1 IEV तब अय्यूब ने उत्तर दिया: BSB BSB: Then Job answered:
2 IEV “तुम तीनों कब तक मुझे पीड़ित करोगे और दुष्ट कहकर मुझे हतोत्साह करोगे? BSB BSB: “How long will you torment me and crush me with your words?
3 IEV तुमने मुझे कई बार अपमानित किया है; क्या तुम मुझसे ऐसी बातें करते समय लज्जित नहीं हो? BSB BSB: Ten times now you have reproached me; you shamelessly mistreat me.
4 IEV भले ही यह सच हो कि मैंने गलत किया था, मैंने तुम्हें घायल नहीं किया है! BSB BSB: Even if I have truly gone astray, my error concerns me alone.
5 IEV यदि तुम वास्तव में सोचते हो कि तुम मुझसे अधिक अच्छे हो, और यदि तुम तर्क देते हो कि मुझे दोषी होना चाहिए क्योंकि मैं पीड़ित हूँ, BSB BSB: If indeed you would exalt yourselves above me and use my disgrace against me,
6 IEV तुमको यह जान लेना चाहिए कि यह परमेश्वर हैं जिन्होंने मुझे पीड़ा दी है। ऐसा लगता है कि मानों उनके पास जाल है और यह कि उन्होंने मुझे इसमें फँसा लिया है। BSB BSB: then understand that it is God who has wronged me and drawn His net around me.
7 IEV मैं पुकारता हूँ,‘लोग मेरी हत्या कर रहे हैं!’, परन्तु कोई भी मुझे उत्तर नहीं देता है। मैं ऊँचे स्वर में चिल्लाता हूँ, परन्तु वहाँ कोई भी नहीं है, परमेश्वर भी नहीं, जो मेरे साथ निष्पक्षता का व्यवहार करे। BSB BSB: Though I cry out, ‘Violence!’ I get no response; though I call for help, there is no justice.
8 IEV ऐसा लगता है कि परमेश्वर ने मेरी सड़क को रोकने कर दिया है, और मैं कहीं भी नहीं जा सकता; ऐसा लगता है कि मानों उन्होंने मुझे अन्धकार में सड़क खोजने के लिए विवश कर दिया है। BSB BSB: He has blocked my way so I cannot pass; He has veiled my paths with darkness.
9 IEV उन्होंने मेरी अच्छी प्रतिष्ठा को दूर कर दिया है; ऐसा लगता है कि मानों उन्होंने मेरे सिर पर से मुकुट को हटा दिया है। BSB BSB: He has stripped me of my honor and removed the crown from my head.
10 IEV वह चारों ओर से मुझ पर वार करते हैं, और मैं शीघ्र ही मर जाऊँगा। अब मैं उनसे अपेक्षा नहीं करता कि वह मेरे लिए कुछ भी अच्छा करे। BSB BSB: He tears me down on every side until I am gone; He uproots my hope like a tree.
11 IEV वह मुझ पर आक्रमण करते हैं क्योंकि वह मुझसे बहुत क्रोधित हैं; वह मुझे अपने शत्रु जैसा मानते हैं। BSB BSB: His anger burns against me, and He counts me among His enemies.
12 IEV ऐसा लगता है कि मानों वह मुझ पर आक्रमण करने के लिए अपनी सेना भेज रहे थे; वे मेरे तम्बू को घेरते हैं और मुझ पर आक्रमण करने के लिए तैयार होते हैं। BSB BSB: His troops advance together; they construct a ramp against me and encamp around my tent.
13 IEV परमेश्वर ने मेरे भाइयों को मुझे त्याग देने के लिए, और जो मुझे जानते हैं उन सबको मेरे साथ अपरिचित मनुष्यों का सा व्यवहार करने के लिए प्रेरित किया है। BSB BSB: He has removed my brothers from me; my acquaintances have abandoned me.
14 IEV मेरे सब सम्बन्धियों और अच्छे मित्रों ने मुझे छोड़ दिया है। BSB BSB: My kinsmen have failed me, and my friends have forgotten me.
15 IEV जो लोग मेरे घर में अतिथि थे वे मुझे भूल गए हैं, और मेरी दासियाँ मुझे विदेशी मानती हैं जिसे वे नहीं जानती हैं। BSB BSB: My guests and maidservants count me as a stranger; I am a foreigner in their sight.
16 IEV जब मैं अपने दासों को बुलाता हूँ, तो वे उत्तर नहीं देते; जब मैं उनसे सहायता करने के लिए अनुरोध करता हूँ, तो वे नहीं आते हैं। BSB BSB: I call for my servant, but he does not answer, though I implore him with my own mouth.
17 IEV मेरी साँस मेरी पत्नी को दुर्गन्ध लगती है, इसलिए वह मुझसे दूर रहती है, और मेरे भाई मुझसे घृणा करते हैं। BSB BSB: My breath is repulsive to my wife, and I am loathsome to my own family.
18 IEV यहाँ तक कि छोटे बच्चे भी मुझे तुच्छ समझते हैं; जब मैं उनसे बात करने के लिए खड़ा होता हूँ, तो वे मुझ पर हँसते हैं। BSB BSB: Even little boys scorn me; when I appear, they deride me.
19 IEV मेरे प्रिय मित्र मुझसे घृणा करते हैं, और जिन्हें मैं बहुत प्रेम करता हूँ, वे मेरे विरुद्ध हो गए हैं। BSB BSB: All my best friends despise me, and those I love have turned against me.
20 IEV मेरा शरीर केवल त्वचा और हड्डियाँ है; मैं कठिन से ही जीवित हूँ। BSB BSB: My skin and flesh cling to my bones; I have escaped by the skin of my teeth.
21 IEV हे मेरे तीनों मित्रों, मैं तुमसे विनती करता हूँ, मुझ पर दया करो क्योंकि परमेश्वर ने मुझे बहुत कठोरता से मारा है। BSB BSB: Have pity on me, my friends, have pity, for the hand of God has struck me.
22 IEV क्यों तुम भी मुझे पीड़ित करते हो? क्या तुम अपने को परमेश्वर समझते हो? क्यों तुम मुझ पर गलत करने का आरोप लगाने के लिए पर्याप्त बातें कभी नहीं पाते हो? BSB BSB: Why do you persecute me as God does? Will you never get enough of my flesh?
23 IEV मेरी इच्छा है कि कोई मेरे इन शब्दों को ले- ले और उन्हें एक पुस्तक में स्थायी रूप से लिख दे कि लोग उन्हें पढ़ सकें। BSB BSB: I wish that my words were recorded and inscribed in a book,
24 IEV अन्यथा, मेरी इच्छा है कि कोई छेनी से मेरे शब्दों को एक चट्टान पर खोद दे कि वे हमेशा के लिए बने रहें। BSB BSB: by an iron stylus on lead, or chiseled in stone forever.
25 IEV परन्तु मुझे पता है कि जो अदालत में मेरी निन्दा करता है वह जीवित है, और वह किसी दिन यहाँ पृथ्वी पर खड़ा होगा और अंतिम निर्णय लेगा कि मैं दण्ड होने के योग्य हूँ या नहीं। BSB BSB: But I know that my Redeemer lives, and in the end He will stand upon the earth.
26 IEV बीमारियों ने मेरे शरीर को नष्ट कर दिया है, परन्तु मैं अब भी, मेरे शरीर में परमेश्वर को देखूँगा। BSB BSB: Even after my skin has been destroyed, yet in my flesh I will see God.
27 IEV मैं स्वयं उसे देखूँगा; मैं उसे अपनी स्वयं की आँखों से देखूँगा! मेरी भावनाएँ मुझ पर प्रबल हो जाती हैं जब मैं इसके विषय में सोचता हूँ! BSB BSB: I will see Him for myself; my eyes will behold Him, and not as a stranger. How my heart yearns within me!
28 IEV यदि तुम तीन पुरुष कहो,‘इस तरह हम उसे पीड़ित करेंगे!’ और तुम कहो,‘इसने अपनी परेशानियाँ स्वयं उत्पन्न की हैं,’ BSB BSB: If you say, ‘Let us persecute him, since the root of the matter lies with him,’
29 IEV तो तुमको डरना चाहिए कि परमेश्वर तुम्हें दण्ड देंगे; वह तुम्हारे जैसे लोगों को दण्ड देते हैं जिनसे वह क्रोधित हैं; और जब ऐसा होगा, तब तुम जान लोगे कि कोई है जो लोगों का न्याय करता है।” BSB BSB: then you should fear the sword yourselves, because wrath brings punishment by the sword, so that you may know there is a judgment.”
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