2 HGST कुछ लोग विश्वास करते हैं कि वे सभी प्रकार के भोजन खा सकते हैं। दूसरे लोग विश्वास करते हैं कि परमेश्वर नहीं चाहता कि वे कुछ वस्तुएँ खाएँ, अत: वे विश्वास करते हैं कि उन्हें केवल सब्जियाँ ही खानी चाहिए। BSB BSB: For one person has faith to eat all things, while another, who is weak, eats only vegetables.
3 HGST { मसीह विश्वासी} जो कोई यह सोचे कि सभी प्रकार के भोजन खाना बिलकुल सही है, तो उसे उन लोगों को तुच्छ नहीं समझना चाहिए जो ऐसा नहीं सोचते हैं। जो कोई यह सोचे कि सभी प्रकार के भोजन खाना बिलकुल सही नहीं है, तो उसे उन लोगों को दोषी नहीं ठहराना चाहिए जो अलग तरह से सोचते हैं, क्योंकि स्वयं परमेश्वर ने उन लोगों को स्वीकार किया है। BSB BSB: The one who eats everything must not belittle the one who does not, and the one who does not eat everything must not judge the one who does, for God has accepted him.
4 HGST जब तुम किसी दूसरे के सेवक का मूल्यांकन करते हो तो तुम गलत हो। हम सब परमेश्वर के सेवक हैं, अत: परमेश्वर हम सब का स्वामी है। वही है जो यह निर्धारित करेगा कि उन लोगों ने गलत किया है या नहीं! इस सम्बन्ध में किसी को भी दूसरे का न्याय नहीं करना चाहिए, क्योंकि वह उन्हें अपने प्रति विश्वासयोग्य रखने में सक्षम है। BSB BSB: Who are you to judge someone else’s servant? To his own master he stands or falls. And he will stand, for the Lord is able to make him stand.
6 HGST जहाँ तक उन लोगों की बात है जो विश्वास करते हैं कि उन्हें सप्ताह के किसी निश्चित दिन आराधना करनी चाहिए, तो वे उस दिन आराधना करके प्रभु का सम्मान करते हैं। और जहाँ तक उन लोगों की बात है जो सोचते हैं कि सभी प्रकार के भोजन खाना बिलकुल सही है, तो वे उन भोजनों को खाकर प्रभु का सम्मान करते हैं, क्योंकि वे अपने भोजन के लिये परमेश्वर का धन्यवाद करते हैं। जहाँ तक उन लोगों की बात है जो विशेष प्रकार के भोजन को खाने से परहेज करते हैं, तो वे उन भोजनों को न खाकर प्रभु का सम्मान करते हैं, और वे उस भोजन के लिये भी परमेश्वर का धन्यवाद करते हैं जो वे खाते हैं। अत: ये लोग गलत नहीं हैं, भले ही वे अलग तरह से सोचते हों। BSB BSB: He who observes a special day does so to the Lord; he who eats does so to the Lord, for he gives thanks to God; and he who abstains does so to the Lord and gives thanks to God.
7 HGST हममें से किसी को भी केवल अपने आप को प्रसन्न करने के लिये जीवन नहीं बिताना चाहिए, और हममें से किसी को भी यह नहीं सोचना चाहिए कि जब हम मरते हैं, तो इसका प्रभाव केवल हम पर ही पड़ता है। BSB BSB: For none of us lives to himself alone, and none of us dies to himself alone.
8 HGST जब तक हम जीवित हैं,{ मसीह विश्वासी} तो हम प्रभु के हैं और हमें केवल अपने आप को नहीं, परन्तु उसे प्रसन्न करने का प्रयत्न करना चाहिए। और जब हम मरते हैं, तो यह प्रभु ही है जिसे हमें प्रसन्न करने का प्रयत्न करना चाहिए। अत:, जब तक हम जीवित हैं और जब हम मरते हैं, तब भी हमें प्रभु को प्रसन्न करने का प्रयत्न करना चाहिए, क्योंकि हम उसी के हैं। BSB BSB: If we live, we live to the Lord, and if we die, we die to the Lord. So whether we live or die, we belong to the Lord.
9 HGST क्योंकि मसीह मरकर फिर से जीवित हो गया ताकि वह प्रभु हो सके जिसकी आज्ञा का पालन सब लोगों को अर्थात् जीवित और मृत दोनों को करना चाहिए। BSB BSB: For this reason Christ died and returned to life, that He might be the Lord of both the dead and the living.
10 HGST यह लज्जा की बात है कि तुम जो कुछ नियमों का पालन करते हो, कहते हो कि परमेश्वर उन नियमों का पालन नहीं करने वाले तुम्हारे साथी विश्वासियों को दण्डित करेगा। क्योंकि परमेश्वर हममें से हर एक का न्याय करेगा। BSB BSB: Why, then, do you judge your brother? Or why do you belittle your brother? For we will all stand before God’s judgment seat.
11 HGST हम यह इसलिए जानते हैं क्योंकि यह पवित्रशास्त्र में लिखा है:“हर कोई मेरे सामने झुकेगा! और हर कोई मेरी प्रशंसा करेगा।” BSB BSB: It is written: “As surely as I live, says the Lord, every knee will bow before Me; every tongue will confess to God.”
12 HGST अत: हममें से प्रत्येक को परमेश्वर को बताना होगा कि हमने क्या किया है और उसे यह निर्धारित करने देना होगा कि वह इसे मंजूरी देता है या नहीं। BSB BSB: So then, each of us will give an account of himself to God.
13 HGST इसलिए हमें दूसरे विश्वासियों के बारे में राय बनाना बंद कर देना चाहिए। इसके बजाय, हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हम ऐसा कुछ भी न करें जिससे हमारे साथी विश्वासियों को पाप करने का प्रलोभन मिले। BSB BSB: Therefore let us stop judging one another. Instead, make up your mind not to put any stumbling block or obstacle in your brother’s way.
15 HGST यदि तुम ऐसा भोजन खाओ जिसे कोई साथी विश्वासी खाने के लिये गलत समझता हो, तो तुम उसे परमेश्वर की आज्ञा का पालन करना बंद करने के लिये प्रेरित कर सकते हो। तुम अब उससे प्रेम नहीं करोगे। किसी भी साथी विश्वासी को मसीह पर भरोसा करना बंद करने के लिये प्रेरित न करो। आखिरकार, मसीह उसके लिये भी मरा था! BSB BSB: If your brother is distressed by what you eat, you are no longer acting in love. Do not by your eating destroy your brother, for whom Christ died.
16 HGST इसी रीति से, ऐसा कुछ न करो जिसे साथी विश्वासी बुरा कहें, भले ही तुम्हें लगता हो कि यह अच्छा है। BSB BSB: Do not allow what you consider good, then, to be spoken of as evil.
17 HGST जब परमेश्वर हमारे जीवन बिताने के तरीके पर शासन करता है, तो हम इस बारे में चिन्ता नहीं करते कि हम क्या खाते और पीते हैं। इसके बजाय, हम इस बारे में सोचते हैं कि उसकी आज्ञा का पालन करने, एक- दूसरे के साथ शान्ति बनाए रखने और पवित्र आत्मा के कारण आनन्दित होने का सही तरीका क्या है। BSB BSB: For the kingdom of God is not a matter of eating and drinking, but of righteousness, peace, and joy in the Holy Spirit.
18 HGST जो लोग इन तरीकों से व्यवहार करके मसीह की सेवा करते हैं, वे परमेश्वर को प्रसन्न करते हैं, और दूसरे भी उनका आदर करेंगे। BSB BSB: For whoever serves Christ in this way is pleasing to God and approved by men.
19 HGST अत: हमें सर्वदा उत्सुकतापूर्वक से ऐसे तरीके से जीवन बिताने का प्रयत्न करना चाहिए जिससे साथी मसीही विश्वासियों के बीच शान्ति बनी रहे, और हमें ऐसा करने का प्रयत्न करना चाहिए जो एक- दूसरे को मसीह पर भरोसा करने और उसकी आज्ञा का पालन करने में सहायता करे। BSB BSB: So then, let us pursue what leads to peace and to mutual edification.
20 HGST परमेश्वर ने जो किया है उसे बर्बाद मत करो क्योंकि{ तुम कुछ खास खाद्य पदार्थ खाना चाहते हो}! परमेश्वर हमें सभी{ प्रकार के भोजन} खाने की अनुमति देता है। हालाँकि, किसी के लिए{ कुछ खाद्य पदार्थ} खाना पाप है अगर ऐसा करने से{ तुम्हारा साथी विश्वासी} पाप करने के लिए प्रेरित होता है। BSB BSB: Do not destroy the work of God for the sake of food. All food is clean, but it is wrong for a man to let his eating be a stumbling block.
21 HGST बेहतर है कि आप मांस न खाएं, या शराब न पिएं, या ऐसा कुछ भी न करें जो आपके साथी विश्वासी को पाप करने के लिए लुभाए,या जो उस व्यक्ति को ठोकर खिला सकता है या उस व्यक्ति को आत्मिक रूप से अपरिपक्व रहने का कारण बन सकता है । BSB BSB: It is better not to eat meat or drink wine or to do anything to cause your brother to stumble.
22 HGST जो तुम मानते हो{ जिसे करने की अनुमति परमेश्वर तुम्हें देता है} उसे अपने और परमेश्वर के बीच ही रखो। जो व्यक्ति जो सही मानता है उसके बारे में दोषी महसूस नहीं करता वह धन्य है। BSB BSB: Keep your belief about such matters between yourself and God. Blessed is the one who does not condemn himself by what he approves.
23 HGST परन्तु कुछ विश्वासियों को डर रहता है कि यदि वे विशेष प्रकार के भोजन खाएँगे तो परमेश्वर प्रसन्न नहीं होगा। और वास्तव में, यदि वे वह नहीं करते जो उन्हें सही लगता है तो वह कहेगा कि उन्होंने गलत किया है। यदि हम बिना यह सुनिश्चित किए कुछ करते हैं कि परमेश्वर इसकी मंजूरी देता है, तो हम पाप करते हैं। BSB BSB: But the one who has doubts is condemned if he eats, because his eating is not from faith; and everything that is not from faith is sin.
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