जैसा उस समय होता है जब मछुआरे समुद्र में अपना जाल डालते हैं। वे सभी प्रकार की मछलियाँ पकड़ते हैं, जो उपयोगी और बेकार दोनों तरह की मछलियाँ होती हैं। BSB BSB: Once again, the kingdom of heaven is like a net that was cast into the sea and caught all kinds of fish.
48 HGST जब जाल भर गया, तो मछुआरे इसे किनारे पर खींच लाए। फिर उन्होंने वहाँ बैठकर अच्छी मछलियों को तो बर्तनों में डाला, परन्तु बेकार मछलियों को उन्होंने फेंक दिया। BSB BSB: When it was full, the men pulled it ashore. Then they sat down and sorted the good fish into containers, but threw the bad away.
49 HGST यह वैसा ही है जैसा संसार के अंत के समय लोगों के साथ होगा। जहाँ परमेश्वर लोगों का न्याय करेगा, स्वर्गदूत वहाँ आकर दुष्ट लोगों को धर्मी लोगों से अलग करेंगे। BSB BSB: So will it be at the end of the age: The angels will come and separate the wicked from the righteous
50 HGST स्वर्गदूत दुष्टों को नरक की आग में फेंक देंगे। वहाँ वे अपने दु: ख के कारण रोएँगे, और अपने दाँत पीसेंगे क्योंकि वे बहुत पीड़ा में होंगे।” BSB BSB: and throw them into the fiery furnace, where there will be weeping and gnashing of teeth.
51 HGST तब यीशु ने चेलों से पूछा,“क्या तुम ये सब दृष्टान्त समझते हो जो मैंने तुम्हें बताए हैं?” उन्होंने उससे कहा,“हाँ, हम उन्हें समझते हैं।” BSB BSB: Have you understood all these things?” “Yes,” they answered.
52 HGST तब उसने कहा,“व्यवस्था के वे शिक्षक जो परमेश्वर के लोग बन गए हैं जिन पर वह स्वर्ग से शासन करता है, वे उस घर के स्वामी के समान हैं जो अपने खजाने से नयी और पुरानी वस्तुएँ बाँटता है। उसी रीति से, व्यवस्था का शिक्षक लोगों को पुरानी शिक्षाओं के साथ- साथ मेरी ओर से मिलने वाली नयी शिक्षाएँ भी सिखाता है।” BSB BSB: Then He told them, “For this reason, every scribe who has been discipled in the kingdom of heaven is like a homeowner who brings out of his storeroom new treasures as well as old.”
53 HGST जब यीशु ने ये दृष्टान्त बताना समाप्त किया, तो वह उस क्षेत्र से चला गया। BSB BSB: When Jesus had finished these parables, He withdrew from that place.
54 HGST तब यीशु नासरत नगर में गया, जो उसका गृहनगर था। सब्त के दिन वह आराधनालय में लोगों को शिक्षा देने लगा। इसका परिणाम यह हुआ कि वहाँ के लोग चकित हुए, और कुछ लोग कह रहे थे,“इस मनुष्य को यह बुद्धि और आश्चर्यकर्म करने की क्षमता कहाँ से मिली? BSB BSB: Coming to His hometown, He taught the people in their synagogue, and they were astonished. “Where did this man get such wisdom and miraculous powers?” they asked.
56 HGST और इसकी सब बहनें भी यहाँ हमारे नगर में ही रहती हैं। अत: यह शिक्षा देने में और ये सब काम करने में सक्षम कैसा हुआ?” BSB BSB: Aren’t all His sisters with us as well? Where then did this man get all these things?”
57 HGST वहाँ के लोगों ने पाप किया और यह स्वीकार करने से इन्कार कर दिया कि यीशु के पास ऐसा अधिकार है। अत: यीशु ने उनसे कहा,“किसी भी अन्य जगह पर जहाँ हम जाते हैं, लोग मेरा और दूसरे भविष्यद्वक्ताओं का आदर करते हैं, परन्तु हमारे गृहनगरों में और हमारे अपने परिवारों में हमारा आदर नहीं होता।” BSB BSB: And they took offense at Him. But Jesus said to them, “Only in his hometown and in his own household is a prophet without honor.”
58 HGST यीशु ने वहाँ बहुत से आश्चर्यकर्म नहीं किए, क्योंकि लोगों ने यह विश्वास नहीं किया कि उसके पास ऐसा अधिकार है। BSB BSB: And He did not do many miracles there, because of their unbelief.